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Gonda News: कुत्ते पकड़ने के लिए बिछाया जाल, दो घंटे में ही लौटे खाली हाथ
Tue, 17 Feb 2026 11:32 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 17 Feb 2026 11:32 PM IST
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कल्याण नगर में मंगलवार को कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल लगाकर खड़े पंचायत कर्मी और कुत्तों के डर
धानेपुर/मुजेहना। नगर पंचायत के सफाई कर्मचारियों ने कुत्तों के हमले में मुस्कान (05) की मौत के चौथे दिन मंगलवार को कल्याण नगर में जाल बिछाया। मगर दो घंटे में ही खाली हाथ लौट गए। नगर पंचायत की टीम के पास कुत्तों को पकड़ने के लिए न तो समुचित इंतजाम दिखाई दिया और न ही कुत्तों को पकड़ा जा सका।
कुत्तों को सुरक्षित और मानवीय तरीके से पकड़ने के लिए मुख्य रूप से डॉग कैचर पोल, पिंजरे व फंदे आदि का इंतजाम नहीं दिखा, बल्कि सफाई नायक राजमणि की अगुवाई में नौ सफाई कर्मचारियों ने लाठी-डंडे लेकर हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आरोप है कि बिना समुचित इंतजाम और अनुभवी व्यक्ति या पशु बचाव दल के कर्मचारियों को उतारा गया। दो घंटे में ही टीम खाली हाथ लौट गई।
मुस्कान के ताऊ श्रीकृष्ण का कहना है कि हिंसक कुत्तों के नहीं पकड़े जाने से लोगों में भय व्याप्त है। बच्चे शौच के लिए खेत नहीं जा पा रहे हैं। घर में शौचालय का इंतजाम नहीं है। ऐसे में दरवाजे पर ही शौच कराने पर मजबूर हो गए हैं। महिलाओं व बच्चों के साथ घर के बुजुर्ग जा रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पंचायत के कर्मियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। ईओ रागिनी वर्मा ने बताया कि कुत्तों का पता नहीं लग सका है। कुत्तों को पकड़वाने के लिए जरूरी प्रयास किए जाएंगे।
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बार-बार बेसुध हो रहीं मां धीरा
मुस्कान की मां धीरा घटना के बाद मायके चली गईं। परिजनों ने बताया कि बार-बार बेसुध हो जा रही। मुंबई में पिता विष्णु लाल की हालत भी ठीक नही है। चौथे दिन भी धीरा मायके से नहीं लौटीं। इस दौरान उनके घर में जहां ताला लटकता रहा, वहीं, लोग डंडे के साथ ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
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कुत्तों को सुरक्षित और मानवीय तरीके से पकड़ने के लिए मुख्य रूप से डॉग कैचर पोल, पिंजरे व फंदे आदि का इंतजाम नहीं दिखा, बल्कि सफाई नायक राजमणि की अगुवाई में नौ सफाई कर्मचारियों ने लाठी-डंडे लेकर हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। आरोप है कि बिना समुचित इंतजाम और अनुभवी व्यक्ति या पशु बचाव दल के कर्मचारियों को उतारा गया। दो घंटे में ही टीम खाली हाथ लौट गई।
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मुस्कान के ताऊ श्रीकृष्ण का कहना है कि हिंसक कुत्तों के नहीं पकड़े जाने से लोगों में भय व्याप्त है। बच्चे शौच के लिए खेत नहीं जा पा रहे हैं। घर में शौचालय का इंतजाम नहीं है। ऐसे में दरवाजे पर ही शौच कराने पर मजबूर हो गए हैं। महिलाओं व बच्चों के साथ घर के बुजुर्ग जा रहे हैं। उनका कहना है कि नगर पंचायत के कर्मियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। ईओ रागिनी वर्मा ने बताया कि कुत्तों का पता नहीं लग सका है। कुत्तों को पकड़वाने के लिए जरूरी प्रयास किए जाएंगे।
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बार-बार बेसुध हो रहीं मां धीरा
मुस्कान की मां धीरा घटना के बाद मायके चली गईं। परिजनों ने बताया कि बार-बार बेसुध हो जा रही। मुंबई में पिता विष्णु लाल की हालत भी ठीक नही है। चौथे दिन भी धीरा मायके से नहीं लौटीं। इस दौरान उनके घर में जहां ताला लटकता रहा, वहीं, लोग डंडे के साथ ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

कल्याण नगर में मंगलवार को कुत्तों को पकड़ने के लिए जाल लगाकर खड़े पंचायत कर्मी और कुत्तों के डर