विनोद साहनी हत्याकांड : सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर तीन और एफआईआर, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
व्यापारी की हत्या के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतुष्टि जताई है। मामले में कई दिन बीतने के बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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व्यापारी विनोद साहनी हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की निगरानी और सख्त हो गई है। आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित करने के मामलों में तीन और एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। पुलिस ने संबंधित पोस्ट भी हटवाए हैं।
एएसपी पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी की जा रही है। साइबर थाने में सत्येंद्र कुमार तथा परसपुर थाने में अशोक और जितेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने पर उसकी जांच कर कार्रवाई की जा रही है। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
भड़काऊ पोस्ट से सौहार्द बिगाड़ने की शिकायत: सकरौरा ग्रामीण निवासी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने क्षेत्राधिकारी को शिकायती पत्र देकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि एक व्यक्ति फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया माध्यमों पर लगातार भड़काऊ पोस्ट प्रसारित कर रहा है। सीओ आनंद कुमार राय ने बताया कि शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेक्सड़िया में बढ़ाई गई चौकसी, परिजनों ने कार्रवाई पर जताया असंतोष
रेक्सड़िया निवासी व्यापारी विनोद साहनी (45) की हत्या के बाद पुलिस ने मृतक के घर और आसपास के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। एसओ कृष्ण गोपाल राय खुद सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं।
शाहपुर बाजार से मृतक के घर तक आने-जाने वाले रास्तों, घर और कमियार मार्ग पर पांच बैरियर लगाए गए हैं। करीब 50 से 55 महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ सात दरोगा और गार्ड तैनात हैं। पीएसी भी शाहपुर में कैंप कर रही है। पुलिस जांच-पड़ताल के बाद ही लोगों को मृतक के घर की ओर जाने दे रही है।
परिजन बोले- कार्रवाई से संतुष्ट नहीं
मृतक के भाई विनय साहनी ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि हत्या के कई दिन बीतने के बाद भी सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परिवार को तब तक न्याय मिलने का भरोसा नहीं है, जब तक शेष आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती। विनय साहनी ने आरोप लगाया कि मृतक के घर और आने-जाने वाले रास्तों पर भारी पुलिस बल तैनात होने से शोक संवेदना व्यक्त करने आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी को मांगपत्र देकर मृतक के बेटे को सरकारी नौकरी और पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई थी। परिजनों का कहना है कि इन मांगों पर अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
पुलिस बोली- चल रहा प्रयास
- हत्या के पांच दिन बाद भी छह आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। घायल विनोद की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में तीन नामजद समेत कुल 10 लोगों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर परिजनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सीओ आनंद राय ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए प्रयास चल रहे हैं।