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घाघरा में फिर छोड़ा गया दो लाख क्यूसेक पानी

Sun, 11 Aug 2019 10:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 10:06 PM IST
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Two lakh cusecs of water released in Ghaghra again, panic
27-गोंडा में नकहरा के निकट नदी के कटान का एक दृश्य - फोटो : GONDA
करनैलगंज (गोंडा)। घाघरा का जलस्तर घटकर खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर नीचे हो गया। मगर पहाड़ी नालों का पानी बैराज से छोड़े जाने से दोपहर बाद घाघरा का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा। सोमवार तक और पानी बढ़ने का अनुमान है। लगातार बरसात व बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के चलते गोंडा व बाराबंकी के सरहदी इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। बाढ़ की आशंका से सैकड़ों लोग बांध पर शरण लिए हुए हैं।
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विगत तीन दिनों से घाघरा नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। कमोवेश घाघरा खतरे के निशान के बराबर ही चल रही है।
शनिवार की शाम पानी बढ़ोत्तरी में ब्रेक लगा और रविवार की दोपहर तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 8 सेमी नीचे पर टिका रहा। रविवार की दोपहर 12 बजे एल्गिन ब्रिज से आयी सूचना ने सबको एक बार फिर से चौंका दिया। नदी का जलस्तर तो खतरे के निशान से नीचे था पर शारदा व गिरिजा बैराजों सहित सरयू बैराज का कुल छोड़ा गया पानी करीब पौने दो लाख क्यूसेक पानी सोमवार की सुबह से आना शुरू हो जायेगा जिससे सोमवार तक घाघरा में एक बार फिर उफान आने की संभावना प्रबल हो चली है। रविवार की दोपहर एल्गिन ब्रिज घाघरा घाट पर केन्द्रीय जल आयोग संस्थान द्वारा ली गयी माप के अनुसार नदी का जलस्तर 105.996 रहा। जो कि निर्धारित खतरे के निशान से करीब 7 सेमी नीचे दर्ज किया गया। तो वहीं नदी में कुल डिस्चार्ज 1 लाख 63 हजार 214 क्यूसेक दर्ज किया गया। लगातार घटते-बढ़ते घाघरा के जलस्तर से गोंडा व बाराबंकी के तटवर्ती इलाकों में पानी के फैलाव में कमी नहीं आ रही।
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चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बाराबंकी के राजस्व ग्राम नैपुरा, परसावल सहित मांझा रायपुर, कमियार के कई मजरों में बाढ़ का पानी भर चुका है। तो वहीं नकहरा गांव के कई मजरों पर बाढ़ के बादल मंडरा रहे है। कुछ लोगों का छप्पर युक्त घर गिर चुका है। कुछ लोगों का गिरने के कगार पर है। ईंधन न होने से भोजन बनाने की समस्या है। स्थानीय लेखपाल तेजबहादुर सिंह राव व राजस्व निरीक्षक रामपल्टन ने बताया कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नकहरा में दो नावें लगाई गई हैं। जहां नावों की आवश्यकता है वहां नाव लगाने की संस्तुति की जा चुकी है। एक्सईएन वीएन शुक्ला, एई अमरेश कुमार सिंह, जेई एमके सिंह लगातार बांध पर निगरानी में लगे है। उन्होंने बताया कि बांध को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। एसडीएम ज्ञानचंद गुप्ता बताते हैं कि बाढ़ की संभावना को देखते हुए सभी तैयारियों को पूरा किया जा चुका है। बांध की निगरानी कराई जा रही है। लगातार निरीक्षण भी किया जा रहा है। लेखपाल व राजस्व निरीक्षक को गांव में ही भ्रमण करते रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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