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जिसकी हत्या में जेल जाने के डर से फरार थे, वह जिंदा मिली
Wed, 27 Mar 2019 12:41 AM IST
ajay Kumar
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Published by: ajay Kumar
Updated Wed, 27 Mar 2019 12:41 AM IST
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कैंपियरगंज (गोरखपुर)। सात महीने पहले जिस महिला की दहेज में हत्या का केस दर्ज कराया गया था, वह पुलिस को जिंदा मिली। इस मामले में महीनों से फरार चल रहे हत्यारोपी पति, सास और ससुर महिला के मिल जाने की सूचना के बाद मंगलवार को घर लौटे। कैंपियरगंज थाने में मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने बताया कि मुखबिर की सूचना के बाद महिला रेलवे स्टेशन पर मिली। महिला ने पुलिस को बताया कि वह ससुराल वालों से नाराज होकर चली गई थी। इस अवधि में वह संतकबीरनगर और बस्ती में अलग-अलग स्थानों पर रह रही थी।
कैंपियरगंज के चकदहा गांव निवासी अमरनाथ का पांच साल पहले सीमा से विवाह हुआ था। अगस्त 2018 में सीमा लापता हो गईं। सीमा के पिता शिवपूजन ने दहेज के लिए उनकी बेटी की हत्या करने और शव को छिपाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सीमा के पति, सास और ससुर पर दहेज हत्या, शव छिपाने सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। नामजद होने के बाद वे सभी फरार हो गए थे।
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कैंपियरगंज के चकदहा गांव निवासी अमरनाथ का पांच साल पहले सीमा से विवाह हुआ था। अगस्त 2018 में सीमा लापता हो गईं। सीमा के पिता शिवपूजन ने दहेज के लिए उनकी बेटी की हत्या करने और शव को छिपाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सीमा के पति, सास और ससुर पर दहेज हत्या, शव छिपाने सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। नामजद होने के बाद वे सभी फरार हो गए थे।
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