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छात्रों ने किया हंगामा
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2015 11:15 PM IST
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तरबगंज क्षेत्र स्थित महाराजा देवीबक्स सिंह इंटर कॉलेज के दर्जनों छात्रों ने मंगलवार को कॉलेज प्रशासन द्वारा ड्रेस कोड लागू करने पर हंगामा किया और शिक्षण कार्य बाधित रखा।
हंगामा कर रहे छात्रों की मांग थी कि उनको बिना यूनिफॉर्म के ही कॉलेज में प्रवेश दिया जाए। वहीं, विरोध कर रहे कुछ छात्रों ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे अब तक यूनिफॉर्म नहीं खरीद सके हैं। कॉलेज प्रशासन का सख्त रवैया हमारे सेलेबस को बैक कर रहा है।
हालात बिगड़े देख छात्रों का एक प्रतिनिधि मंडल तहसीलदार तरबगंज दिनेश चंद्र से मिला और कॉलेज में प्रवेश दिलाने की बात कही।
तहसीलदार ने फोन कर छात्रों को प्रवेश दिलाने के लिए प्रधानाचार्य शमशेर सिंह से कहा, जिस पर प्रधानाचार्य ने छात्रों को विद्यालय में प्रवेश देने की बात कही।
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परंतु छात्रों का आरोप है कि जैसे ही वे विद्यालय में पहुंचे, उन्हें खदेड़ कर बाहर कर दिया गया और गेट बंद कर उनके कॉलेज परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज गेट के सामने ही जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया।
प्रधानाचार्य शमशेर ने कहा कि कॉलेज की अनुशासन समिति ने ये फैसला लिया है कि विद्यालय में तमाम बाहरी लड़के आ जाते हैं, जिससे अराजकता का माहौल हो जाता है। इसलिए अपने विद्यालय के बच्चों के लिए ड्रेस कोड लागू कर उन्हें पहचान पत्र निर्गत किया गया है।
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे सुरक्षित रहें और उन्हें शरारती तत्वों से खतरा न हो, यही मकसद है। बाकी विद्यालय से निकाले जाने का आरोप गलत है।
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हंगामा कर रहे छात्रों की मांग थी कि उनको बिना यूनिफॉर्म के ही कॉलेज में प्रवेश दिया जाए। वहीं, विरोध कर रहे कुछ छात्रों ने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वे अब तक यूनिफॉर्म नहीं खरीद सके हैं। कॉलेज प्रशासन का सख्त रवैया हमारे सेलेबस को बैक कर रहा है।
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हालात बिगड़े देख छात्रों का एक प्रतिनिधि मंडल तहसीलदार तरबगंज दिनेश चंद्र से मिला और कॉलेज में प्रवेश दिलाने की बात कही।
तहसीलदार ने फोन कर छात्रों को प्रवेश दिलाने के लिए प्रधानाचार्य शमशेर सिंह से कहा, जिस पर प्रधानाचार्य ने छात्रों को विद्यालय में प्रवेश देने की बात कही।
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परंतु छात्रों का आरोप है कि जैसे ही वे विद्यालय में पहुंचे, उन्हें खदेड़ कर बाहर कर दिया गया और गेट बंद कर उनके कॉलेज परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद गुस्साए छात्रों ने कॉलेज गेट के सामने ही जमकर नारेबाजी कर हंगामा किया।
प्रधानाचार्य शमशेर ने कहा कि कॉलेज की अनुशासन समिति ने ये फैसला लिया है कि विद्यालय में तमाम बाहरी लड़के आ जाते हैं, जिससे अराजकता का माहौल हो जाता है। इसलिए अपने विद्यालय के बच्चों के लिए ड्रेस कोड लागू कर उन्हें पहचान पत्र निर्गत किया गया है।
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे सुरक्षित रहें और उन्हें शरारती तत्वों से खतरा न हो, यही मकसद है। बाकी विद्यालय से निकाले जाने का आरोप गलत है।