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बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई गलन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Dec 2016 10:57 PM IST
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कोहरे और बर्फीली हवाओं ने गलन बढ़ा दी है। इससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव की व्यवस्था न होनेेे से लोग कांप रहे हैं। शहर में सार्वजनिक स्थलों पर जलाए गए अलाव गर्मी पहुंचाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बुधवार सुबह कोहरे और सर्द हवाओं से पूरे दिन धूप नहीं निकल सकी।
अचानक बढ़ी ठंड से पारे में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरवाट दर्ज की गई। मंगलवार को दिन का तापमान जहां 22 डिग्री था, वहीं बुधवार को अधिकतम ताममान 17 डिग्री पर पहुंच गया।बुधवार को एक बार मौसम ने करवट ली। तापमान के पारे में काफी गिरावट आई, जिससे गलन बढ़ गई।
कोहरा छाया रहा जिसके चलते वाहन दिन में भी लाइट जलाकर चलते दिखे। सबसे अधिक परेशानी गरीबों व मजदूर वर्ग को हुई, जिन्हें रोजी रोटी के लिए ठिठुरन में काम पर निकलना पड़ा। दिन में तापमान का पारा 17 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से पांच सेल्सियस कम रहा।
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ठंड बढ़ने से सबसे अधिक भयावह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है जहां कड़ाके की ठंड में लोगों के लिए अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग इधर-उधर ठिठुर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद स्कूलों में इस बार शीतकालीन अवकाश नहीं घोषित किया गया, जिसके कारण बुधवार सुबह ठिठुरते हुए बच्चे किसी तरह से स्कूल पहुंचे।
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अचानक बढ़ी ठंड से पारे में पांच डिग्री सेल्सियस की गिरवाट दर्ज की गई। मंगलवार को दिन का तापमान जहां 22 डिग्री था, वहीं बुधवार को अधिकतम ताममान 17 डिग्री पर पहुंच गया।बुधवार को एक बार मौसम ने करवट ली। तापमान के पारे में काफी गिरावट आई, जिससे गलन बढ़ गई।
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कोहरा छाया रहा जिसके चलते वाहन दिन में भी लाइट जलाकर चलते दिखे। सबसे अधिक परेशानी गरीबों व मजदूर वर्ग को हुई, जिन्हें रोजी रोटी के लिए ठिठुरन में काम पर निकलना पड़ा। दिन में तापमान का पारा 17 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से पांच सेल्सियस कम रहा।
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ठंड बढ़ने से सबसे अधिक भयावह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों की है जहां कड़ाके की ठंड में लोगों के लिए अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग इधर-उधर ठिठुर रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद स्कूलों में इस बार शीतकालीन अवकाश नहीं घोषित किया गया, जिसके कारण बुधवार सुबह ठिठुरते हुए बच्चे किसी तरह से स्कूल पहुंचे।