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44 दिनों में दो फीसदी भी नहीं खरीद सके गेहूं
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फोटो-10 गोंडा के धानेपुर क्रय केद्र पर पसरा सन्नाटा। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। खाद्य विपणन विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों पर गेेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। 44 दिन दिनों में लक्ष्य का दो फीसदी खरीद नहीं हो सकी। विभाग को लक्ष्य पूरा करना मुश्किल प्रतीत हो रहा है।
शासन की ओर से जिले में 98 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 116 क्रय केंद्रों पर खरीद की जानी थी, लेकिन गेहूं का बाजार भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक होने से सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता है। खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से कई कवायद शुरू किए। किसानों को फोन करने व घर पर जाकर खरीद करने की सुविधा से किसानों का मन नहीं बदला। नतीजन खरीद शुरू होने के 44 दिन के बाद भी अभी लक्ष्य का दो फीसदी भी खरीद नहीं हो सकी। विभाग 98 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी 1527 मीट्रिक टन गेहूं खरीद ही कर सका। खाद्य विभाग 192.20 एमटी, पीसीएफ ने 319.41 एमटी, पीसीयू ने 715.61 एमटी,यूपी एसएस 252.85 एमटी तथा भारतीय खाद्य निगम ने 47.70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही कर सके।
22 केंद्रों पर नहीं हुई बोहनी
सरकारी दर पर गेहूं खरीद शुरू हुए 44 दिन बाद भी 22 क्रय केंद्रों पर खरीद की बोहनी नहीं हो सकी। अभी तक 94 क्रय केंद्रों पर ही खरीद शुरुआत हो सकी। एक दर्जन से अधिक क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां अभी तक सिर्फ एक ही किसान ने गेहूं बेचा। धानेपुर साधन सहकारी समिति के सचिव राजेश्वरी सिंह ने बताया कि अभी तक क्रय केंद्र पर सिर्फ एक किसान 31 क्विंटल गेहूं लेकर आया है उसके बाद कोई नहीं आया।
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नहीं मिल रहा एक ट्रक गेहूं
किसानों का गेहूं घर से खरीदने के लिए बनाई गई सचल टीमें भी खरीद नहीं कर पा रही है। वजह, किसी गांव में एक ट्रक गेहूं इकट्ठा ही नहीं हो पा रहा है। मोबाइल टीमों के खरीद में शर्त रखी गई है कि गांव कम से कम एक ट्रक गेहूं इकट्ठा होने के बाद ही खरीद करेंगे, लेकिन इतनी मात्रा में गेहूं न मिलने से भी मोबाइल टीम खरीद नहीं कर पाती।
किसानों का भी त्वरित हो रहा भुगतान
जनपद के 398 किसानों से गेहूं की खरीद की गई है जिनका 307.85 लाख रुपये शासन की ओर से भुगतान करना था। इसके सापेक्ष 237.31 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। बाकी भुगतान त्वरित कर दिया जाएगा। क्रय केंद्रों पर किसान के न पहुंचने की वजह से किसानों के भुगतान में प्रशासन तत्परता दिखा रहा है। किसानों के खाते में 72 घंटे में पैसा पहुंचाया जा रहा है। तकनीकी दिक्कत के कारण अगर किसी किसान के खाते में पैसा नहीं पहुंच रहा है तो उसके लिए अफसरों की ओर कवायद की जा रही है।
जिले में गेहूं खरीद का प्रयास किया जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी किसानों से संपर्क कर रहे हैं। सचल टीमें गांव-गांव जाकर गेहूं बेचने के लिए किसानों को प्रेरित कर रही हैं, लेकिन बाजार भाव अधिक होने के कारण खरीद में तेजी नहीं आ रही है। खरीद में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ
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शासन की ओर से जिले में 98 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है। 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 116 क्रय केंद्रों पर खरीद की जानी थी, लेकिन गेहूं का बाजार भाव 2200 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक होने से सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहता है। खरीद की रफ्तार बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से कई कवायद शुरू किए। किसानों को फोन करने व घर पर जाकर खरीद करने की सुविधा से किसानों का मन नहीं बदला। नतीजन खरीद शुरू होने के 44 दिन के बाद भी अभी लक्ष्य का दो फीसदी भी खरीद नहीं हो सकी। विभाग 98 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी 1527 मीट्रिक टन गेहूं खरीद ही कर सका। खाद्य विभाग 192.20 एमटी, पीसीएफ ने 319.41 एमटी, पीसीयू ने 715.61 एमटी,यूपी एसएस 252.85 एमटी तथा भारतीय खाद्य निगम ने 47.70 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही कर सके।
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22 केंद्रों पर नहीं हुई बोहनी
सरकारी दर पर गेहूं खरीद शुरू हुए 44 दिन बाद भी 22 क्रय केंद्रों पर खरीद की बोहनी नहीं हो सकी। अभी तक 94 क्रय केंद्रों पर ही खरीद शुरुआत हो सकी। एक दर्जन से अधिक क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां अभी तक सिर्फ एक ही किसान ने गेहूं बेचा। धानेपुर साधन सहकारी समिति के सचिव राजेश्वरी सिंह ने बताया कि अभी तक क्रय केंद्र पर सिर्फ एक किसान 31 क्विंटल गेहूं लेकर आया है उसके बाद कोई नहीं आया।
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नहीं मिल रहा एक ट्रक गेहूं
किसानों का गेहूं घर से खरीदने के लिए बनाई गई सचल टीमें भी खरीद नहीं कर पा रही है। वजह, किसी गांव में एक ट्रक गेहूं इकट्ठा ही नहीं हो पा रहा है। मोबाइल टीमों के खरीद में शर्त रखी गई है कि गांव कम से कम एक ट्रक गेहूं इकट्ठा होने के बाद ही खरीद करेंगे, लेकिन इतनी मात्रा में गेहूं न मिलने से भी मोबाइल टीम खरीद नहीं कर पाती।
किसानों का भी त्वरित हो रहा भुगतान
जनपद के 398 किसानों से गेहूं की खरीद की गई है जिनका 307.85 लाख रुपये शासन की ओर से भुगतान करना था। इसके सापेक्ष 237.31 लाख रुपये का भुगतान हो चुका है। बाकी भुगतान त्वरित कर दिया जाएगा। क्रय केंद्रों पर किसान के न पहुंचने की वजह से किसानों के भुगतान में प्रशासन तत्परता दिखा रहा है। किसानों के खाते में 72 घंटे में पैसा पहुंचाया जा रहा है। तकनीकी दिक्कत के कारण अगर किसी किसान के खाते में पैसा नहीं पहुंच रहा है तो उसके लिए अफसरों की ओर कवायद की जा रही है।
जिले में गेहूं खरीद का प्रयास किया जा रहा है। क्रय केंद्र प्रभारी किसानों से संपर्क कर रहे हैं। सचल टीमें गांव-गांव जाकर गेहूं बेचने के लिए किसानों को प्रेरित कर रही हैं, लेकिन बाजार भाव अधिक होने के कारण खरीद में तेजी नहीं आ रही है। खरीद में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ