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आधार कार्ड बनवाने में दुश्वारी, पैसे देने और पहले आऐगी बारी
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गोंडा। जनपद में आधार कार्ड बनवाने व संशोधित कराने के नाम पर भारी लूट मची हुई है। आधार केंद्रों पर 200 से 500 रुपये तक लेकर पहले नंबर दिया जाता है। गांवों में आवास, पशुशेड व अन्य सरकारी योजनाओं के फॉर्म लिए आधार कार्ड बनवाने वालों की भीड़ बढ़ी है तो वहीं छात्रों के प्रवेश तथा छात्रवृत्ति फॉर्म में आधार कार्ड की अनिवार्यता के चलते आधार कार्ड में संशोधन कराने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है।
आधार कार्ड बनवाने व संशोधन करने की जटिल प्रक्रिया के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। निवास प्रमाण पत्र व आय प्रमाण पत्र के साथ अखबार में गजट कराने की जटिल व्यवस्था से जनमानस को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। टीम ने सोमवार को आधार कार्ड बनाने वाले केंद्रों की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
सुबह 10:30 बजे
शहर के इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा के आधार केंद्र के सामने खड़े संजीव रंजन मिश्र ने बताया कि वो आधारकार्ड में संशोधन कराने के लिए तीसरी बार आये हैं और आज भी टोकन नहीं मिल पाया। बताया गया कि यदि जल्दी चाहिए तो 300 रुपया देकर टोकन ले लो। नहीं तो कल सुबह ही आकर लाइन में लगकर ले लेना। वहीं मधान पुरवा धानेपुर से आई रागिनी ने बताया कि उसने 200 रुपये देकर टोकन लेने के बाद आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन करवाया है। इटियाथोक के कर्मडीह कला निवासी लल्लन तिवारी ने बताया कि उन्होंने 200 रुपये देकर इलाहाबाद बैंक स्थित सेंटर से टोकन लिया है। आधार बनवाने को लेकर भारी लूट मची है।
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सुबह 10:45 बजे
बैंक ऑफ इंडिया में आधार कार्ड बनवाने वालों की लाइन लगी थी। लाइन में लगे लोगों ने बताया कि कुछ तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिये रोक दिया गया है। आधार बनवाने के लिए तीन-चार बार आना पड़ता है।
पूर्वाह्न 11:20 बजे
प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनवाने आये अंकित मिश्र ने बताया कि कार्ड में उनका नाम व मोबाइल नंबर गलत है। गार्ड ने बताया कि संशोधन करने के लिए अखबार में गजट कराना पड़ेगा। वहीं बैठी कुतुबगंज से आई अर्चना ने बताया कि वह एक बार आई थी तो निवास प्रमाण-पत्र बनवाने को कहा गया था और अब जन्म प्रमाण पत्र भी मांगा जा रहा है। बार-बार दूर से आना पड़ता है बहुत समस्या हो रही है।
सुबह 4 बजे से लग जाती है लाइन
आधार कार्ड बनवाने वालों की सुबह 4 बजे से ही लाइन लग जाती है। सीमित टोकन मिलने के कारण सुबह लाइन में लगना पड़ता है। भीड़ को देखते हुए बैंकों व डाकघरों में पहले टोकन दिया जाता है फिर नम्बर आने पर निर्धारित तारीख को बुलाया जाता है। जिसका फायदा उठाकर कुछ केंद्रों पर जल्दी बनवाने के नाम पर वसूली की जाती है। इंडियन बैंक में एक दिन में 15 कार्ड तो डाकघर में सिर्फ पैंतीस कार्ड बनाये जाते हैं। वहीं प्रधान डाकघर के अलावा बालपुर, बनकटवा, बड़गांव, उमरी बेगमगंज, बेलसर, बस स्टैंड, सिविल लाइन ददुआ बाजार समेत कुल 23 डाकघरों पर आधार कार्ड बनाये जाते हैं।
इसलिए बढ़ गयी भीड़
गांवों में आवास, शौचालय व पशुशेड का फार्म भरने के लिए आधार से सत्यापन किया जाना है। अधिकांश लोगों के कार्ड में जन्मतिथि गलत अंकित है। संशोधन कराने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं छात्रों के प्रवेश फॉर्म तथा छात्रवृत्ति फॉर्म में आधार कार्ड में फीड नंबर पर ओटीपी भेजकर सत्यापित किया जाना है। कई लोगों का पुराना नंबर या तो बंद हो गया या नंबर ही गलत फीड था। उनको जल्दी संशोधन कराने की आवश्यकता है।
जल्द ही सीएससी पर लागू होगी व्यवस्था
आधार कार्ड बनाने तथा संशोधित करने वाले सेंटरों की संख्या कम है। अभी डाकघर व कुछ बैंकों में बनाया जा रहा है। जल्द ही सीएससी को आधार कार्ड बनाने का काम दे दिया जायेगा जिससे समस्या कम हो जायेगी।
- अमित कुमार गुप्ता, मैनेजर ई डिस्ट्रिक्ट
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आधार कार्ड बनवाने व संशोधन करने की जटिल प्रक्रिया के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है। निवास प्रमाण पत्र व आय प्रमाण पत्र के साथ अखबार में गजट कराने की जटिल व्यवस्था से जनमानस को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। टीम ने सोमवार को आधार कार्ड बनाने वाले केंद्रों की पड़ताल की। पेश है रिपोर्ट-
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सुबह 10:30 बजे
शहर के इलाहाबाद बैंक मुख्य शाखा के आधार केंद्र के सामने खड़े संजीव रंजन मिश्र ने बताया कि वो आधारकार्ड में संशोधन कराने के लिए तीसरी बार आये हैं और आज भी टोकन नहीं मिल पाया। बताया गया कि यदि जल्दी चाहिए तो 300 रुपया देकर टोकन ले लो। नहीं तो कल सुबह ही आकर लाइन में लगकर ले लेना। वहीं मधान पुरवा धानेपुर से आई रागिनी ने बताया कि उसने 200 रुपये देकर टोकन लेने के बाद आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन करवाया है। इटियाथोक के कर्मडीह कला निवासी लल्लन तिवारी ने बताया कि उन्होंने 200 रुपये देकर इलाहाबाद बैंक स्थित सेंटर से टोकन लिया है। आधार बनवाने को लेकर भारी लूट मची है।
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सुबह 10:45 बजे
बैंक ऑफ इंडिया में आधार कार्ड बनवाने वालों की लाइन लगी थी। लाइन में लगे लोगों ने बताया कि कुछ तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय के लिये रोक दिया गया है। आधार बनवाने के लिए तीन-चार बार आना पड़ता है।
पूर्वाह्न 11:20 बजे
प्रधान डाकघर में आधार कार्ड बनवाने आये अंकित मिश्र ने बताया कि कार्ड में उनका नाम व मोबाइल नंबर गलत है। गार्ड ने बताया कि संशोधन करने के लिए अखबार में गजट कराना पड़ेगा। वहीं बैठी कुतुबगंज से आई अर्चना ने बताया कि वह एक बार आई थी तो निवास प्रमाण-पत्र बनवाने को कहा गया था और अब जन्म प्रमाण पत्र भी मांगा जा रहा है। बार-बार दूर से आना पड़ता है बहुत समस्या हो रही है।
सुबह 4 बजे से लग जाती है लाइन
आधार कार्ड बनवाने वालों की सुबह 4 बजे से ही लाइन लग जाती है। सीमित टोकन मिलने के कारण सुबह लाइन में लगना पड़ता है। भीड़ को देखते हुए बैंकों व डाकघरों में पहले टोकन दिया जाता है फिर नम्बर आने पर निर्धारित तारीख को बुलाया जाता है। जिसका फायदा उठाकर कुछ केंद्रों पर जल्दी बनवाने के नाम पर वसूली की जाती है। इंडियन बैंक में एक दिन में 15 कार्ड तो डाकघर में सिर्फ पैंतीस कार्ड बनाये जाते हैं। वहीं प्रधान डाकघर के अलावा बालपुर, बनकटवा, बड़गांव, उमरी बेगमगंज, बेलसर, बस स्टैंड, सिविल लाइन ददुआ बाजार समेत कुल 23 डाकघरों पर आधार कार्ड बनाये जाते हैं।
इसलिए बढ़ गयी भीड़
गांवों में आवास, शौचालय व पशुशेड का फार्म भरने के लिए आधार से सत्यापन किया जाना है। अधिकांश लोगों के कार्ड में जन्मतिथि गलत अंकित है। संशोधन कराने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं छात्रों के प्रवेश फॉर्म तथा छात्रवृत्ति फॉर्म में आधार कार्ड में फीड नंबर पर ओटीपी भेजकर सत्यापित किया जाना है। कई लोगों का पुराना नंबर या तो बंद हो गया या नंबर ही गलत फीड था। उनको जल्दी संशोधन कराने की आवश्यकता है।
जल्द ही सीएससी पर लागू होगी व्यवस्था
आधार कार्ड बनाने तथा संशोधित करने वाले सेंटरों की संख्या कम है। अभी डाकघर व कुछ बैंकों में बनाया जा रहा है। जल्द ही सीएससी को आधार कार्ड बनाने का काम दे दिया जायेगा जिससे समस्या कम हो जायेगी।
- अमित कुमार गुप्ता, मैनेजर ई डिस्ट्रिक्ट