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देवरिया की देन है कांग्रेस का चुनाव निशान
Mon, 15 Apr 2019 01:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:14 AM IST
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- फोटो : twitter
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आपातकाल के बाद हुए लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद इंदिरा गांधी देवरहा बाबा की शरण में आई थीं। तब बाबा ने उन्हें हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया था और इसी हाथ से कल्याण होने की बात कही थी। इसके बाद इंदिरा गांधी ने हाथ के पंजे को चुनाव निशान बनाया और सत्ता में वापसी की। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि कांची पीठ के शंकराचार्य चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती के आशीर्वाद से प्रभावित होकर इंदिरा गांधी ने यह निशान चुना था।
सरयू नदी के तट पर स्थित देवरहा बाबा आश्रम की कीर्ति देश-दुनिया में है। तमाम राजनेता भी उनका आशीर्वाद लेने आते थे। आश्रम के मौजूदा महंत श्याम सुंदर दास के मुताबिक आपातकाल के बाद (वर्ष 1977) हुए लोकसभा चुनाव में इंदिरा कांग्रेस की करारी हार हुई थी। चुनाव निशान गाय-बछड़ा था। हार से मायूस इंदिरा बाबा से मिलने देवरिया आईं। पंटून पुल से उनका काफिला आश्रम पहुंचा था। बाबा मचान पर बैठे थे। इंदिरा जी ने बाबा से प्रार्थना की कि मार्ग सुझाएं। तब बाबा ने अपने अंदाज में हाथ उठाकर उन्हें आशीर्वाद देते हुए हाथ से ही कल्याण होने की बात कही। यहां से लौटने के कुछ महीनों बाद ही कांग्रेस के आवेदन को स्वीकार करते हुए चुनाव आयोग ने हाथ का पंजा चुनाव निशान आवंटित किया। इसी निशान पर कांग्रेस 1980 के चुनाव में लड़ी और सत्ता में आई। देवरिया गांव निवासी बुजुर्ग रमाकांत यादव बताते हैं कि बाबा से अक्सर राजनेता मिलने आते थे। इंदिरा गांधी भी उनकी भक्त थीं।
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सरयू नदी के तट पर स्थित देवरहा बाबा आश्रम की कीर्ति देश-दुनिया में है। तमाम राजनेता भी उनका आशीर्वाद लेने आते थे। आश्रम के मौजूदा महंत श्याम सुंदर दास के मुताबिक आपातकाल के बाद (वर्ष 1977) हुए लोकसभा चुनाव में इंदिरा कांग्रेस की करारी हार हुई थी। चुनाव निशान गाय-बछड़ा था। हार से मायूस इंदिरा बाबा से मिलने देवरिया आईं। पंटून पुल से उनका काफिला आश्रम पहुंचा था। बाबा मचान पर बैठे थे। इंदिरा जी ने बाबा से प्रार्थना की कि मार्ग सुझाएं। तब बाबा ने अपने अंदाज में हाथ उठाकर उन्हें आशीर्वाद देते हुए हाथ से ही कल्याण होने की बात कही। यहां से लौटने के कुछ महीनों बाद ही कांग्रेस के आवेदन को स्वीकार करते हुए चुनाव आयोग ने हाथ का पंजा चुनाव निशान आवंटित किया। इसी निशान पर कांग्रेस 1980 के चुनाव में लड़ी और सत्ता में आई। देवरिया गांव निवासी बुजुर्ग रमाकांत यादव बताते हैं कि बाबा से अक्सर राजनेता मिलने आते थे। इंदिरा गांधी भी उनकी भक्त थीं।
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