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दफ्तर में बैठे ही बना दी रिपोर्ट, अब देंगे जवाब
Updated Tue, 12 Sep 2017 01:19 AM IST
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गोरखपुर।
कमिश्नर अनिल कुमार के निर्देशों की अनदेखी चार मंडलीय अफसरों के लिए मंहगी पड़ गई। कमिश्नर ने सभी को हर महीने 10 कार्यों या अपने नीचे आने वाले अफसरों के दफ्तरों आदि का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा था। मगर कुछ निरीक्षण करने गए ही नहीं तो कुछ ने दफ्तर में बैठे- बैठे ही रिपोर्ट बना दी। इस पर खफा कमिश्नर ने सभी को फटकार लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थलीय निरीक्षण में जो अफसर फिसड्डी पाए गए हैं उनमें संयुक्त उप निदेशक कृषि, उद्यान, माध्यमिक शिक्षा और उद्योग विभाग के अफसर शामिल हैं। सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर ने कहा कि सभी मंडलीय अफसरों को महीने में कम से कम 10 स्थलीय निरीक्षण करने होंगे, इसमें खानापूर्ति नहीं चलेगी। निरीक्षण की रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध करानी होगी। कहा कि कि कुछ ऐसे अफसर हैं जो नियमित निरीक्षण कर रहे हैं मगर रिपोर्ट नहीं भेज रहे। उन्हें यह लापरवाही बंद करनी पड़ेगी।
कमिश्नर अनिल कुमार के निर्देशों की अनदेखी चार मंडलीय अफसरों के लिए मंहगी पड़ गई। कमिश्नर ने सभी को हर महीने 10 कार्यों या अपने नीचे आने वाले अफसरों के दफ्तरों आदि का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा था। मगर कुछ निरीक्षण करने गए ही नहीं तो कुछ ने दफ्तर में बैठे- बैठे ही रिपोर्ट बना दी। इस पर खफा कमिश्नर ने सभी को फटकार लगाते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थलीय निरीक्षण में जो अफसर फिसड्डी पाए गए हैं उनमें संयुक्त उप निदेशक कृषि, उद्यान, माध्यमिक शिक्षा और उद्योग विभाग के अफसर शामिल हैं। सोमवार को समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर ने कहा कि सभी मंडलीय अफसरों को महीने में कम से कम 10 स्थलीय निरीक्षण करने होंगे, इसमें खानापूर्ति नहीं चलेगी। निरीक्षण की रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध करानी होगी। कहा कि कि कुछ ऐसे अफसर हैं जो नियमित निरीक्षण कर रहे हैं मगर रिपोर्ट नहीं भेज रहे। उन्हें यह लापरवाही बंद करनी पड़ेगी।
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