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तसल्ली और उम्मीदों के साथ घर लौटे किसान

Fri, 22 Sep 2017 01:32 AM IST
Updated Fri, 22 Sep 2017 01:32 AM IST
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तसल्ली और उम्मीदों के साथ घर लौटे किसान

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गोरखपुर।
सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में यूनिवर्सिटी के मैदान में आयोजित कार्यक्रम जिन 11 हजार किसानों को प्रमाण पत्र मिले उन्हें कर्ज माफ होने की तसल्ली तो मिली ही बेहतर भविष्य को लेकर भी नई उम्मीदें भी जगी। करीब 25 मिनट के उद्बोधन में मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि फसल ऋण माफी तो अभी एक शुरूआत है। भाजपा सरकार का पूरा फोकस किसानों और नौजवानों पर है। चुनाव के समय ही पार्टी ने यह तय किया था कि सूबे में सरकार बनी तो किसानों-नौजवानों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लाई जाएंगी।
योगी ने कहा कि ऋणमाफी, सोलर पंप पर सब्सिडी, बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चलाने और अनाज की सही कीमत के साथ ही प्रोत्साहन राशि देने जैसे सरकार के फैसले इसी की कड़ी है। अक्तूबर में पिपराइच और बस्ती के मुंडेरवा में नई चीनी मिल की नींव डालने की सीएम की घोषणा ने किसानों की उम्मीदों को और मजबूत किया। कई किसानों की तो ब्याज छोड़ कर्ज की पूरी रकम ही माफ हो गई। वहीं कर्ज की कुछ रकम पहले जमा कर चुके कई किसान अफसोस जताते भी नजर आए, हालांकि बाकी बची रकम को जमा करने से मिलने वाली राहत पर खुशी जताई।
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बोले किसान-
बहुत खुश हूं। सरकार ने जो वादा किया था उसे पूरा किया। गांव के कई लोग बरगला रहे थे कि कर्जा माफ नहीं होगा मगर आज प्रमाणपत्र मिला तो पूरी तसल्ली हो गई। 79580 रुपये का कर्ज माफ हुआ। पूरा घर खुश है। - सत्यनारायण, सकरदेइया, गगहा
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1.25 लाख रुपये का कर्ज लिया था। पूरा परिवार तनाव में था कि कर्ज कैसे भरेंगे। यकीन नहीं हो रहा कि एक लाख रुपये का कर्ज माफ हो गया। भाजपा की यह सरकार, किसानों की सरकार है। महराज जी ने वादा निभाया। - रामजीत, जंगल गौरी नंबर एक, खोराबार

दान में जो भी मिल जाए, वह गरीब के लिए राहत है। 30 हजार रुपये का कर्ज था। 25600 रुपये माफ हो गए। अब सोचता हूं कि कुछ और कर्ज ले लिया होता तो उसे भी खेती में लगा देता। योगी जी किसानों के बारे में सोचते हैं। - ओम प्रकाश उपाध्याय, बैदउली सहजनवां

50 हजार रुपये का कर्ज लिया था। बैंक वाले परेशान कर रहे थे इसलिए बहुत दिक्कत होने के बाद भी किसी तरह करीब 30 हजार रुपये जमा कर दिए थे। मालूम रहता कि सरकार वास्तव में कर्जा माफ कर देगी तो वो भी बच जाता। - खलिउल्लाह , मियां पकड़ी सेमरी
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इनसेट
सात दिन पहले आना चाहिए था
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिस समय किसानों को संबोधित कर रहे थे उसी समय जोरदार बारिश शुरू हो गई। इसपर उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि पता रहता कि उनके आने से बारिश होगी तो सात दिन पहले ही यहां आ जाते । दरअसल तेज धूप की वजह से चौरीचौरा, बेलघाट, खजनी आदि क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बन गई थी। किसान पंपिंग सेट चलाकर खेतों की सिंचाई कर रहे थे जिससे डीजल पर उन्हें काफी रुपये खर्च करने पड़ रहे थे।



24 को फिर आएंगे मुख्यमंत्री
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 को भी गोरखपुर आएंगे। वह यहां गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन कैंपस में बनी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस दौरान राज्यपाल राम नाईक भी मौजूद रहेंगे। गोरखपुर मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद योगी अगले दिन 25 सितंबर की सुबह लखनऊ रवाना हो जाएंगे। उनके इस कार्यक्रम के मद्देनजर यूनिवर्सिटी परिसर में हेलीपैड बनाने का काम भी शुरू हो गया है।
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