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जिला पंचायत की बैठक में हंगामा
Updated Mon, 23 Oct 2017 09:18 PM IST
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जिला पंचायत की बैठक में शामिल सदस्य।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अनुज सिंह के समय से बैठक में नहीं पहुंचने पर नाराज जिला पंचायत सदस्यों ने हंगामा किया। इस दौरान लगभग डेढ़ घंटे तक सदन का कामकाज ठप रहा। इसी बीच निंदा प्रस्ताव भी लाया गया लेकिन सीडीओ के पहुंचने के कारण वापस ले लिया गया।
अध्यक्ष गीतांजलि यादव की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत की बैठक हुई। इसमें विकास कार्यों और उससे संबंधित बजट के प्रस्ताव रखे गए। चर्चा भी शुरू हुई लेकिन सीडीओ समय से नहीं पहुंच सके। वह सदन के मुख्य अधिकारी होते हैं। इसका फायदा उठाकर कई विभागों के अफसरों ने भी मीटिंग से किनारा कर लिया। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई और हंगामा करके सदन का कामकाज ठप कर दिया। यह सिलसिला करीब डेढ़ घंटे तक चला। इसकी सूचना सीडीओ को भी दी गई। इसी बीच निंदा प्रस्ताव भी लाया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद वह बैठक में पहुंचे। इसके बाद पता चला कि सीडीओ के पास जिलाधिकारी का कार्यभार भी है। वह विकास कार्यों का जायजा लेने निकले थे। इसी वजह से निंदा प्रस्ताव वापस ले लिया गया।
जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह ने सदस्यों की भावनाओं से सीडीओ को अवगत कराया। कहा कि मुख्य अधिकारी का सदन में रहना जरूरी होता है। पंकज शाही और एसपी सिंह ने कहा कि कई विभागों के अफसर सदन में नहीं आए। इन सबके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो सदन की अगली बैठक में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। सदस्यों की नाराजगी का नतीजा रहा कि सीएमओ और कई विभागों के अफसर आनन-फानन में जिला पंचायत की बैठक में पहुंचे। इस मौके पर पवन सिंह, रामभोग सिंह, रामबदन सिंह, जयकरन यादव सहित तमाम सदस्य मौजूद रहे।
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अध्यक्ष गीतांजलि यादव की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत की बैठक हुई। इसमें विकास कार्यों और उससे संबंधित बजट के प्रस्ताव रखे गए। चर्चा भी शुरू हुई लेकिन सीडीओ समय से नहीं पहुंच सके। वह सदन के मुख्य अधिकारी होते हैं। इसका फायदा उठाकर कई विभागों के अफसरों ने भी मीटिंग से किनारा कर लिया। इस पर जिला पंचायत सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई और हंगामा करके सदन का कामकाज ठप कर दिया। यह सिलसिला करीब डेढ़ घंटे तक चला। इसकी सूचना सीडीओ को भी दी गई। इसी बीच निंदा प्रस्ताव भी लाया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद वह बैठक में पहुंचे। इसके बाद पता चला कि सीडीओ के पास जिलाधिकारी का कार्यभार भी है। वह विकास कार्यों का जायजा लेने निकले थे। इसी वजह से निंदा प्रस्ताव वापस ले लिया गया।
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जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह ने सदस्यों की भावनाओं से सीडीओ को अवगत कराया। कहा कि मुख्य अधिकारी का सदन में रहना जरूरी होता है। पंकज शाही और एसपी सिंह ने कहा कि कई विभागों के अफसर सदन में नहीं आए। इन सबके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो सदन की अगली बैठक में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। सदस्यों की नाराजगी का नतीजा रहा कि सीएमओ और कई विभागों के अफसर आनन-फानन में जिला पंचायत की बैठक में पहुंचे। इस मौके पर पवन सिंह, रामभोग सिंह, रामबदन सिंह, जयकरन यादव सहित तमाम सदस्य मौजूद रहे।
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