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विज्ञान में नये रिसर्च से अपडेट रहे शिक्षक
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:44 PM IST
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कार्यशाला में मौजूद शिक्षक।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। बच्चों में विज्ञान के प्रति जागरूकता पैदा करने में शिक्षकों की अहम भूमिका है। इसकेे लिए शिक्षकों को विज्ञान के नए रिसर्च वर्क से अपडेट रहना चाहिए। विज्ञान का सबसे ज्यादा इस्तेमाल घर में होता है। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक आए दिन घर में विज्ञान का इस्तेमाल होता है।
ये बातें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण वर्कशाप में मुख्य अतिथि राज्य समन्वयक डॉ. एसके सिंह ने कहीं। विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सतत विकास के विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज रिसर्च के प्रति विद्यार्थियों का रुझान घट रहा है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस इस दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही है। विशिष्ट अतिथि द्रौपदी देवी त्रिपाठी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार धर दूबे ने विज्ञान के विकास के इतिहास पर प्रकाश डाला।
इससे पूर्व कार्यशाला का उद्घाटन मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। अध्यक्षता केमिस्ट्री के हेड प्रो. ओपी पांडेय तथा स्वागत भाषण डॉ. आशीष कुमार सिंह ने किया। आभार ज्ञापन डॉ. धर्मव्रत तिवारी ने किया। कार्यशाला का दूसरा सत्र तकनीकी का रहा। इसमें प्रोजेक्ट बनाने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला में डॉ. इतेंद्रधर दूबे, डॉ. निलांबुज सिंह, अभिषेक दुबे, अजय मिश्रा, अजय यादव, आयुषी वर्मा, अखिल राज, ऋषभ पांडेय समेत 11 जिलों के विज्ञान शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
ये बातें राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण वर्कशाप में मुख्य अतिथि राज्य समन्वयक डॉ. एसके सिंह ने कहीं। विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सतत विकास के विषय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज रिसर्च के प्रति विद्यार्थियों का रुझान घट रहा है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस इस दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही है। विशिष्ट अतिथि द्रौपदी देवी त्रिपाठी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार धर दूबे ने विज्ञान के विकास के इतिहास पर प्रकाश डाला।
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इससे पूर्व कार्यशाला का उद्घाटन मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। अध्यक्षता केमिस्ट्री के हेड प्रो. ओपी पांडेय तथा स्वागत भाषण डॉ. आशीष कुमार सिंह ने किया। आभार ज्ञापन डॉ. धर्मव्रत तिवारी ने किया। कार्यशाला का दूसरा सत्र तकनीकी का रहा। इसमें प्रोजेक्ट बनाने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यशाला में डॉ. इतेंद्रधर दूबे, डॉ. निलांबुज सिंह, अभिषेक दुबे, अजय मिश्रा, अजय यादव, आयुषी वर्मा, अखिल राज, ऋषभ पांडेय समेत 11 जिलों के विज्ञान शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
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