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शहर की फिजा में गूंजीं या हुसैन की सदाएं
Updated Tue, 26 Sep 2017 02:07 AM IST
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गोरखपुर।
नौहाख्वानी और सीनाजनी के बीच ‘या हुसैन’ की सदाओं से शहर की फिजा गमगीन हो उठी। जंजीर और कमा से मातम करते हुए शिया समुदाय के मातमी दस्ते जुलूस की शक्ल में सड़क पर निकले तो राहगीर उन्हें निहारते रहे। अंजुमन हुसैनियां के तत्वावधान में निकले इस जुलूस में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को भी बयां किया गया।
जुलूस की शुरुआत सोमवार दोपहर एक बजे बसंतपुर में हाजी मोहम्मद मेहंदी हसन एडवोकेट के आवास से हुई। अलम लिए युवा जुलूस के साथ नौहाख्वानी को मिर्जा अली अब्बास, अफरोज आलम, आबिद, तकी, हसनैन, सैफ़ हसन, साबिर मुंतजिर आदि ने अंजाम दिया। जुलूस मोहम्मद रफ़अत हुसैन और मुसव्विर हुसैन की सरपरस्ती में निकलकर नकी रोड, हालसीगंज होते हुए घंटाघर पहुंचा। या हुसैन की सदाएं बिखेरते हुए चल रहे थे। यहां मोहम्मद मेहंदी हसन एडवोकेट ने जुलूस को संबोधित किया। बोले, हजरत इमाम हुसैन का मिशन इस्लाम को इंसानियत का पैगाम देना था। जुलूस उर्दू बाजार, रेती चौक होता हुआ इमामबाड़ा आगा साहबान जाकर खत्म हुआ। जंजीर और कमा से शादाब, दानिश, तहव्वर हुसैन, ताहा, आमिर, कामिल, दिलशाद, हसन, हसनैन, अमन, सलमान, तकी, तालिब, राज, फहीम, फरहान, इमाम आदि ने मातम किया।
‘यादे हुसैन’ का हुआ आयोजन
जाफरा बाजार स्थित सब्जपोश मस्जिद के मैदान में सोमवार को ‘यादे हुसैन’ का आयोजन हुआ। कुरान पाक की तिलावत से इसकी शुरुआत हुई। नात शरीफ हाफिज रहमत अली और महमूद रज़ा ने पढ़ी। हाफिज महमूद रजा ने पढ़ा, ‘होकर शहीद, जिंदगी-ए-जाविदा मिली।’ संचालन हाफिज रहमत अली निजामी ने किया। मुख्य वक्ता मुफ्ती अख्तर हुसैन और विशिष्ट वक्ता मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार के मौलाना मोहम्मद इदरीश निजामी थे। इस मौके पर हाफिज रेयाज अहमद, रहमत अली, मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी आदि मौजूद रहे।
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कर्बला के शहीदों के लिए हुई फातिहा
गोरखपुर। मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार में सोमवार को शोहदा-ए-कर्बला के लिए फातिहा ख्वानी व दुआख्वानी हुई। इस मौके पर मुफ्ती अख्तर हुसैन ने लोगों को संबोधित किया। इसके बाद ‘खिचड़े’ का सामूहिक भोज हुआ। इस दौरान हाफिज महमूद रजा कादरी, नवेद आलम, मोहम्मद आजम, सूफी निसार, हाफिज नजरे आलम कादरी, मौलाना कासिम, मौलाना इदरीश आदि मौजूद रहे।
जारी रहा मजलिसों का दौर
गोरखपुर। नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां मस्जिद में मजलिस के चौथे दिन मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि हजरत सैयदना इमाम हुसैन ने इस्लाम धर्म के सिद्धांत को अपने जीवन का आदर्श माना था और वे उन्हीं आदर्शों के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते रहे। इस मौके पर दरगाह सदर इकरार अहमद, मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही, कारी शराफत हुसैन कादरी, कारी फिरोज आदि मौजूद रहे। मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत मजहरुल उलूम घोषीपुरवा, गाजी मस्जिद गाजी रौजा, जामा मस्जिद मुकीम शाह बुलाकीपुर, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर, मस्जिद हसनैन घासीकटरा, रजा मस्जिद कसाई टोला जाफरा बाजार, बेलाली मस्जिद अलहदादपुर सहित करीब 25 से ज्यादा मस्जिदों में भी मजलिसों का दौर जारी है।
आधी रात को निकले चौथी के जुलूस
गोरखपुर। मुहर्रम की चौथी को इमाम हुसैन की याद में निकले जुलूसों का खैरमकदम इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के संरक्षक खैरूल बशर एवं अध्यक्ष अब्दुल्लाह के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अखाड़ों ने हैरतअंगेज खेल का प्रदर्शन किया। जुलूस रहमतनगर, खोखरटोला, घासीकटरा, जाफरा बाजार, कसाई टोला, मोहनलालपुर, इलाहीबाग जोगीटोला, दाउदचक आदि मोहल्लों से निकले। खैरमकदम करने वालों में हाफिज बदरूद्दीन, कलीम अहमद फरजंद आदि मौजूद रहे। इससे पहले कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल्लाह ने मियां साहब इस्टेट के सज्जादानशीन सैयद अदनान फर्रूख अली शाह से मुलाकात करके उन्हें मुतवल्लियों की समस्याओं से रूबरू कराया।
पांचवीं पर निकलेगा भव्य जुलूस
गोरखपुर। मुहर्रम पांचवीं तारीख मंगलवार को शानो शौकत के साथ निकलने वाले मियां साहब के रवायती जुलूस का हरीश चौराहे पर सैयद अदनान फर्रूख अली शाह मियां साहब का खैरमकदम इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के संरक्षक खैरूल बशर एवं अध्यक्ष अब्दुल्लाह करेंगे। यह जानकारी कमेटी के उपाध्यक्ष हाफिज बदरुद्दीन ने दी।
नौहाख्वानी और सीनाजनी के बीच ‘या हुसैन’ की सदाओं से शहर की फिजा गमगीन हो उठी। जंजीर और कमा से मातम करते हुए शिया समुदाय के मातमी दस्ते जुलूस की शक्ल में सड़क पर निकले तो राहगीर उन्हें निहारते रहे। अंजुमन हुसैनियां के तत्वावधान में निकले इस जुलूस में इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को भी बयां किया गया।
जुलूस की शुरुआत सोमवार दोपहर एक बजे बसंतपुर में हाजी मोहम्मद मेहंदी हसन एडवोकेट के आवास से हुई। अलम लिए युवा जुलूस के साथ नौहाख्वानी को मिर्जा अली अब्बास, अफरोज आलम, आबिद, तकी, हसनैन, सैफ़ हसन, साबिर मुंतजिर आदि ने अंजाम दिया। जुलूस मोहम्मद रफ़अत हुसैन और मुसव्विर हुसैन की सरपरस्ती में निकलकर नकी रोड, हालसीगंज होते हुए घंटाघर पहुंचा। या हुसैन की सदाएं बिखेरते हुए चल रहे थे। यहां मोहम्मद मेहंदी हसन एडवोकेट ने जुलूस को संबोधित किया। बोले, हजरत इमाम हुसैन का मिशन इस्लाम को इंसानियत का पैगाम देना था। जुलूस उर्दू बाजार, रेती चौक होता हुआ इमामबाड़ा आगा साहबान जाकर खत्म हुआ। जंजीर और कमा से शादाब, दानिश, तहव्वर हुसैन, ताहा, आमिर, कामिल, दिलशाद, हसन, हसनैन, अमन, सलमान, तकी, तालिब, राज, फहीम, फरहान, इमाम आदि ने मातम किया।
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‘यादे हुसैन’ का हुआ आयोजन
जाफरा बाजार स्थित सब्जपोश मस्जिद के मैदान में सोमवार को ‘यादे हुसैन’ का आयोजन हुआ। कुरान पाक की तिलावत से इसकी शुरुआत हुई। नात शरीफ हाफिज रहमत अली और महमूद रज़ा ने पढ़ी। हाफिज महमूद रजा ने पढ़ा, ‘होकर शहीद, जिंदगी-ए-जाविदा मिली।’ संचालन हाफिज रहमत अली निजामी ने किया। मुख्य वक्ता मुफ्ती अख्तर हुसैन और विशिष्ट वक्ता मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार के मौलाना मोहम्मद इदरीश निजामी थे। इस मौके पर हाफिज रेयाज अहमद, रहमत अली, मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी आदि मौजूद रहे।
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कर्बला के शहीदों के लिए हुई फातिहा
गोरखपुर। मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार में सोमवार को शोहदा-ए-कर्बला के लिए फातिहा ख्वानी व दुआख्वानी हुई। इस मौके पर मुफ्ती अख्तर हुसैन ने लोगों को संबोधित किया। इसके बाद ‘खिचड़े’ का सामूहिक भोज हुआ। इस दौरान हाफिज महमूद रजा कादरी, नवेद आलम, मोहम्मद आजम, सूफी निसार, हाफिज नजरे आलम कादरी, मौलाना कासिम, मौलाना इदरीश आदि मौजूद रहे।
जारी रहा मजलिसों का दौर
गोरखपुर। नार्मल स्थित दरगाह हजरत मुबारक खां मस्जिद में मजलिस के चौथे दिन मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि हजरत सैयदना इमाम हुसैन ने इस्लाम धर्म के सिद्धांत को अपने जीवन का आदर्श माना था और वे उन्हीं आदर्शों के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करते रहे। इस मौके पर दरगाह सदर इकरार अहमद, मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही, कारी शराफत हुसैन कादरी, कारी फिरोज आदि मौजूद रहे। मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत मजहरुल उलूम घोषीपुरवा, गाजी मस्जिद गाजी रौजा, जामा मस्जिद मुकीम शाह बुलाकीपुर, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर, मस्जिद हसनैन घासीकटरा, रजा मस्जिद कसाई टोला जाफरा बाजार, बेलाली मस्जिद अलहदादपुर सहित करीब 25 से ज्यादा मस्जिदों में भी मजलिसों का दौर जारी है।
आधी रात को निकले चौथी के जुलूस
गोरखपुर। मुहर्रम की चौथी को इमाम हुसैन की याद में निकले जुलूसों का खैरमकदम इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के संरक्षक खैरूल बशर एवं अध्यक्ष अब्दुल्लाह के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अखाड़ों ने हैरतअंगेज खेल का प्रदर्शन किया। जुलूस रहमतनगर, खोखरटोला, घासीकटरा, जाफरा बाजार, कसाई टोला, मोहनलालपुर, इलाहीबाग जोगीटोला, दाउदचक आदि मोहल्लों से निकले। खैरमकदम करने वालों में हाफिज बदरूद्दीन, कलीम अहमद फरजंद आदि मौजूद रहे। इससे पहले कमेटी के अध्यक्ष अब्दुल्लाह ने मियां साहब इस्टेट के सज्जादानशीन सैयद अदनान फर्रूख अली शाह से मुलाकात करके उन्हें मुतवल्लियों की समस्याओं से रूबरू कराया।
पांचवीं पर निकलेगा भव्य जुलूस
गोरखपुर। मुहर्रम पांचवीं तारीख मंगलवार को शानो शौकत के साथ निकलने वाले मियां साहब के रवायती जुलूस का हरीश चौराहे पर सैयद अदनान फर्रूख अली शाह मियां साहब का खैरमकदम इमामचौक मुतवल्ली एक्शन कमेटी के संरक्षक खैरूल बशर एवं अध्यक्ष अब्दुल्लाह करेंगे। यह जानकारी कमेटी के उपाध्यक्ष हाफिज बदरुद्दीन ने दी।