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मौसम की मार से बच्चे बेहाल

Sun, 09 Jul 2017 12:23 AM IST
Updated Sun, 09 Jul 2017 12:23 AM IST
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मौसम की मार से बच्चे बेहाल
महराजगंज। मौसम का उतार-चढ़ाव बच्चों पर भारी पड़ रहा है। अधिकतर बच्चे वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम और पेट दर्द की चपेट में हैं। कुछ बच्चों में निमोनिया की भी शिकायत है। जिला अस्पताल में जिस तरफ देखों मरीजों की लाइन लगी है। पेटदर्द के अलावा वायरल फीवर, निमोनिया जैसी बीमारी का प्रभाव तेज हो गया है। ानिवार को जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में भीड़ ज्यादा लगी रही है। तमाम लोग बच्चों का इलाज कराने पहुंचे। ज्यादातर बच्चों में वायरल फीवर की शिकायत पाई गई। कुछ पेट दर्द और निमोनिया से पीड़ित बच्चे भी थे। भीड़ अधिक होने तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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शनिवार को जिला अस्पताल में पेट दर्द, वायरल फीवर के अलावा निमोनिया से पीड़ित 109 बच्चों का इलाज हुआ। ज्यादा तर बच्चों को वायरल फीवर था। बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष में भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। सुबह से दोपहर तक लोग बच्चे को लेकर इलाज कराने के लिए डॉक्टर के कक्ष में डटे रहे। पनियरा के रहने वाले अभिषेक को कई दिनों से बुखार आ रहा था। पीएचसी पर भी दिखाया जहां से डॉक्टर ने जिला अस्पताल भेजा है। परिजनों ने बताया कि रात में एकाएक बुखार तेज हो जाता है और दवा का असर रहने तक आराम मिलता है। फिर बुखार तेज हो जाता है। श्रेया, रानी, चांदनी, अंगद, अमन, आशा,आयुष, किशन के अलावा तमाम बच्चे जो वायरल फीवर से परेशान रहे। इन बच्चों के परिजन इलाज कराने आए।
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सुबह से 48 मरीजों को देख चुके डॉ. रंजन मिश्रा ने बताया ज्यादातर मरीज सर्दी, खांसी, निमोनिया से प्रभावित मिले। डॉ. आरपी राय ने बताया कि सुबह से 61 मरीजों का इलाज हुआ जो पेट दर्द के अलावा वायरल फीवर से परेशान रहे। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण बच्चों में इन बीमारियों का प्रभाव बढ़ा है। सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ सर दर्द बदन दर्द होना वायरल फीवर के लक्षण हैं। बच्चों में वायरल फीवर के लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल ले आना चाहिए।
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वायरल फीवर व संक्रामक रोग से बचाव के तरीके
1-धूल से बच्चों का बचाव करें।
2- बासी खाद्य पदार्थ बच्चों को न दें।
3-पानी उबाल कर पीएं।
5- खुले में रखे गए खाद्य पदार्थ का प्रयोग न करें।
वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं। उनकी देख-रेख में मुकम्मल इलाज किया जा रहा है। भीड़ बढ़ने पर थोड़ी बहुत दिक्कत होती है। लेकिन चिकित्सक सभी बच्चों का इलाज बेहतर ढंग से करते हैं।
डॉ. आरबी राम सीएमएस, जिला अस्पताल, महराजगंज
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