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सांस व दिल की बीमारी से तीन की मौत
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गोंडा। जिले में गलन भरी सर्दी की वजह से सांस व दिल के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। पिछले 24 घंटे में कलेक्ट्रेट में कार्यरत लिपिक समेत सांस व हार्ट अटैक से तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल में करीब एक दर्जन सांस व हृदय रोगियों का इलाज चल रहा है।
जिले में ठंड का प्रकोप जारी है। पिछले 24 घंटे में तीन लोगों की सांस व दिल की बीमारी से मौत हो गई। डीएम कार्यालय में लिपिक स्वदेशी की सोमवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। वो संतकबीर नगरवासी थे। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती मलारी निवासी हरपता तथा पड़री कृपाल निवासी रामछैल की सांस फूलने से मौत हो गई। हरपता को एक फरवरी को तथा रामछैल को तीन फरवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. समीर गुप्ता के मुताबिक ठंड में रक्त हल्का गाढ़ा हो जाता है। इससे तमाम परेशानियां आ जाती हैं। जिससे शरीर में रक्त संचरण कम हो जाता है और रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं। जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो जाता है। उनका कहना है कि सावधानी बरत कर जान बचाई जा सकती है।
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जिले में ठंड का प्रकोप जारी है। पिछले 24 घंटे में तीन लोगों की सांस व दिल की बीमारी से मौत हो गई। डीएम कार्यालय में लिपिक स्वदेशी की सोमवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। वो संतकबीर नगरवासी थे। वहीं जिला अस्पताल में भर्ती मलारी निवासी हरपता तथा पड़री कृपाल निवासी रामछैल की सांस फूलने से मौत हो गई। हरपता को एक फरवरी को तथा रामछैल को तीन फरवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. समीर गुप्ता के मुताबिक ठंड में रक्त हल्का गाढ़ा हो जाता है। इससे तमाम परेशानियां आ जाती हैं। जिससे शरीर में रक्त संचरण कम हो जाता है और रक्त वाहिकाएं फट जाती हैं। जिससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो जाता है। उनका कहना है कि सावधानी बरत कर जान बचाई जा सकती है।
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