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चीफ इंजीनियर जल निगम, डिप्टी डायरेक्टर पंचायतीराज का वेतन रुका
Updated Sat, 09 Sep 2017 08:43 PM IST
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गोरखपुर।
इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में हैंडपंप लगाने व उनकी मरम्मत के साथ ही सफाई कार्य में लापरवाही पर खफा कमिश्नर अनिल कुमार ने जल निगम के मुख्य अभियंता और उप निदेशक पंचायतीराज से जवाब तलब करने के साथ ही उनका एक दिन का वेतन रोक दिया है। कमिश्नर ने महराजगंज के सीडीओ से भी जवाब तलब किया है।
कमिश्नर शनिवार को इंसेफेलाइटिस से बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। सहजनवां स्वास्थ्य केंद्र पर मानक से अधिक डॉक्टरों की तैनाती पर उन्होंने सीएमओ का भी वेतन रोक दिया। कमिश्नर ने ऐसे इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जहां एक भी मरीज का इलाज किए बिना उन्हें सीधे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य को संबंधित सीएचसी/पीएचसी के डॉक्टरों, आशा व एएनएम के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सीएमओ और मंडलीय अधिकारियों से औचक जांच कराने का निर्देश देते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
नगर निगम उपलब्ध कराए पेयजल और शौचालय
कमिश्नर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निगम के जिन भी क्षेत्रों में इंसेफेलाइटिस के मरीज मिले हैं, उन क्षेत्रों में शौचालय के निर्माण के साथ ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रोें में शौचालय निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने उप निदेशक पंचायती राज से कहा कि वे इसकी रिपोर्ट दें कि इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में कितने शौचालय बन गए हैं और कितने का निर्माण बाकी रह गया है।
इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में हैंडपंप लगाने व उनकी मरम्मत के साथ ही सफाई कार्य में लापरवाही पर खफा कमिश्नर अनिल कुमार ने जल निगम के मुख्य अभियंता और उप निदेशक पंचायतीराज से जवाब तलब करने के साथ ही उनका एक दिन का वेतन रोक दिया है। कमिश्नर ने महराजगंज के सीडीओ से भी जवाब तलब किया है।
कमिश्नर शनिवार को इंसेफेलाइटिस से बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। सहजनवां स्वास्थ्य केंद्र पर मानक से अधिक डॉक्टरों की तैनाती पर उन्होंने सीएमओ का भी वेतन रोक दिया। कमिश्नर ने ऐसे इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर (ईटीसी) की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जहां एक भी मरीज का इलाज किए बिना उन्हें सीधे मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उन्होंने अपर निदेशक स्वास्थ्य को संबंधित सीएचसी/पीएचसी के डॉक्टरों, आशा व एएनएम के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सीएमओ और मंडलीय अधिकारियों से औचक जांच कराने का निर्देश देते हुए अनुपस्थित चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
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नगर निगम उपलब्ध कराए पेयजल और शौचालय
कमिश्नर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निगम के जिन भी क्षेत्रों में इंसेफेलाइटिस के मरीज मिले हैं, उन क्षेत्रों में शौचालय के निर्माण के साथ ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रोें में शौचालय निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने उप निदेशक पंचायती राज से कहा कि वे इसकी रिपोर्ट दें कि इंसेफेलाइटिस प्रभावित गांवों में कितने शौचालय बन गए हैं और कितने का निर्माण बाकी रह गया है।
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