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एयरफोर्स का एयर शो : आसमान में दिखी महायोद्धाओं की ताकत
Updated Wed, 27 Sep 2017 01:15 AM IST
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गोरखपुर।
जमीन से 100 मीटर की ऊंचाई पर जब एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने गोते लगाए तो मौके पर मौजूद लोग रोमांचित हो उठे और बोले, यह दृश्य न भूलने वाला है। विमानों से तिरंगे के रंग निकले तो सभी ने सलामी दी। जय हिंद और वंदे मातरम के नारे लगाए।
यह मौका था, एयरफोर्स के 85वें एयर शो का। मंगलवार को नंदानगर स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एयर शो में सेना के जांबाजों ने लड़ाकू विमानों के साथ एक से एक हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। जगुआर, एम-17 हेलीकॉप्टर, सूर्य किरण और गरुड़ प्रदर्शनी के लिए रखे गए थे। रनवे से फाइटर प्लेनों ने उड़ान भरी तो माहौल में तालियों की गूंज फैल गईं। हैरतअंगेज कलाबाजियां देख हर कोई दांतों तले अंगुली दबाए मिला। फाइटर ट्रेनर प्लेन किरन ने हवा में गोते लगाकर सबका दिल जीत लिया। एयर वॉरियर ड्रिल, आकाश गंगा टीम, क्रैकर शो और रनवे लाइट का भी प्रदर्शन किया गया। एयरफोर्स के जांबाज हैंड प्ले, सीआरडब्ल्यू फॉरमेशन के साथ ऊंचाई से कूदे और बिना पैराशूट के जमीन तक पहुंचे। इस दौरान शस्त्रों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। हाथों में रायफल को खिलौनों की तरह लहराते जांबाज रनवे पर दौड़ते रहे। फ्लश फॉरमेशन, जिग जैक, ड्रिल फॉरमेशन, डबल लाइन फॉरमेशन के माध्यम से टीम वर्क का बेहतरीन नमूना पेश किया गया। माइक्रोलाइट की उड़ान ने हवा में तरह-तरह की कलाबाजियां कर सबको रोमांचित कर दिया। एमआई-17 हैलीकॉप्टर ने भी अपना दम दिखाया। इससे पहले एयर कमोडोर अरुण मलिक ने शो का उद्घाटन किया। शो देखने के लिए कई स्कूलों के विद्यार्थी भी पहुंचे थे। इन्होंने प्रदर्शनी में रखे गए लड़ाकू विमानों के बारे में जानकारी भी जुटाई।
यहां के छात्रों ने देखा शो
केंद्रीय विद्यालय नंबर एक, एयर फोर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका, नवल्स एकेडमी और जीपीएस।
‘अंकल, एक राउंड में कितनी गोलियां चलेंगी’
आम तौर पर मूवी, कार्टून और दीवाली में पटाखों की आवाज पर उछलने वाले बच्चे मंगलवार को आंखों के सामने रॉकेट और एक राउंड में सैकड़ों राउंड गोलियां चलाने वाले बंदूकों को देखकर रोमांचित हो उठे। प्रदर्शनी में लगे विमानों के पास पहुंचते ही बच्चों ने प्रशिक्षक से सवाल पूछने शुरू कर दिए। जगुआर के पास रखी बड़ी गन देख छात्र ने पूछा, ‘अंकल एक बार में कितनी गोलियां चलती हैं?’ ट्रेनर ने बताया, 500 राउंड। यह सुन छात्रों की आंखें चमक उठीं। दूसरे छात्र ने पूछा, ‘ये रॉकेट भी ले जा सकती है क्या?’ जवाब मिला, हां। इतने पर भी जिज्ञासा शांत नहीं हुई तो इनके बीच से एक-एक कर और भी कई सवाल आए, मसलन ‘ये बम कितने टेररिस्ट को मार डालेगा। स्पीड क्या है, कितने लोग बैठ सकते हैं, इसमें रडार है या नहीं, मेरी गेम में तो है।’ इन सवालों को सुनकर प्रशिक्षक भी चकरा गए।
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कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका
प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को बताया कि जगुआर और एम-17 हेलीकॉप्टर ने कारगिल की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। जगुआर ने दुश्मनों के दांत खट्टे करने के साथ ही कई टेररिस्ट मार गिराए थे। वहीं, एम-17 हेलीकॉप्टर ने दुर्गम पहाड़ियों में सैनिकों को पहुंचाने, घायलों को लाने, राशन पहुंचाने समेत अन्य कामों में भूमिका निभाई थी।
अपने पापा पर नाज है इन्हें
गोरखपुर। अमूमन अपनों को जोखिम भरे करतब करते हुए देखना किसी के लिए भी सहज नहीं होता। चिंता और घबराहट घरवालों के माथे पर शिकन ला ही देती है, मगर एयर शो के दौरान दो बच्चे ऐसे भी थे। जो माइक्रोलाइट वायुयान से हैरतअंगेज करतब दिखा रहे अपने पापा का उत्साहवर्धन कर रहे थे। हर कलाबाजी पर औरों से ज्यादा चीयर्स कर रहे थे। उदयवीर सिंह (13) और रणवीर सिंह (6) के पिता विंग कमांडर पन्नु एयर शो में माइक्रोलाइट वायुयान के पायलट थे। उनकी मां भी एयरफोर्स की अधिकारी हैं। एयर शो के दौरान वह भी आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। उदयवीर ने बताया कि उन्हें अपने पापा पर गर्व है। वो दुनिया के सबसे बेहतर पिता हैं।
खतरों के असल खिलाड़ी हैं पैराजंपर्स
आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई से कई बार सफल छलांग लगा चुके पैराजंपर्स असल मायने में खतरों के खिलाड़ी हैं। इनके लिए जंप करना जैसे दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन गया है। इस जोश और जज्बे में देशभक्ति टॉनिक का काम करती है। एयर शो में पैराजंपिग करने वाली नौ सदस्यीय टीम का हर एक सदस्य कुशल पैराजंपिग का ट्रेनर भी है। टीम की अगुवाई कर रहे विंग कमांडर गजानंद यादव ने बताया कि करीब डेढ़ साल की प्रैक्टिस के बाद पैराजंपर्स तैयार होते हैं। ये जान पर खेलने की आदत या कोई बोझ नहीं, बल्कि कर्तव्य और सौभाग्य है। जिसे ये मौका मिला, वही इसकी अहमियत समझ सकता है। नौ सदस्यीय टीम में स्कवाड्रन लीडर आफताब खान, एमडब्ल्यूओ पीएस कार्की, सार्जेंट संदीप, वारंट अफसर आरके मिश्रा, एसएस यादव, विशाल वर्मा, जेडब्ल्यूओ श्रवण, विजय कुमार, आरके तिवारी शामिल हैं।
जमीन से 100 मीटर की ऊंचाई पर जब एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने गोते लगाए तो मौके पर मौजूद लोग रोमांचित हो उठे और बोले, यह दृश्य न भूलने वाला है। विमानों से तिरंगे के रंग निकले तो सभी ने सलामी दी। जय हिंद और वंदे मातरम के नारे लगाए।
यह मौका था, एयरफोर्स के 85वें एयर शो का। मंगलवार को नंदानगर स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित एयर शो में सेना के जांबाजों ने लड़ाकू विमानों के साथ एक से एक हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। जगुआर, एम-17 हेलीकॉप्टर, सूर्य किरण और गरुड़ प्रदर्शनी के लिए रखे गए थे। रनवे से फाइटर प्लेनों ने उड़ान भरी तो माहौल में तालियों की गूंज फैल गईं। हैरतअंगेज कलाबाजियां देख हर कोई दांतों तले अंगुली दबाए मिला। फाइटर ट्रेनर प्लेन किरन ने हवा में गोते लगाकर सबका दिल जीत लिया। एयर वॉरियर ड्रिल, आकाश गंगा टीम, क्रैकर शो और रनवे लाइट का भी प्रदर्शन किया गया। एयरफोर्स के जांबाज हैंड प्ले, सीआरडब्ल्यू फॉरमेशन के साथ ऊंचाई से कूदे और बिना पैराशूट के जमीन तक पहुंचे। इस दौरान शस्त्रों की भी प्रदर्शनी लगाई गई। हाथों में रायफल को खिलौनों की तरह लहराते जांबाज रनवे पर दौड़ते रहे। फ्लश फॉरमेशन, जिग जैक, ड्रिल फॉरमेशन, डबल लाइन फॉरमेशन के माध्यम से टीम वर्क का बेहतरीन नमूना पेश किया गया। माइक्रोलाइट की उड़ान ने हवा में तरह-तरह की कलाबाजियां कर सबको रोमांचित कर दिया। एमआई-17 हैलीकॉप्टर ने भी अपना दम दिखाया। इससे पहले एयर कमोडोर अरुण मलिक ने शो का उद्घाटन किया। शो देखने के लिए कई स्कूलों के विद्यार्थी भी पहुंचे थे। इन्होंने प्रदर्शनी में रखे गए लड़ाकू विमानों के बारे में जानकारी भी जुटाई।
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यहां के छात्रों ने देखा शो
केंद्रीय विद्यालय नंबर एक, एयर फोर्स स्कूल, आर्मी पब्लिक स्कूल, जीडी गोयनका, नवल्स एकेडमी और जीपीएस।
‘अंकल, एक राउंड में कितनी गोलियां चलेंगी’
आम तौर पर मूवी, कार्टून और दीवाली में पटाखों की आवाज पर उछलने वाले बच्चे मंगलवार को आंखों के सामने रॉकेट और एक राउंड में सैकड़ों राउंड गोलियां चलाने वाले बंदूकों को देखकर रोमांचित हो उठे। प्रदर्शनी में लगे विमानों के पास पहुंचते ही बच्चों ने प्रशिक्षक से सवाल पूछने शुरू कर दिए। जगुआर के पास रखी बड़ी गन देख छात्र ने पूछा, ‘अंकल एक बार में कितनी गोलियां चलती हैं?’ ट्रेनर ने बताया, 500 राउंड। यह सुन छात्रों की आंखें चमक उठीं। दूसरे छात्र ने पूछा, ‘ये रॉकेट भी ले जा सकती है क्या?’ जवाब मिला, हां। इतने पर भी जिज्ञासा शांत नहीं हुई तो इनके बीच से एक-एक कर और भी कई सवाल आए, मसलन ‘ये बम कितने टेररिस्ट को मार डालेगा। स्पीड क्या है, कितने लोग बैठ सकते हैं, इसमें रडार है या नहीं, मेरी गेम में तो है।’ इन सवालों को सुनकर प्रशिक्षक भी चकरा गए।
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कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका
प्रशिक्षक ने विद्यार्थियों को बताया कि जगुआर और एम-17 हेलीकॉप्टर ने कारगिल की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। जगुआर ने दुश्मनों के दांत खट्टे करने के साथ ही कई टेररिस्ट मार गिराए थे। वहीं, एम-17 हेलीकॉप्टर ने दुर्गम पहाड़ियों में सैनिकों को पहुंचाने, घायलों को लाने, राशन पहुंचाने समेत अन्य कामों में भूमिका निभाई थी।
अपने पापा पर नाज है इन्हें
गोरखपुर। अमूमन अपनों को जोखिम भरे करतब करते हुए देखना किसी के लिए भी सहज नहीं होता। चिंता और घबराहट घरवालों के माथे पर शिकन ला ही देती है, मगर एयर शो के दौरान दो बच्चे ऐसे भी थे। जो माइक्रोलाइट वायुयान से हैरतअंगेज करतब दिखा रहे अपने पापा का उत्साहवर्धन कर रहे थे। हर कलाबाजी पर औरों से ज्यादा चीयर्स कर रहे थे। उदयवीर सिंह (13) और रणवीर सिंह (6) के पिता विंग कमांडर पन्नु एयर शो में माइक्रोलाइट वायुयान के पायलट थे। उनकी मां भी एयरफोर्स की अधिकारी हैं। एयर शो के दौरान वह भी आयोजन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। उदयवीर ने बताया कि उन्हें अपने पापा पर गर्व है। वो दुनिया के सबसे बेहतर पिता हैं।
खतरों के असल खिलाड़ी हैं पैराजंपर्स
आसमान में हजारों फीट की ऊंचाई से कई बार सफल छलांग लगा चुके पैराजंपर्स असल मायने में खतरों के खिलाड़ी हैं। इनके लिए जंप करना जैसे दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बन गया है। इस जोश और जज्बे में देशभक्ति टॉनिक का काम करती है। एयर शो में पैराजंपिग करने वाली नौ सदस्यीय टीम का हर एक सदस्य कुशल पैराजंपिग का ट्रेनर भी है। टीम की अगुवाई कर रहे विंग कमांडर गजानंद यादव ने बताया कि करीब डेढ़ साल की प्रैक्टिस के बाद पैराजंपर्स तैयार होते हैं। ये जान पर खेलने की आदत या कोई बोझ नहीं, बल्कि कर्तव्य और सौभाग्य है। जिसे ये मौका मिला, वही इसकी अहमियत समझ सकता है। नौ सदस्यीय टीम में स्कवाड्रन लीडर आफताब खान, एमडब्ल्यूओ पीएस कार्की, सार्जेंट संदीप, वारंट अफसर आरके मिश्रा, एसएस यादव, विशाल वर्मा, जेडब्ल्यूओ श्रवण, विजय कुमार, आरके तिवारी शामिल हैं।