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Gonda News: 76 क्रय केंद्रों पर नहीं हुई खरीद की बोहनी

Wed, 08 Nov 2023 12:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Wed, 08 Nov 2023 12:13 AM IST
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There was no purchase at 76 purchasing centers.
गोंडा में रुपईडीह के रुकमंगदपुर में धान क्रय केंद्र का निरीक्षण करती डिप्टी आरएमओ प्रज्ञा मिश्र
गोंडा। धान खरीद को लेकर किए जा रहे तमाम कोशिशों के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान धान बेचने नहीं पहुंच रहे हैं। खरीद शुरू होने के सात दिन बाद भी 76 क्रय केंद्रों पर खरीद की बोहनी तक नहीं हुई। जबकि इससे इतर मंडी में धान खरीद रफ्तार पकड़ रही है। पंजीकरण व सत्यापन में जटिलता व भुगतान में देरी के चलते किसानों को एमएसपी पर उपज बेचना रास नहीं आ रहा है।
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जिले में करीब चार लाख किसान धान की खेती करते हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए प्रशासन की ओर से छह एजेंसियों के 125 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। एडीएम सुरेश कुमार सोनी की अगुवाई में रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया, लेकिन खरीद शुरू होने के सात दिन बाद भी 76 क्रय केंद्र पर एक बोरी धान भी नहीं खरीदा गया। जबकि 49 केंद्र पर इक्का-दुक्का किसानों ने धान बेचा।
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मंगलवार तक 85 किसानों ने 292 क्विंटल धान बेचा। वहीं, गांवों में आढ़ती 1,800 से 1,900 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदकर किसानों को नकद भुगतान कर रहे हैं। मंडी में लाने वाले किसानों को धान का भाव 2,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिल जा रहा है।
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कम दाम में बेच रहे किसान
शासन की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,183 रुपये है, लेकिन किसान सरकारी प्रक्रियाओं व भुगतान में देरी से बचने के लिए कम दाम में अपनी उपज बेच दे रहे हैं। मंडी में आए किसान रामदीन ने बताया कि उन्होंने 1.4 मीट्रिक टन धान 1,950 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेचा है। सरकारी भाव पर बेचने के लिए पहले पंजीकरण करवाना पड़ता है। इसके बाद तहसील जाकर लेखपाल से सत्यापित करवाना पड़ता है। केंद्र पर भी नमी या अन्य बहाना बताकर हीलाहवाली की जाती है। भुगतान भी देर से मिलता है। इसलिए थोड़ा सस्ता ही सही, लेकिन नगद धान बेच दिया।





निरीक्षण कर खरीद बढ़ाने के दिए निर्देश

नमी के कारण अभी क्रय केंद्रों पर धान नहीं पहुंच रहा है। क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर प्रभारियों को खरीद बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। गेंहू बेचने वाले किसानों को भी फोन किया जा रहा है, कि अपना धान सरकारी क्रय केंद्र पर ही बेचें।

- प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ
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