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नवाबगंज में बाढ़ के पानी ने ली महिला की जान
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Wed, 10 Aug 2016 11:15 PM IST
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अंबेडकरनगर के टांडा में फिर उफनाई सरयू।
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार की शाम दोनों ओर बाढ़ के पानी से घिरे ब्यौंदा मांझा गांव के मजरा सरोजे का पुरवा में रहने वाले धनीराम की पत्नी राजवंती की बाढ़ के पानी में पैर फिसलने से डूबकर मौत हो गई। ग्राम प्रधान केशवराम ने महिला के मौत की पुष्टि की है। साथ ही महिला के मौत की सूचना इलाकाई बाढ़ चौकी और थाने को भी दी है।
बता दें कि तहसील क्षेत्र करनैलगंज में घाघरा तो तहसील तरबगंज में सरयू नदी कहर ढाए हुए है। जिसके पानी से नवाबगंज के 3 गांव और उनके कई मजरे पानी में डूबे हुए हैं। ब्यौंदा मांझा गांव का मजरा सरोजे का पुरवा भी इन्हीं में से एक है।
बताते हैं कि बुधवार की शाम 5 बजे गांव में रहने वाले धनीराम की पत्नी राजवंती (35) गांव के चारो ओर पानी भरा होने के कारण नित्य क्रिया के लिए सड़क के उसपार गई थी। जहां उनका पैर फिसल गया और वह बाढ़ के पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरीं।
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ससे उनकी मौत हो गई। गांव के प्रधान केशवराम ने बताया कि राजवंती देवी बुधवार की शाम नित्य क्रिया के लिए गईं थी। जहां वह गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से गिर गई और उसी में डूब गई। जिससे उनकी मौत हो गई। उनके मुताबिक मामले की सूचना स्थानीय पुलिस व बाढ़ चौकी पर दी गई है।
गौरतलब है कि ब्यौंदा मांझा के कई मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। जहां गांव के चारो ओर बाढ़ का पानी ताल-तलैय्यों से लेकर खंती इत्यादि में भरा हुआ है। जिससे लोगों को आने-जाने के मार्ग में भ्रम हो जाता है और वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।
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बता दें कि तहसील क्षेत्र करनैलगंज में घाघरा तो तहसील तरबगंज में सरयू नदी कहर ढाए हुए है। जिसके पानी से नवाबगंज के 3 गांव और उनके कई मजरे पानी में डूबे हुए हैं। ब्यौंदा मांझा गांव का मजरा सरोजे का पुरवा भी इन्हीं में से एक है।
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बताते हैं कि बुधवार की शाम 5 बजे गांव में रहने वाले धनीराम की पत्नी राजवंती (35) गांव के चारो ओर पानी भरा होने के कारण नित्य क्रिया के लिए सड़क के उसपार गई थी। जहां उनका पैर फिसल गया और वह बाढ़ के पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरीं।
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ससे उनकी मौत हो गई। गांव के प्रधान केशवराम ने बताया कि राजवंती देवी बुधवार की शाम नित्य क्रिया के लिए गईं थी। जहां वह गहरे गड्ढे में पैर फिसलने से गिर गई और उसी में डूब गई। जिससे उनकी मौत हो गई। उनके मुताबिक मामले की सूचना स्थानीय पुलिस व बाढ़ चौकी पर दी गई है।
गौरतलब है कि ब्यौंदा मांझा के कई मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। जहां गांव के चारो ओर बाढ़ का पानी ताल-तलैय्यों से लेकर खंती इत्यादि में भरा हुआ है। जिससे लोगों को आने-जाने के मार्ग में भ्रम हो जाता है और वह हादसे का शिकार हो जाते हैं।