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Gonda News: मेडिकल कॉलेज के मर्च्युरी में नहीं रखे जाएंगे अज्ञात शव
Sun, 01 Sep 2024 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 01 Sep 2024 11:55 PM IST
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गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के मर्च्युरी में अब बाहर से लाए गए अज्ञात शवों को नहीं रखा जाएगा। अस्पताल की इमरजेंसी में मृत घोषित होने के बाद शव को सीधे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया जाएगा।
रोजवेज बस स्टाॅप के पास रविवार को अचेत अवस्था में मिले एक अज्ञात व्यक्ति को पुलिसकर्मी अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए, जहां ईएमओ डॉ. अतुल मिश्र ने उसे मृत घोषित कर दिया। फार्मासिस्ट बीडी सोनी ने लावारिस शव को सीधे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को कहा।
उन्होंने कहा कि लावारिस शव को 72 घंटे तक रखना पड़ता है। इस दौरान अस्पताल में भर्ती व इमरजेंसी में मृत लोगों के शव को रखने में समस्या होती है। इसलिए सीएमएस के निर्देश पर अब अस्पताल के मर्च्युरी में सिर्फ वही शव रखे जाएंगे जिनकी मौत अस्पताल में उपचार के दौरान हुई है। जिनके परिजनों के सामने इमरजेंसी में मृत घोषित किया गया हो। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि हर रोज एक-दो लोगों का शव रखना पड़ता है, जिससे 72 घंटे तक अज्ञात शव को रखने में समस्या होती है।
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रोजवेज बस स्टाॅप के पास रविवार को अचेत अवस्था में मिले एक अज्ञात व्यक्ति को पुलिसकर्मी अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए, जहां ईएमओ डॉ. अतुल मिश्र ने उसे मृत घोषित कर दिया। फार्मासिस्ट बीडी सोनी ने लावारिस शव को सीधे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने को कहा।
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उन्होंने कहा कि लावारिस शव को 72 घंटे तक रखना पड़ता है। इस दौरान अस्पताल में भर्ती व इमरजेंसी में मृत लोगों के शव को रखने में समस्या होती है। इसलिए सीएमएस के निर्देश पर अब अस्पताल के मर्च्युरी में सिर्फ वही शव रखे जाएंगे जिनकी मौत अस्पताल में उपचार के दौरान हुई है। जिनके परिजनों के सामने इमरजेंसी में मृत घोषित किया गया हो। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने कहा कि हर रोज एक-दो लोगों का शव रखना पड़ता है, जिससे 72 घंटे तक अज्ञात शव को रखने में समस्या होती है।
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