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प्राचार्य और शिक्षक का ब्यौरा नहीं दे रहे कॉलेज
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:50 PM IST
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गोरखपुर। प्राइवेट कॉलेजों के शिक्षकों और प्राचार्यों के भौतिक सत्यापन को लेकर गोरखपुर यूनिवर्सिटी की ओर से मांगी गई जानकारी पर कॉलेजों का रिस्पांस ढीला है। इससेे शासन के सख्त निर्देश के बाद भी किसी कॉलेज का सत्यापन नहीं हो सका है। कॉलेजों के ढुलमुल रवैये से शासन की ओर से दी गई 15 जुलाई की मियाद भी खत्म हो चुकी है।
हाल ही में लखनऊ में हुई जन सुनवाई के दौरान शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन मामले की शिकायत की गई थी। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी और सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर प्राइवेट कॉलेजों में सेवारत शिक्षकों एवं प्राचार्यों का भौतिक सत्यापन कर नए सत्र से पहले रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था। इसे लेकर पूर्व में गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को प्रारूप भेजकर शिक्षकों और प्राचार्यों से जुड़ी जानकारी 15 जुलाई तक मांगी थी। अब तक 250 कॉलेजों में से महज एक दर्जन कॉलेजों ने ही जानकारी दी है।
दो साल पहले हुआ था फर्जी अनुमोदन का खुलासा
दो साल पहले तत्कालीन कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कॉलेजों में फर्जी अनुमोदन कराने वाले शिक्षकों की पोल खोली थी। मामले को लेकर शिक्षकों में हड़कंप मचा और कई ने इस्तीफे भी दिए। इन सबके बावजूद इन शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शासन में शिकायत के बाद एक बार फिर फर्जीवाड़े की फाइल खुलने के आसार बढ़ गए हैं। सूत्रों की मानें तो कॉलेजों के भौतिक सत्यापन से भागने की अहम वजहों में ये भी शामिल है।
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शासन के निर्देश पर प्राइवेट कॉलेजों से जानकारी मांगी गई है। जानकारी मिलते ही भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- शत्रोहन वैश्य, रजिस्ट्रार
हाल ही में लखनऊ में हुई जन सुनवाई के दौरान शिक्षकों के फर्जी अनुमोदन मामले की शिकायत की गई थी। इसके बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी और सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर प्राइवेट कॉलेजों में सेवारत शिक्षकों एवं प्राचार्यों का भौतिक सत्यापन कर नए सत्र से पहले रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया था। इसे लेकर पूर्व में गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को प्रारूप भेजकर शिक्षकों और प्राचार्यों से जुड़ी जानकारी 15 जुलाई तक मांगी थी। अब तक 250 कॉलेजों में से महज एक दर्जन कॉलेजों ने ही जानकारी दी है।
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दो साल पहले हुआ था फर्जी अनुमोदन का खुलासा
दो साल पहले तत्कालीन कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कॉलेजों में फर्जी अनुमोदन कराने वाले शिक्षकों की पोल खोली थी। मामले को लेकर शिक्षकों में हड़कंप मचा और कई ने इस्तीफे भी दिए। इन सबके बावजूद इन शिक्षकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। शासन में शिकायत के बाद एक बार फिर फर्जीवाड़े की फाइल खुलने के आसार बढ़ गए हैं। सूत्रों की मानें तो कॉलेजों के भौतिक सत्यापन से भागने की अहम वजहों में ये भी शामिल है।
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शासन के निर्देश पर प्राइवेट कॉलेजों से जानकारी मांगी गई है। जानकारी मिलते ही भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- शत्रोहन वैश्य, रजिस्ट्रार