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Gonda News: जलस्तर घटा, लेकिन मुश्किलें बढ़ीं, फैल रहा चर्म रोग
Wed, 10 Sep 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:14 AM IST
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वाबगंज के साकीपुर अट्ठईसा गांव में कीचड़। - संवाद
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करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी में पानी लगातार घट रहा है। नदी खतरे के निशान से 24 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। मगर बाढ़ प्रभावित गांवों में ग्रामीणों की दुश्वारियां कम होने के बजाय बढ़ने लगी हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में चर्म रोग फैलने से लोग परेशान हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब कीचड़ और दलदल के बीच ग्रामीणों की आवाजाही शुरू हो गई है। मच्छरजनित बीमारियों के साथ पानी भरा से होने से बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन बीमारियों से निपटने के लिए लोगों को लाल, नीली, पीली गोलियां थमा रही हैं। मगर परेशानी कम नहीं हो रही है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों के पास अगर राशन है तो ईंधन की दिक्कत आ रही है। रसोई गैस लेने के लिए जरवल रोड या करनैलगंज जाना पड़ रहा है। नवाबगंज के साकीपुर के अट्ठाईसा गांव में रास्ते में कीचड़ जमा है। दत्तनगर में अर्जुन मौर्य का घर पानी की जद में है। यहां पानी के साथ मात्रा में कूड़ा-करकट का ढेर लगा है। ऐसे में संक्रमित बीमारियां फैलने लगी हैं। साकीपुर के लालू यादव ने बताया कि गांव में पानी भरा होने से कीचड़ व गंदगी व्याप्त है। पहले एएनएम गांव के बच्चों व महिलाओं को दवा देती थीं, लेकिन, पानी भरने से वह भी नहीं आ रही हैं। राममनोरथ का कहना है कि पत्नी बीमार हैं। रोज पानी से होकर इलाज के लिए जाना पड़ता है। दत्तनगर के अरुण सिंह का कहना है कि घरुकन पुरवा में पानी भरा है। कोई स्वास्थ्यकर्मी गांव में नहीं आ रहा है।
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एसडीएम करनैलगंज जितेंद्र गौतम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब कीचड़ और दलदल के बीच ग्रामीणों की आवाजाही शुरू हो गई है। मच्छरजनित बीमारियों के साथ पानी भरा से होने से बीमारियों ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन बीमारियों से निपटने के लिए लोगों को लाल, नीली, पीली गोलियां थमा रही हैं। मगर परेशानी कम नहीं हो रही है।
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बाढ़ प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों के पास अगर राशन है तो ईंधन की दिक्कत आ रही है। रसोई गैस लेने के लिए जरवल रोड या करनैलगंज जाना पड़ रहा है। नवाबगंज के साकीपुर के अट्ठाईसा गांव में रास्ते में कीचड़ जमा है। दत्तनगर में अर्जुन मौर्य का घर पानी की जद में है। यहां पानी के साथ मात्रा में कूड़ा-करकट का ढेर लगा है। ऐसे में संक्रमित बीमारियां फैलने लगी हैं। साकीपुर के लालू यादव ने बताया कि गांव में पानी भरा होने से कीचड़ व गंदगी व्याप्त है। पहले एएनएम गांव के बच्चों व महिलाओं को दवा देती थीं, लेकिन, पानी भरने से वह भी नहीं आ रही हैं। राममनोरथ का कहना है कि पत्नी बीमार हैं। रोज पानी से होकर इलाज के लिए जाना पड़ता है। दत्तनगर के अरुण सिंह का कहना है कि घरुकन पुरवा में पानी भरा है। कोई स्वास्थ्यकर्मी गांव में नहीं आ रहा है।
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एसडीएम करनैलगंज जितेंद्र गौतम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को फॉगिंग तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है।