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विकास के 30.32 करोड़ का बजट मिला, फिर भी बंधे हैं हाथ

Thu, 20 May 2021 10:34 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 10:34 PM IST
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Vikas got a budget of 30.32 crores, yet tied hands
गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद पंचायतों को विकास कार्य के लिए 30.32 करोड़ का बजट मिल चुका है। इसके बाद भी बजट राशि खर्च करने को लेकर नव निर्वाचितों के हाथ फिलहाल बंधे हुए हैं। जिला पंचायत के साथ ही 16 क्षेत्र पंचायत और 1214 पंचायतों को 30 करोड़ 32 लाख 75 हजार 573 रूपए की पहली किश्त केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुति पर भेजी जा चुकी है।
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इसके बावजूद कोरोना काल के चलते जिला पंचायत के अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुखों का चुनाव न हो पाने और नवनिर्वाचित प्रधानों का शपथ ग्रहण फिलहाल टाले जाने से पंचायतों के गठन की कार्रवाई भी बीच में अटकी है।
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ऐसे में दिए गए बजट को खर्च करने में पंचायतों के हाथ बंधे हुए हैं। नवनिर्वाचित कुछ प्रधान अपने स्तर से कोरोना को देखते हुए गावों के सेनेटाइजेशन की कार्रवाई कर रहे हैँ। उन्हें शपथ का इंतजार है।
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केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुति पर 30 करोड़ 32 लाख 75 हजार 573 रूपए की पहली किश्त ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के खाते में ऑनलाइन पीएफएमएस के जरिए भेजी गई है।
सरकार ने भले ही खाते में बजट भेज दिया है, लेकिन ग्राम प्रधानों के हाथ अभी बंधे हुए हैं। जब तक शपथ ग्रहण कराकर ग्राम पंचायत की पहली बैठक नहीं हो जाती तब तक ग्राम प्रधानों के खाते नहीं खुलेंगे। वित्तीय वर्ष 2021-22 में 15वें वित्त आयोग से भी पंचायतों को बजट दिया गया है। लेकिन बजट को खर्च करने के लिए प्रधानों को अभी इंतजार ही करना होगा।
प्रधानों के शपथ के बाद ही गावों में विकास कार्य शुरू हो पाएंगे। पंचायतों को मिले बजट से पंचायत भवन का निर्माण, सामुदायिक शौचालय निर्माण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, स्कूल शौचालय का निर्माण, सोकपिट व नाली निर्माण, गावों में इंटरलॉकिग व सीसी रोड, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कार्य होने हैं। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बीते चार माह से ठप है।
विकास कार्य को लेकर भले ही गांवों में प्रशासकों की तैनाती की गई हो लेकिन, वह भी सिर्फ अनिवार्य जिम्मेदारी निभा रहे हैं। मनरेगा हो या अन्य योजनाएं गांवों में एकदम ठप हो चुकी हैं।
कामगारों को रोजगार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। डीपीआरओ सभाजीत पांडेय का कहना है कि अभी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों व सदस्यों के शपथ ग्रहण को लेकर कोई निर्देश शासन से नहीं मिला है।
बीते चार माह में जिले के 16 ब्लाकों की 1044 ग्राम पंचायतों में प्रशासकों ने 17.63 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। निर्वाचित प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 को समाप्त हो गया था।

इसी क्रम में 1044 ग्राम पंचायतों में प्रधानों के दायित्व का निर्वहन करने के लिए जिला प्रशासन ने प्रशासकों की तैनाती थी। निर्धारित परियोजनाओं पर अवशेष धनराशि खर्च करने की स्वीकृति जनवरी में मिली थी। इसके बाद प्रशासकों ने पंचायत के बजट में बड़े पैमाने पर भुगतान किए हैं। विभाग अब खर्च हुए बजट की रिपोर्ट खंगाल रहा है।
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