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खुशखबरी: अब एक साल में होगी मास्टर आफ लॉ

Tue, 16 Apr 2013 12:40 AM IST
कानपुर/स्टाफ रिपोर्टर
कानपुर/स्टाफ रिपोर्टर Updated Tue, 16 Apr 2013 12:40 AM IST
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Good news: Now would be a year of Masters in Law

मास्टर आफ लॉ (एलएलएम) की पढ़ाई अब दो साल की जगह एक साल में पूरी की जा सकेगी। यह कोर्स दो सेमेस्टर का होगा। इसके अलावा बीटेक की तरह हर तीसरे माह मिड टर्म एग्जाम (इंटरनल टेस्ट) भी कराए जाएंगे, जिसके मार्क्स फाइनल रिजल्ट में जुड़ेंगे।

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कोर्स में बदलाव को जनवरी 2013 में मंजूरी देने के बाद यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने इसी माह देश के सभी केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों को इसका सर्कुलर जारी कर दिया है।
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एलएलएम का नया प्रोग्राम लांच किया गया है, जिसकी पढ़ाई टफ है। रिजल्ट में मार्क्स की जगह क्रेडिट देने की व्यवस्था की गई है। सेमेस्टर एग्जाम के अलावा मिड टर्म एग्जाम भी कराए जाएंगे, जिन्हें पास करना आसान नहीं होगा।
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यूजीसी के शिक्षाधिकारी डॉ. आर. मनोज कुमार ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एलएलएम प्रोग्राम में बदलाव का प्रस्ताव दिया था, जिसके लिए 2012 में एक कमेटी गठित की गई थी।

इस कमेटी ने जनवरी के पहले सप्ताह में प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसे यूजीसी ने भी मान लिया है। अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता और संबंधित यूनिवर्सिटी व शासन से संबद्धता लेकर कॉलेज यह कोर्स शुरू कर सकते हैं। कोर्स में छह स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम को शामिल किया गया है।

ऐसे होगी ग्रेडिंग
एक वर्षीय एलएलएम कोर्स में तीन कंपलसरी और छह ऑप्शनल पेपर होंगे। इसमें 24 क्रेडिट (मार्क्स) हासिल करने पड़ेंगे।

तीन कंपलसरी पेपर में तीन-तीन क्रेडिट (कुल नौ), छह ऑप्शनल पेपर में दो-दो (कुल 12) क्रेडिट हासिल करने होंगे। तीन क्रेडिट डेजरटेशन (रिसर्च बेस्ट पेपर) के मिलेंगे। इसके अलावा स्पेशलाइजेशन प्रोग्राम के पेपर अलग से होंगे।


ये हैं अन्य फीचर
- एक वर्षीय एलएलएम कोर्स की सीटें आल इंडिया एंट्रेंस टेस्ट से भरी जाएंगी
- कोई भी यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज (सीपीजीएलएस) स्थापित कर सकती है। सीनियर टीचर, पीएचडी स्कॉलर भी एलएलएम की पढ़ाई कर सकते हैं
- एक सेमेस्टर में 18 सप्ताह की पढ़ाई, रिसर्च, प्रैक्टिकल जरूरी
- एकेडमिक क्वालिटी बनाए रखने पर ही बरकरार रहेगी कोर्स की मान्यता
- हर हफ्ते 30 घंटे की पढ़ाई जरूरी, हर 12वें हफ्ते में मिडटर्म एग्जाम कराए जाएंगे
एडमिशन के लिए जरूरी
- एलएलबी की डिग्री हासिल करना जरूरी
- ऑल इंडिया एंट्रेंस टेस्ट की मेरिट लिस्ट में आना होगा
- 70 फीसदी मार्क्स रिटेन टेस्ट के होंगे, 30 फीसदी मार्क्स पब्लिकेशन, एक्सपीरियंस के मिलेंगे

फैकल्टी
सीपीजीएलएस स्थापित करने के लिए टीचिंग स्टाफ में 10 लोग रखने होंगे। इनमें कम से कम चार प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर होने चाहिए। टीचिंग मेथड में ट्यूटोरियल्स, सेमिनार, फील्ड वर्क, प्रोजेक्ट, क्लीनिक्स और अन्य गतिविधियां होंगी।

इनमें होगा स्पेशलाइजेशन
- एलएलएम इन इंटरनेशनल एंड कॉम्पटेटिव लॉ (दो सेमेस्टर में 12 पेपर)
- एलएलएम इन कारपोरेट एंड कामर्शियल लॉ (दो सेमेस्टर में 14 पेपर)
- एलएलएम इन क्रिमिनल एंड सिक्योरिटी लॉ (दो सेमेस्टर में आठ पेपर)
- एलएलएम इन फैमिली एंड सोशल सिक्योरिटी लॉ (दो सेमेस्टर में 12 पेपर)
- एलएलएम इन कांस्टीट्यूशनल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव लॉ (दो सेमेस्टर में 12 पेपर)
- एलएलएम इन लीगम पेडागोगी एंड रिसर्च (दो सेमेस्टर में 12 पेपर)

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