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भूख से बच्चों को तड़पता देख पिता ने जान दी
siddharthnagar
Updated Sat, 06 Oct 2018 10:36 PM IST
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रामकुमार।(फाइल फोटो।)
- फोटो : अमर उजाला
बर्डपुर (सिद्धार्थनगर)। तीन दिन से बच्चों को भूख से तड़पते देख एक युवक अपनी बेबसी पर इस कदर शर्मिंदा हुआ कि फंदा लगाकर जान दे दी। मोहाना क्षेत्र के बर्डपुर में हुई इस घटना ने पड़ोसियों को भी झकझोर दिया है।
मृतक राजकुमार (28) करीब तीन माह पूर्व सूरत से परिवार के साथ आकर बर्डपुर में रहने लगा था। जीवनयापन के लिए उसने मकान के सामने पान की गुमटी खोल ली, लेकिन उसके नहीं चलने से उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई। बिलखती हुई पत्नी रीना ने बताया कि घर में तीन दिन से खाने के लिए एक भी दाना नहीं था। तीन बच्चे विशाल (6), विजय (4) और अजय (9 माह) भूख से व्याकुल थे। इस बीच शुक्रवार रात विजय की तबीयत खराब हो गई। शनिवार सुबह रामकुमार ने उसे पैसे का इंतजाम करके अस्पताल पहुंचने की बात कहकर बेटे का उपचार कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल भेज दिया। जब वह अस्पताल नहीं पहुंचे तो वह वापस घर आ गई। यहां पति का शव घर की छत से निकले सरिये में फंदे से लटका हुआ देखकर उसकी चीख निकल पड़ी। उसने कहा कि गरीबी की वजह से बच्चों को भूख से तड़पता देख पति ने जान दी है। रीना ने बताया कि राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक नहीं बना है। सूचना मिलने पर सदर तहसीलदार संतोष कुमार ओझा और लेखपाल ने पहुंचकर रीना का बयान लिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
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मृतक राजकुमार (28) करीब तीन माह पूर्व सूरत से परिवार के साथ आकर बर्डपुर में रहने लगा था। जीवनयापन के लिए उसने मकान के सामने पान की गुमटी खोल ली, लेकिन उसके नहीं चलने से उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई। बिलखती हुई पत्नी रीना ने बताया कि घर में तीन दिन से खाने के लिए एक भी दाना नहीं था। तीन बच्चे विशाल (6), विजय (4) और अजय (9 माह) भूख से व्याकुल थे। इस बीच शुक्रवार रात विजय की तबीयत खराब हो गई। शनिवार सुबह रामकुमार ने उसे पैसे का इंतजाम करके अस्पताल पहुंचने की बात कहकर बेटे का उपचार कराने के लिए प्राइवेट अस्पताल भेज दिया। जब वह अस्पताल नहीं पहुंचे तो वह वापस घर आ गई। यहां पति का शव घर की छत से निकले सरिये में फंदे से लटका हुआ देखकर उसकी चीख निकल पड़ी। उसने कहा कि गरीबी की वजह से बच्चों को भूख से तड़पता देख पति ने जान दी है। रीना ने बताया कि राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक नहीं बना है। सूचना मिलने पर सदर तहसीलदार संतोष कुमार ओझा और लेखपाल ने पहुंचकर रीना का बयान लिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
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