फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Two ring dam will block the intersection of ghaghra

दो रिंग बांध रोकेंगे घाघरा की कटान

Sun, 05 Jul 2015 10:58 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 05 Jul 2015 10:58 PM IST
विज्ञापन
एल्गिन-चरसड़ी रिंग बांध पर हो रही कटान से लोगों को बचाने और नदी की जलधारा के तत्काल फैलाव को रोकने के लिए संवेदनशील माने जा रहे एल्गिन-चरसड़ी रिंग बांध के किलोमीटर 10 से 12 के बीच एक और 700 मीटर का रिंग बांध बनाने की कवायद मांझा रायपुर गांव के पास रविवार को शुरू कर दी गई।
विज्ञापन


एसडीएम वीके सिंह की मानें तो यह बांध नदी की धारा के तत्काल फैलाव को रोकने के लिए बनाया जाएगा। जिससे नदी के पानी को कुछ देर के लिए रोक कर आसपास के गांवों में रह रहे लोगों से गांव खाली कराया जा सके, ताकि जनहानि की आशंका न रहे।
विज्ञापन


मानसून की पहली बरसात ने ही करनैलगंज इलाके में रह रहे लोगों के सामने बाढ़ की समस्या खड़ी कर दी है। घाघरा के जलस्तर में आई तेजी और नदी की धारा में आए 35 फीसदी के बदलाव से न सिर्फ सिंचाई विभाग के अधिकारियों की सांसें फूली हुई हैं, बल्कि बाराबंकी व गोंडा जिला प्रशासन से लेकर दोनों जिलों के 74 गांवों में भी बाढ़ की आशंका से कोहराम मचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाराबंकी जिले में पड़ने वाले मांझा रायपुर गांव के नजदीक घाघरा नदी एल्गिन-चरसड़ी बांध में लगातार कटान कर रही है। इसे बचाने के लिए सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने दिन-रात एक कर रखा है।
 बांध के किनारे लकड़ी की बल्लियां गाड़कर उसमें बोल्डर और बालू भरी बोरियां भरवाई जा रही हैं, लेकिन इसके बाद भी बंधे में कटान नहीं बंद हो रही।

शनिवार को सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव के निर्देश पर बंधे का निरीक्षण करने आए प्रमुख अभियंता सिंचाई विभाग आनंद मोहन व मुख्य अभियंता पीके श्रीवास्तव ने भी यह स्वीकार किया था कि बंधे की स्थिति किलोमीटर 10 से 12 के बीच संवेदनशील है।

इसे लेकर दोनों अधिकारियों ने फौरी तौर पर संवेदनशील बंधे से 200 मीटर पीछे हटकर एक और 700 मीटर के रिंग बांध को बनाने की स्वीकृति दी है। ताकि अगर किन्हीं कारणों से बंधा कटता है तो नदी के जल का फैलाव तत्काल इलाके में न हो और लोगों को जलप्रलय की आपदा से बचाया जा सके।

नए बंधे के निर्माण का काम रविवार से चालू हो गया है। इस रिंग बंधे का निर्माण मौजूदा बांध से कम ऊंचाई पर किया जाएगा। वहीं रविवार को नदी का पानी स्थिर रहने से पूरे दिन पुराने बांध की मजबूती के लिए इसका काम चालू रहा। रविवार को घाघरा नदी में 72 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होता पाया गया। फिलहाल नए बंधे के निर्माण के लिए पोकलैंड व जेसीबी मशीन से इसका काम चालू करा दिया गया है।

मौसम विज्ञानियों की मानें तो सोमवार को जोरदार बारिश की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो नदी का जलस्तर बढ़ जाएगा। वहीं बांध बचाव के चल रहे काम में भी दिक्कतें आ सकती हैं। इसे देखते हुए रविवार को तमाम मजदूर लगाकर बंधे की मजबूती का काम यहां चालू रहा।

एल्गिन-चरसड़ी रिंग बांध के दो किलोमीटर एरिया किलोमीटर 10 से 12 के बीच में पड़ने वाले गांव प्रतापपुर, काशीपुर, नकहरा, घरकुईयां, मांझारायपुर व परसवाल के लोग बांध कटने के डर से भयभीत हैं। लोगों का कहना है कि वह पहले से ही इस बांध से संतुष्ट नहीं थे। ऊपर से शनिवार को आए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने भी इसकी मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


 इससे गांव में रहना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है। बता दें कि अगर एल्गिन-चरसड़ी रिंग बांध किन्हीं कारणों से कटता है तो उसका सबसे ज्यादा प्रभाव सबसे पहले इन गांवों में पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed