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18 गांवों में घुसा पानी

Thu, 15 Sep 2016 11:44 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Thu, 15 Sep 2016 11:44 PM IST
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water intered in 18 villages
घर में घुसा पानी - फोटो : अमर उजाला
करनैलगंज क्षेत्र में फिर बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रात में अचानक बढ़े घाघरा नदी के जलस्तर से आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के करीब 18 मजरों में पानी घुस गया। वहीं घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। दोबारा बाढ़ आने से सिंचाई विभाग की लापरवाही फिर उजागर हुई तो प्रशासन ने बचाव कार्य के लिए कसरत शुरू कर दी है। 
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  भारी बरसात के चलते पहाड़ी नालों के पानी से घाघरा नदी एक बार फिर से उफना गई है। गुरुवार को घाघरा का जलस्तर तेजी से बढ़ कर खतरे के निशान को छूने लगा। घाघरा के खतरे का निशान 106.07 है तो नदी का जलस्तर 105.996 पहुुंच गया जो मात्र एक सेंटीमीटर नीचे है। वहीं घाघरा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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बुधवार की रात में अचानक बढ़े जलस्तर से 8 अगस्त को कटे बांध के जरिये घाघरा का पानी बांध के आसपास के गांवों में घुसने लगा। सुबह होने तक बाढ़ के पानी ने कई गांवों को घेर लिया। इसके पूर्व आई बाढ़ से प्रभावित गांवों के आसपास अभी पानी पूरी तरह से खाली भी नहीं हुआ था। तालाब, गड्ढे, नाले पहले से ही लबालब भरे थे कि एक बार फिर से ग्राम पंचायत प्रतापपुर, घरकुंइया, नकहरा, अतरसुइया, काशीपुर, दिवली के करीब डेढ़ दर्जन मजरों को पानी ने घेर लिया।
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ग्रामीणों के मुताबिक रात के समय सब कुुछ सही था, जब भोर में लोग उठे तो पानी भरा हुआ था। यदि पानी बढ़ने का यही सिलसिला रहा तो बाढ़ एक बार फिर क्षेेत्र में तबाही मचा सकती है। करीब तीन सप्ताह पूर्व क्षेत्र से समाप्त हो चुकी बाढ़ एवं पानी घटने के बाद प्रशासन कटे हुए बांध के हिस्से को मजबूत करा देता तो बाढ़ से क्षेत्र को बचाया जा सकता था। इसमें सिंचाई विभाग की लापरवाही उजागर हुई है, जबकि डीएम ने बाढ़ के पानी से कट रहे बांध के हिस्से को मजबूत कराने के आदेश दिए थे, मगर मात्र कुछ बालू भरी बोरियों को डालकर महज खानापूर्ति कर ली गई, जिसका खामियाजा करीब 30 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा है।

बाढ़ ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। सूचना मिलने के बाद एसडीएम हरिशंकर शुक्ला ने बाढ़ से प्रभावित हुए गांवों का दौरा किया। उन्होंने आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम हरिशंकर शुक्ला ने बताया कि ग्राम नकहरा, काशीपुर का निरीक्षण किया गया है।


घाघरा का पानी खेतों एवं खलिहानों के साथ खाली स्थानों पर भरा है। कुछ गांव पानी से घिरे हैं, जहां नाव की व्यवस्था कराई जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों को एक बार फिर अलर्ट कर दिया गया है तथा डीएम को रिपोर्ट भेजी जा रही है। 
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