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Gonda News: 18 सेंटीमीटर बढ़ा सरयू का जलस्तर
Thu, 26 Jun 2025 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 26 Jun 2025 11:26 PM IST
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विश्नोहरपुर (गोंडा)। सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई है। बीते 24 घंटे के भीतर सरयू का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ा है। हालांकि, अभी यह खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे है। इसके बावजूद नवाबगंज के साकीपुर चहलवा में नदी की धारा से जमीन कटने लगी है। नदी में 51,968 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
चार दिन पहले सरयू में जलस्तर बढ़ने से साकीपुर में नदी के तट पर बसे मजरे चहलवा में कटान का असर देखने को मिला था। इसके बाद मंगलवार से जलस्तर घटने के साथ कटान भी रुक गया था। बुधवार शाम से पुनः सरयू के जलस्तर में बढ़त देखी गई जिससे कटान शुरू हो गया है।
गांव के रामरूप यादव ने बताया कि चार दिन पूर्व कटान से दो पेड़ नदी की धारा में बह गए थे। उसके बाद से कटान थम गया था। बृहस्पतिवार से फिर से कटान शुरू हो गया। वहीं, पिछले वर्ष नदी के तेज बहाव ने सैकड़ों बीघा खेत कट गए थे। दर्जन भर पक्के व कच्चे मकान भी नदी में समा गए थे। अनंतराम, रामअचल, नकछेद, झगरू, गुल्ले का आशियाना पानी में बह गया था। कई महीने तक सड़क किनारे पल्ली लगाकर रहे, लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। गांव के राजकिशोर व नंदकिशोर नदी से 100 मीटर दूर छप्पर रखकर गुजारा कर रहे हैं।
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नदी राममिलन के पक्के मकान से महज 50 दूर है। उनका कहना है कि यदि कटान में तेजी आई तो इस बार उनका मकान नहीं बचेगा। बुधवार को एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 103.940 मीटर था, जबकि बृहस्पतिवार को 104.120 मीटर रिकॉर्ड किया गया।
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चार दिन पहले सरयू में जलस्तर बढ़ने से साकीपुर में नदी के तट पर बसे मजरे चहलवा में कटान का असर देखने को मिला था। इसके बाद मंगलवार से जलस्तर घटने के साथ कटान भी रुक गया था। बुधवार शाम से पुनः सरयू के जलस्तर में बढ़त देखी गई जिससे कटान शुरू हो गया है।
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गांव के रामरूप यादव ने बताया कि चार दिन पूर्व कटान से दो पेड़ नदी की धारा में बह गए थे। उसके बाद से कटान थम गया था। बृहस्पतिवार से फिर से कटान शुरू हो गया। वहीं, पिछले वर्ष नदी के तेज बहाव ने सैकड़ों बीघा खेत कट गए थे। दर्जन भर पक्के व कच्चे मकान भी नदी में समा गए थे। अनंतराम, रामअचल, नकछेद, झगरू, गुल्ले का आशियाना पानी में बह गया था। कई महीने तक सड़क किनारे पल्ली लगाकर रहे, लेकिन प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली। गांव के राजकिशोर व नंदकिशोर नदी से 100 मीटर दूर छप्पर रखकर गुजारा कर रहे हैं।
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नदी राममिलन के पक्के मकान से महज 50 दूर है। उनका कहना है कि यदि कटान में तेजी आई तो इस बार उनका मकान नहीं बचेगा। बुधवार को एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर 103.940 मीटर था, जबकि बृहस्पतिवार को 104.120 मीटर रिकॉर्ड किया गया।