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मनरेगा में अनियमित तरीके से तीन ब्लाकों ने खर्च किए 6.68 करोड़
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गोंडा। मनरेगा में अनियमित भुगतान का सिलसिला कई कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा है। एक बार फिर अनियमित ढंग से छह करोड़ 68 लाख 45 हजार रुपये के भुगतान का खुलासा सिर्फ मुजेहना ब्लॉक में ही हुआ है। इसके साथ ही नवाबगंज व वजीरगंज में भी अनियमित भुगतान का मामला सामने आया है। मनरेगा कार्य से जुड़े तीन खंड विकास अधिकारियों के साथ ही 100 अधिक मनरेगा कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मनरेगा में तय मानक के विपरीत भुगतान करने पर रोक है, इसके बावजूद भुगतान ले लिया गया है। इसमें सामग्री के नाम बड़े पैमाने पर भुगतान लिया गया है। सीडीओ ने अनियमित भुगतान के मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी को पूूरे मामले की रिपोर्ट भी भेज दी है।
मनरेगा में अनियमित भुगतान के चलते अभी हाल ही में नवाबगंज के एपीओ की सेवा समाप्त की गई और बीडीओ समेत एक दर्जन कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी अनियमित भुगतान करने से अधिकारी कर्मचारी बाज नही आ रहे हैं। मनरेगा की गाइडलाइन में 60 फीसदी भुगतान श्रमिकों को करने के बाद ही सामग्री पर 40 फीसदी बजट खर्च हो किया जा सकता है। इसके विपरीत 9 ब्लॉकों ने श्रमिकों को तो 45.71 फीसदी भुगतान किया और सामग्री पर सीधे 54.29 फीसदी भुगतान निकाल लिया है। ऐसे में यह भुगतान ही गाइडलाइन के विपरीत हो गया है।
ब्लॉकों ने सामग्री के नाम पर करोड़ों रुपए निकाले हैं। सिर्फ मुजेहना ब्लॉक में ही श्रमिकों को जहां तीन करोड़ 5 लाख 52 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, वहीं सामग्री पर तीन करोड़ 62 लाख 45 हजार रुपये निकाले गए हैं। यह भुगतान मुजेहना की नौ पंचायतों में हुआ है। इसके अलावा नवाबगंज व वजीरगंज ब्लॉक में भी बड़े पैमाने पर अनियमित भुगतान हुए हैं। यहां की रिपोर्ट मांगी गई है। सीडीओ ने तीनों ब्लॉकों के बीडीओ, एपीओ, लेखाकार के साथ ही मनरेगा के 100 कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिसमें तीनों ब्लॉकों के 30 से अधिक ग्राम पंचायतों के सचिवों, रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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फर्जी बिल बाउचरों के सहारे सामग्री पर होता है भुगतान
मनरेगा कार्य में श्रमिकों के भुगतान में तो खेल होता ही है। सामग्री का भुगतान फर्जी बिल बाउचरों से होता है। नवाबगंज ब्लॉक में बीते दिनों हुई जांच में इसका खुलासा भी हुआ था। दो करोड़ से अधिक का भुगतान लेने के लिए फर्जी बिल बाउचर लगाए गए थे, मामला पकड़ में आया तो भुगतान के लिए की गई फीडिंग को ही डिलीट कर दिया गया था। उस मामले में कार्रवाई हो ही रही थी कि फिर नया मामला सामने आ गया है।
मनरेगा में बिना मानक के सामग्री पर भुगतान का मामला सामने आया है। स्पष्टीकरण लिए जाने की कार्रवाई हो रही है। इसके साथ ही ब्लॉकों की जांच की जा रही है। जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ
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मनरेगा में अनियमित भुगतान के चलते अभी हाल ही में नवाबगंज के एपीओ की सेवा समाप्त की गई और बीडीओ समेत एक दर्जन कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई है। इसके बाद भी अनियमित भुगतान करने से अधिकारी कर्मचारी बाज नही आ रहे हैं। मनरेगा की गाइडलाइन में 60 फीसदी भुगतान श्रमिकों को करने के बाद ही सामग्री पर 40 फीसदी बजट खर्च हो किया जा सकता है। इसके विपरीत 9 ब्लॉकों ने श्रमिकों को तो 45.71 फीसदी भुगतान किया और सामग्री पर सीधे 54.29 फीसदी भुगतान निकाल लिया है। ऐसे में यह भुगतान ही गाइडलाइन के विपरीत हो गया है।
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ब्लॉकों ने सामग्री के नाम पर करोड़ों रुपए निकाले हैं। सिर्फ मुजेहना ब्लॉक में ही श्रमिकों को जहां तीन करोड़ 5 लाख 52 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, वहीं सामग्री पर तीन करोड़ 62 लाख 45 हजार रुपये निकाले गए हैं। यह भुगतान मुजेहना की नौ पंचायतों में हुआ है। इसके अलावा नवाबगंज व वजीरगंज ब्लॉक में भी बड़े पैमाने पर अनियमित भुगतान हुए हैं। यहां की रिपोर्ट मांगी गई है। सीडीओ ने तीनों ब्लॉकों के बीडीओ, एपीओ, लेखाकार के साथ ही मनरेगा के 100 कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। जिसमें तीनों ब्लॉकों के 30 से अधिक ग्राम पंचायतों के सचिवों, रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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फर्जी बिल बाउचरों के सहारे सामग्री पर होता है भुगतान
मनरेगा कार्य में श्रमिकों के भुगतान में तो खेल होता ही है। सामग्री का भुगतान फर्जी बिल बाउचरों से होता है। नवाबगंज ब्लॉक में बीते दिनों हुई जांच में इसका खुलासा भी हुआ था। दो करोड़ से अधिक का भुगतान लेने के लिए फर्जी बिल बाउचर लगाए गए थे, मामला पकड़ में आया तो भुगतान के लिए की गई फीडिंग को ही डिलीट कर दिया गया था। उस मामले में कार्रवाई हो ही रही थी कि फिर नया मामला सामने आ गया है।
मनरेगा में बिना मानक के सामग्री पर भुगतान का मामला सामने आया है। स्पष्टीकरण लिए जाने की कार्रवाई हो रही है। इसके साथ ही ब्लॉकों की जांच की जा रही है। जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ