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शासन ने 2379 किसानों के कर्जमाफी का लौटा दिया प्रस्ताव
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गोंडा। जिले के 2379 किसान कर्जमाफी योजना में गच्चा खा गये हैं। जिले से कर्जमाफी योजना के भेजे गये प्रस्ताव को शासन ने लौटा दिया है। शासन की ओर से कर्जमाफी योजना में जिले के जिन छूटे किसानों को कर्जमाफी दिलाने का प्रस्ताव मिला है उसे दोबारा सत्यापन कराने का आदेश दिया है। 2379 किसानों को कर्जमाफी योजना के तहत लाभ दिलाने के लिए उनके दोबारा सत्यापन कराने में जिले के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गये हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से कर्जमाफी योजना के तहत लघु सीमान्त किसानों का एक लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ दिया जाना है। इस योजना के तहत जिले के दो लाख किसानों की कर्जमाफी की जा चुकी है। इस योजना के तहत अभी तक तमाम किसानों को लाभ नही मिल पाया था। इसमें ऐसे किसान शामिल है जिनके खाते नॉन परर्फामेंस थे या फिर ऐसे किसान जिनके पास आधार नही थे या फिर उनके खातों में वरासत का होना था। शासन की ओर से ऐसे सभी किसानों का जिले के नोडल विभाग से ब्यौरा मांगा गया था।
शासन के दोबारा सत्यापन कराने का निर्देश देकर जिले के 2,379 किसानों को कर्जमाफी में करीब 15 करोड़ रुपये का लाभ पाने से की कार्रवाई पर बे्रक लगा दिया है। ऐसे में अब किसानों में बेचैनी है। जिन किसानों को अब तक लाभ नही मिला है वह परेशान हैं। किसान राजू यादव, राम कुमार व सुरेश कुमार का कहना है कि सोचा था कर्जमाफी हो जाएगी तो कुछ राहत मिलेगी लेकिन अब लगता है सरकार अगले चुनाव तक इस मामले को लटकाये रखेगी। किसानों का कहना है जबकि पहले की तरह कृषि विभाग ने बैंक व राजस्व विभाग के सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कर्जमाफी का प्रस्ताव भेज था तो उसमें फिर दोबारा सत्यापन कराने का कोई औचित्य नही था।
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* कर्जमाफी से छूटे किसानों के कुल आवेदन- 4,050
* सत्यापन में पात्र मिले किसान - 2,379
* क र्जमाफी की कुल रकम - 15 करोड़
दोबारा सत्यापन करने को लौटाया प्रस्ताव
कर्जमाफी योजना के तहत जो किसान छूट गये थे शासन के निर्देश पर उनका सत्यापन कर डिमाण्ड जनरेट करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। शासन की ओर से जिले से कर्जमाफी योजना के तहत भेजे गये प्रस्ताव को वापस लौटा दिया है। सभी किसानों के दोबारा बैंक व राजस्व विभाग से सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। अब सत्यापन के बाद दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। -जेपी यादव,जिला कृषि अधिकारी गोंडा।
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प्रदेश सरकार की ओर से कर्जमाफी योजना के तहत लघु सीमान्त किसानों का एक लाख रुपये तक की कर्जमाफी का लाभ दिया जाना है। इस योजना के तहत जिले के दो लाख किसानों की कर्जमाफी की जा चुकी है। इस योजना के तहत अभी तक तमाम किसानों को लाभ नही मिल पाया था। इसमें ऐसे किसान शामिल है जिनके खाते नॉन परर्फामेंस थे या फिर ऐसे किसान जिनके पास आधार नही थे या फिर उनके खातों में वरासत का होना था। शासन की ओर से ऐसे सभी किसानों का जिले के नोडल विभाग से ब्यौरा मांगा गया था।
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शासन के दोबारा सत्यापन कराने का निर्देश देकर जिले के 2,379 किसानों को कर्जमाफी में करीब 15 करोड़ रुपये का लाभ पाने से की कार्रवाई पर बे्रक लगा दिया है। ऐसे में अब किसानों में बेचैनी है। जिन किसानों को अब तक लाभ नही मिला है वह परेशान हैं। किसान राजू यादव, राम कुमार व सुरेश कुमार का कहना है कि सोचा था कर्जमाफी हो जाएगी तो कुछ राहत मिलेगी लेकिन अब लगता है सरकार अगले चुनाव तक इस मामले को लटकाये रखेगी। किसानों का कहना है जबकि पहले की तरह कृषि विभाग ने बैंक व राजस्व विभाग के सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कर्जमाफी का प्रस्ताव भेज था तो उसमें फिर दोबारा सत्यापन कराने का कोई औचित्य नही था।
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* कर्जमाफी से छूटे किसानों के कुल आवेदन- 4,050
* सत्यापन में पात्र मिले किसान - 2,379
* क र्जमाफी की कुल रकम - 15 करोड़
दोबारा सत्यापन करने को लौटाया प्रस्ताव
कर्जमाफी योजना के तहत जो किसान छूट गये थे शासन के निर्देश पर उनका सत्यापन कर डिमाण्ड जनरेट करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। शासन की ओर से जिले से कर्जमाफी योजना के तहत भेजे गये प्रस्ताव को वापस लौटा दिया है। सभी किसानों के दोबारा बैंक व राजस्व विभाग से सत्यापन कराने का निर्देश दिया है। अब सत्यापन के बाद दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। -जेपी यादव,जिला कृषि अधिकारी गोंडा।