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UP News: एमडी में दाखिले का झांसा देकर महिला डॉक्टर से 20 लाख ऐंठे; फिर न कराया प्रवेश न लौटाए पैसे, केस दर्ज
Sat, 30 May 2026 10:27 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: Bhupendra Singh
Updated Sat, 30 May 2026 10:27 PM IST
सार
एमडी में दाखिले का झांसा देकर महिला डॉक्टर से 20 लाख की ठगी की गई। फिर आरोपी ने न प्रवेश कराया न पैसे लौटाए। धमकी भी दे रहा है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
यूपी के गोंडा में एमडी कोर्स में प्रवेश दिलाने का भरोसा देकर एक महिला डॉक्टर से 20 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर लखनऊ के कृष्णा नगर थाने में दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, एफआईआर दर्ज होने के बाद डॉक्टर ने उसमें दर्ज कुछ तथ्यों पर आपत्ति जताते हुए संशोधन की मांग भी की है।
पीड़िता डॉ. शर्मिला यादव पहले करनैलगंज क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकरौत में संविदा चिकित्सक के रूप में तैनात रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 2025 में उनकी मुलाकात अमित कुमार और संचित चंद्रा नाम के दो लोगों से हुई थी। दोनों ने मेडिकल शिक्षा से जुड़े कामकाज में सहयोग करने और एमडी कोर्स में दाखिला दिलाने का भरोसा देकर उनका विश्वास जीता।
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पीड़िता डॉ. शर्मिला यादव पहले करनैलगंज क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकरौत में संविदा चिकित्सक के रूप में तैनात रह चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 2025 में उनकी मुलाकात अमित कुमार और संचित चंद्रा नाम के दो लोगों से हुई थी। दोनों ने मेडिकल शिक्षा से जुड़े कामकाज में सहयोग करने और एमडी कोर्स में दाखिला दिलाने का भरोसा देकर उनका विश्वास जीता।
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आरटीजीएस के जरिये खातों में भेजे थे पैसे
डॉक्टर के अनुसार आरोपियों ने काउंसिलिंग के माध्यम से लखनऊ के एक निजी मेडिकल कॉलेज में एमडी कोर्स में प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बदले उन्होंने 20 लाख रुपये लिए। डॉ. शर्मिला का कहना है कि उन्होंने 4.50 लाख रुपये ऑनलाइन और 15.50 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए आरोपियों के खातों में भेजे थे।आरोप है कि पूरी रकम लेने के बाद भी न तो एमडी में दाखिला कराया गया और न ही पैसा वापस किया गया। जब उन्होंने अपनी राशि लौटाने की मांग की तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में उन्हें धमकियां भी दी गईं।
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एफआईआर में दर्ज तथ्यों पर भी डॉक्टर ने जताई आपत्ति
इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर कृष्णानगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि डॉ. शर्मिला का कहना है कि उनकी शिकायत और दर्ज एफआईआर में अंतर है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में नीट-पीजी परीक्षा पास कराने के नाम पर ठगी का जिक्र किया गया है, जबकि उनकी शिकायत एमडी कोर्स में प्रवेश दिलाने के नाम पर रकम लेने से संबंधित थी।डॉक्टर का कहना है कि वह पहले से एमबीबीएस चिकित्सक हैं, इसलिए उन्हें नीट-पीजी पास कराने की बात तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर एफआईआर में संशोधन की मांग की है।