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शिक्षा में व्यापक, गुणात्मक बदलाव होगा : योगी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:57 AM IST
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सीएम योगी आदित्यनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा, शोध के क्षेत्र में व्यापक और गुणात्मक बदलाव किया जाएगा। इसके जरिए बेहतर व्यक्तित्व, समाज का निर्माण की कोशिश होगी।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के मुख्य महोत्सव और सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का प्रतीक चिन्ह देकर और उत्तरी पहनाकर स्वागत किया। राज्यपाल राम नाईक को महाराणा प्रताप की मूर्ति भेंट की, फिर शिक्षा परिषद की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद से संबंधित 44 शैक्षिक, चिकित्सा संस्थानों में करीब 50 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। देश जब गुलाम था, तब इसकी स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया। संस्थापक सप्ताह समारोह में पहली बार महामहिम आए हैं। यह परिषद के लिए गौरव के क्षण हैं। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की मान्यता 2016 में मिली थी। छात्राएं नर्सिंग का कोर्स कर रही हैं। पढ़कर निकलेंगी तो नर्सिंग स्टॉफ की कमी पूरी होगी। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के जरिए गरीब, वंचित परिवारों की सेवा की जा रही है। छात्रवृत्ति और पुरस्कार देकर विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा पैदा की जाती है। इसका सकारात्मक नतीजा रिजल्ट के रूप में सामने आता है।
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महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के मुख्य महोत्सव और सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का प्रतीक चिन्ह देकर और उत्तरी पहनाकर स्वागत किया। राज्यपाल राम नाईक को महाराणा प्रताप की मूर्ति भेंट की, फिर शिक्षा परिषद की उपलब्धियां गिनाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद से संबंधित 44 शैक्षिक, चिकित्सा संस्थानों में करीब 50 हजार विद्यार्थी पढ़ते हैं। देश जब गुलाम था, तब इसकी स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया। संस्थापक सप्ताह समारोह में पहली बार महामहिम आए हैं। यह परिषद के लिए गौरव के क्षण हैं। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की मान्यता 2016 में मिली थी। छात्राएं नर्सिंग का कोर्स कर रही हैं। पढ़कर निकलेंगी तो नर्सिंग स्टॉफ की कमी पूरी होगी। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय के जरिए गरीब, वंचित परिवारों की सेवा की जा रही है। छात्रवृत्ति और पुरस्कार देकर विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा पैदा की जाती है। इसका सकारात्मक नतीजा रिजल्ट के रूप में सामने आता है।
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