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डेंगू से दो बच्चों की मौत
अमर उजाला/गोंडा
Updated Fri, 07 Oct 2016 11:38 PM IST
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platelets, dengue
- फोटो : Demo Pic
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डेंगू से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की रात डेंगू से पीड़ित एक बच्चे की मौत हो गई। जिससे जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या 15 जा पहुंची है। लेकिन डेंगू से होने वाली इतनी मौतों के बाद भी जिले में इस बीमारी पर नियंत्रण पाने के सारे प्रयास बेकार साबित होते दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि एक के बाद डेंगू से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।
बताया जाता है कि विकासखंड छपिया के गांव हड़िया में रहने वाले शत्रुघ्न का तीन साल का बेटा अनुज पांच दिन पहले डेंगू से बीमार हुआ था। परिवारीजनों को जांच के दौरान जब उसे डेंगू होने का पता चला तो उन्होंने पहले तो बच्चे का इलाज तीन दिनों तक बस्ती जिले में कराया। लेकिन जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे परिवारीजन लेकर लखनऊ चले गए, जहां गुरुवार की रात उसकी मौत हो गई।
जिले में एक और मौत डेंगू से होने के बाद इससे मरने वाले लोगों की संख्या बढक़र 15 तक जा पहुंची है। जबकि डेंगू से ही बीमार दर्जनों की संख्या में मरीज कहीं लखनऊ, गोरखपुर व फैजाबाद के बड़े अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं तो कोई जिले के प्राइवेट अस्पतालों में। लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और कहीं भी डेंगू से बचाव के कोई इंतजाम होते नहीं दिखाई दे रहे। यहां तक जिलाधिकारी के कहने के बाद भी गांवों में न तो कहीं फॉगिंग हो रही है न ही एंटी लार्वा का छिडक़ाव ही हो रहा है।
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उधर, बलरामपुर के तुलसीपुर में डेंगू से पीड़ित बच्चे की डेंगू से पीड़ित होने पर लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। देवीपाटन ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान अजय यादव का इकलौता पुत्र विशाल यादव (6) बीते दिनों बुखार से पीड़ित हुआ। विशाल को गोंडा में इलाज के दौरान डेंगू के लक्षण मिले। विशाल को लखनऊ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को इलाज के दौरान विशाल की मौत हो गई।
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बताया जाता है कि विकासखंड छपिया के गांव हड़िया में रहने वाले शत्रुघ्न का तीन साल का बेटा अनुज पांच दिन पहले डेंगू से बीमार हुआ था। परिवारीजनों को जांच के दौरान जब उसे डेंगू होने का पता चला तो उन्होंने पहले तो बच्चे का इलाज तीन दिनों तक बस्ती जिले में कराया। लेकिन जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे परिवारीजन लेकर लखनऊ चले गए, जहां गुरुवार की रात उसकी मौत हो गई।
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जिले में एक और मौत डेंगू से होने के बाद इससे मरने वाले लोगों की संख्या बढक़र 15 तक जा पहुंची है। जबकि डेंगू से ही बीमार दर्जनों की संख्या में मरीज कहीं लखनऊ, गोरखपुर व फैजाबाद के बड़े अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं तो कोई जिले के प्राइवेट अस्पतालों में। लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और कहीं भी डेंगू से बचाव के कोई इंतजाम होते नहीं दिखाई दे रहे। यहां तक जिलाधिकारी के कहने के बाद भी गांवों में न तो कहीं फॉगिंग हो रही है न ही एंटी लार्वा का छिडक़ाव ही हो रहा है।
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उधर, बलरामपुर के तुलसीपुर में डेंगू से पीड़ित बच्चे की डेंगू से पीड़ित होने पर लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई। देवीपाटन ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान अजय यादव का इकलौता पुत्र विशाल यादव (6) बीते दिनों बुखार से पीड़ित हुआ। विशाल को गोंडा में इलाज के दौरान डेंगू के लक्षण मिले। विशाल को लखनऊ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को इलाज के दौरान विशाल की मौत हो गई।