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जीयनपुर की बुलबुल ने मारी बाजी, इनाम में मिली साइकिल
Sun, 20 Jan 2019 02:06 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 20 Jan 2019 02:06 AM IST
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बुलबुल दंगल
- फोटो : अमर उजाला
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गोला बाजार। कस्बे में शनिवार को मंडल स्तरीय बुलबुल फाइट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस बार भी जीयनपुर के जाकिर की बुलबुल ने बाजी मारी। उसके मालिक को इनाम में साइकिल मिली। प्रतियोगिता में जीयनपुर, कोपागंज, मऊ, बड़हलगंज, गोरखपुर, गोला आदि जगहों से बुलबुलों को प्रतिभाग कराने के लिए लाया गया था। बुलबुलों की 11 टीमें बनाई गईं। बारी-बारी से दो-दो बुलबुलों को एक साथ लड़ाया गया। कई राउंड के बाद जीयनपुर के जाकिर की बुलबुल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं गोला के रमजान की बुलबुल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। रमजान को इनाम में टेबल फैन मिला। कोपागंज के अर्श की बुलबुल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उसके मालिक को दीवार घड़ी इनाम मिली। प्रतियोगिता को देखन के लिए दर्शकों की भीड़ जुटी थी। बुलबुलों को लड़ता देखकर लोग खासे रोमांचित दिखे।
मुख्य अतिथि व भाजपा नेता शत्रुघ्न कसौधन ने फीता काटकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। पुरस्कार वितरण भी उन्होंने किया। इस मौके पर आयोजक गरीब अली, बबलू कसौधन, फिरोज अहमद, इमरान अंसारी, कलाम, मुराद अंसारी, बबलू सोनकर, दीपक जायसवाल, संजय मद्धेशिया, सुदर्शन कसौधन, प्रदीप प्रजापति, राजेश जायसवाल, अर्जुन सोनकर, चुरमुनी सोनकर आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि व भाजपा नेता शत्रुघ्न कसौधन ने फीता काटकर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। पुरस्कार वितरण भी उन्होंने किया। इस मौके पर आयोजक गरीब अली, बबलू कसौधन, फिरोज अहमद, इमरान अंसारी, कलाम, मुराद अंसारी, बबलू सोनकर, दीपक जायसवाल, संजय मद्धेशिया, सुदर्शन कसौधन, प्रदीप प्रजापति, राजेश जायसवाल, अर्जुन सोनकर, चुरमुनी सोनकर आदि मौजूद रहे।
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जंग से पहले बुलबुलों को रखते हैं भूखा
प्रतियोगिता जिस दिन होती है, उससे एक दिन पहले बुलबुलों को भूखा रखा जाता है। मुकाबले वाली जगह सभी जगहों से लाई गई बुलबुलों के नामों की पर्चियां डाली जाती हैं। फिर उन्हें निकालने पर जिसका नंबर पहले आता है, उन्हें बाहर मैदान में लाया जाता है। मैदान में खाने के लिए दाने छींट दिए जाते हैं। जैसे ही बुलबुलों को मैदान में छोड़ा जाता है, दाने खाने के लिए वे टूट पड़ती हैं और आपस में खूब जमकर लड़ती हैं। अंत में एक बुलबुल धराशायी होकर मैदान से बाहर भाग जाती है। जो मैदान में डंटी रहे, उसकी जीत मानी जाती है।
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