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बिना बताए छुट्टी पर गए प्रिंसिपल
Updated Sat, 12 Aug 2017 02:07 AM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जिम्मेदारों की लापरवाही से जब काल क्रूर खेल खेल रहा था तब कॉलेज प्रशासन के मुखिया गायब थे। वह कहां थे इसका पता न तो मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को था और न ही जिला प्रशासन के अफसरों को। हादसे की बाबत उनसे बात करने की कोशिश हुई तो प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र का मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ मिला।
मेडिकल कॉलेज के मुखिया का यूं गायब होना चर्चा का विषय बना रहा। मेडिकल कॉलेज में उनकी भूमिका को लेकर तरह-तरह की बातें उठने लगीं। विपक्षी दलों के नेता उनकी गैर मौजूदगी को लेकर सवाल कर रहे थे तो वहीं अफसर उनकी बाबत कोई सूचना होने से इन्कार। कुछ लोग प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी कर रहे थे। उनका कहना था कि मेडिकल कॉलेज में हुई इस दुर्व्यवस्था का सबसे बड़ा कारण प्राचार्य ही हैं। मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ स्टाफ अस्पताल के इस हाल को लेकर उनकी पत्नी की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहे थे। उनका कहना था कि प्रशासनिक व्यवस्था में उनका पूरा हस्तक्षेप होता है। इसलिए यहां की व्यवस्था बद से बदतर होती चली जा रही है। तीन दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज के दौरे के दौरान अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. अनीता भटनागर जैन ने प्राचार्य की पत्नी को कड़ी फटकार भी लगाई थी।
रात 11 बजे एक और मौत
कुशीनगर के लक्ष्मीपुर हाटा निवासी विजय लाल ने अपनी नवजात बेटी को 16 दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उन्होंने बताया कि गुरुवार तक बेटी की हालत ठीक थी, लेकिन शुक्रवार को ऑक्सीजन खत्म होने पर हालत बिगड़ी। 15 मिनट तक एंबुबैग चलाया। रात 11 बजे डॉक्टरों ने उसकी मौत की सूचना दी। इससे पहले चार और औलादें हुईं लेकिन सबने दम तोड़ दिया। इस बार भी नियति क्रूर खेल खेल गई।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जिम्मेदारों की लापरवाही से जब काल क्रूर खेल खेल रहा था तब कॉलेज प्रशासन के मुखिया गायब थे। वह कहां थे इसका पता न तो मेडिकल कॉलेज के स्टाफ को था और न ही जिला प्रशासन के अफसरों को। हादसे की बाबत उनसे बात करने की कोशिश हुई तो प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र का मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ मिला।
मेडिकल कॉलेज के मुखिया का यूं गायब होना चर्चा का विषय बना रहा। मेडिकल कॉलेज में उनकी भूमिका को लेकर तरह-तरह की बातें उठने लगीं। विपक्षी दलों के नेता उनकी गैर मौजूदगी को लेकर सवाल कर रहे थे तो वहीं अफसर उनकी बाबत कोई सूचना होने से इन्कार। कुछ लोग प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी कर रहे थे। उनका कहना था कि मेडिकल कॉलेज में हुई इस दुर्व्यवस्था का सबसे बड़ा कारण प्राचार्य ही हैं। मेडिकल कॉलेज से जुड़े कुछ स्टाफ अस्पताल के इस हाल को लेकर उनकी पत्नी की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहे थे। उनका कहना था कि प्रशासनिक व्यवस्था में उनका पूरा हस्तक्षेप होता है। इसलिए यहां की व्यवस्था बद से बदतर होती चली जा रही है। तीन दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज के दौरे के दौरान अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. अनीता भटनागर जैन ने प्राचार्य की पत्नी को कड़ी फटकार भी लगाई थी।
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रात 11 बजे एक और मौत
कुशीनगर के लक्ष्मीपुर हाटा निवासी विजय लाल ने अपनी नवजात बेटी को 16 दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उन्होंने बताया कि गुरुवार तक बेटी की हालत ठीक थी, लेकिन शुक्रवार को ऑक्सीजन खत्म होने पर हालत बिगड़ी। 15 मिनट तक एंबुबैग चलाया। रात 11 बजे डॉक्टरों ने उसकी मौत की सूचना दी। इससे पहले चार और औलादें हुईं लेकिन सबने दम तोड़ दिया। इस बार भी नियति क्रूर खेल खेल गई।
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