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नगर निगम ने 22 दुकानों को किया जमींदोज
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:30 AM IST
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गोरखपुर।
अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का अभियान जोर पकड़ने लगा है। बृहस्पतिवार को पादरी बाजार रोड पर शाहपुर आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने सड़क और नाले के बीच बनाए गए 22 अवैध निर्माण ढहाए गए।
बृहस्पतिवार सुबह नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ आवास विकास परिषद कार्यालय के पास पहुंची। यहां लोगों ने अतिक्रमण कर सड़क और नाले के बीच स्थायी निर्माण करा लिया था। कई बार इन सभी को नोटिस दिया गया था। पिछली बार पांच अक्टूबर को नगर निगम की ओर से नोटिस देकर इन्हें अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, लेकिन 10 महीने बाद भी स्थिति जस की तस थी। नगर निगम भी इस दौरान शिथिल पड़ा हुआ था। लेकिन प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद सहायक नगर आयुक्त संजय शुक्ला के नेतृत्व में वहां पहुंची निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने 22 दुकानों को ढहा दिया। इस दौरान कर निर्धारण अधिकारी शशिकला, अनिल सिंह, ज्ञान पांडेय, अवध किशोर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
इनकी दुकानें हुईं ध्वस्त
जगदंबा ठाकुर (सैलून), खुश मोहम्मद (ऑटो मोबाइल), श्रीकांत जायसवाल (मोबाइल शॉप), सुनील कुमार (पान दुकान), सेराज अहमद (चिकन शॉप), राकेश मद्देशिया (चाय-नाश्ता), सुनील (होटल), संतोष (सैलून), रिंकू दुबे (गोदाम), आरिफ अली (मोबाइल शॉप), गुलाम रसूल (साइकिल रिपेयरिंग और पान की दुकान), रामजीत (चाय-नाश्ता), जगन्नाथ वर्मा (समोसा-इमरती), आरके सिंह (मोबाइल शॉप), इदरिश (चिकन शॉप), राजू गुप्ता (फास्ट फूड), राजन सैनी (फूल-माला), अनिल मिश्रा (दुकान बंद), नसीम खान (मोबाइल शॉप), परमानंद (सैलून), मोहन (बाइक सर्विस सेंटर)।
अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम का अभियान जोर पकड़ने लगा है। बृहस्पतिवार को पादरी बाजार रोड पर शाहपुर आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने सड़क और नाले के बीच बनाए गए 22 अवैध निर्माण ढहाए गए।
बृहस्पतिवार सुबह नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के साथ आवास विकास परिषद कार्यालय के पास पहुंची। यहां लोगों ने अतिक्रमण कर सड़क और नाले के बीच स्थायी निर्माण करा लिया था। कई बार इन सभी को नोटिस दिया गया था। पिछली बार पांच अक्टूबर को नगर निगम की ओर से नोटिस देकर इन्हें अतिक्रमण हटाने को कहा गया था, लेकिन 10 महीने बाद भी स्थिति जस की तस थी। नगर निगम भी इस दौरान शिथिल पड़ा हुआ था। लेकिन प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद सहायक नगर आयुक्त संजय शुक्ला के नेतृत्व में वहां पहुंची निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने 22 दुकानों को ढहा दिया। इस दौरान कर निर्धारण अधिकारी शशिकला, अनिल सिंह, ज्ञान पांडेय, अवध किशोर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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इनकी दुकानें हुईं ध्वस्त
जगदंबा ठाकुर (सैलून), खुश मोहम्मद (ऑटो मोबाइल), श्रीकांत जायसवाल (मोबाइल शॉप), सुनील कुमार (पान दुकान), सेराज अहमद (चिकन शॉप), राकेश मद्देशिया (चाय-नाश्ता), सुनील (होटल), संतोष (सैलून), रिंकू दुबे (गोदाम), आरिफ अली (मोबाइल शॉप), गुलाम रसूल (साइकिल रिपेयरिंग और पान की दुकान), रामजीत (चाय-नाश्ता), जगन्नाथ वर्मा (समोसा-इमरती), आरके सिंह (मोबाइल शॉप), इदरिश (चिकन शॉप), राजू गुप्ता (फास्ट फूड), राजन सैनी (फूल-माला), अनिल मिश्रा (दुकान बंद), नसीम खान (मोबाइल शॉप), परमानंद (सैलून), मोहन (बाइक सर्विस सेंटर)।
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