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तमिलनाडु से पहुंचा मजदूर का शव, परिवार में मचा कोहराम
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मनकापुर (गोंडा)। तमिलनाडु के महानगर चेन्नई के समीम स्थित रामलू नीलोर जनपद के वेंकटागिरि शहर की टीचर्स कॉलोनी में रहकर मजदूरी करने वाले एक युवक ने मंगलवार को छत के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार को तमिलनाडु से उसका शव गोंडा पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। यहां मनवर नदी के तट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के घुनाही गांव के रहने वाले रामकृपाल ने बताया कि उसका बेटा दर्शन (25) छह माह पहले तमिलनाडु के महानगर चेन्नई के पास स्थित रामलू नीलोर जनपद के वेंकटागिरि शहर में मजदूरी करने गया था। वहां इसी गांव के रहने वाले अनवर अली व बस्ती जनपद के सूरज के साथ वेंकटागिरि की टीचर्स कॉलोनी में रहकर प्लास्टर ऑफ पेरिस का काम करता था। 4 फरवरी को दर्शन ने किराए के मकान में छत के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
वेंकटागिरि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को गोंडा भेज दिया। गुरुवार को एंबुलेंस से उसका शव तमिलनाडु से उसके घर घुनाही पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया। गांव के लोगों के साथ ही रिस्तेदार व संबंधी परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने में लगे रहे। दोपहर बाद मनवर नदी के तट पर दर्शन के चाचा मोती ने उसे मुखाग्नि दी। एंबुलेंस चालक महेश ने बताया कि दर्शन ने किन कारणों से आत्महत्या की, इसका पता नहीं चल सका।
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परिवारीजनों का हाल बेहाल
दर्शन की मौत से उसके पिता रामकृपाल (70), मां बड़का (68), चाचा मोती (65) व पत्नी रेखा (24) टूट गए। रहरहकर सभी की चीख से पूरा गांव गूंजता रहा। दर्शन का बेटे पवन (5), पंकज (3) व सात माह के बेटे प्रेम को तो यह भी नहीं मालूम उनके सिर से पिता का साया उठ गया। दर्शन की पत्नी रेखा तो पति को खोने के गम में रहरहकर बेहोश हो जा रही है।
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कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के घुनाही गांव के रहने वाले रामकृपाल ने बताया कि उसका बेटा दर्शन (25) छह माह पहले तमिलनाडु के महानगर चेन्नई के पास स्थित रामलू नीलोर जनपद के वेंकटागिरि शहर में मजदूरी करने गया था। वहां इसी गांव के रहने वाले अनवर अली व बस्ती जनपद के सूरज के साथ वेंकटागिरि की टीचर्स कॉलोनी में रहकर प्लास्टर ऑफ पेरिस का काम करता था। 4 फरवरी को दर्शन ने किराए के मकान में छत के हुक से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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वेंकटागिरि पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को गोंडा भेज दिया। गुरुवार को एंबुलेंस से उसका शव तमिलनाडु से उसके घर घुनाही पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया। गांव के लोगों के साथ ही रिस्तेदार व संबंधी परिवार के लोगों को ढांढस बंधाने में लगे रहे। दोपहर बाद मनवर नदी के तट पर दर्शन के चाचा मोती ने उसे मुखाग्नि दी। एंबुलेंस चालक महेश ने बताया कि दर्शन ने किन कारणों से आत्महत्या की, इसका पता नहीं चल सका।
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परिवारीजनों का हाल बेहाल
दर्शन की मौत से उसके पिता रामकृपाल (70), मां बड़का (68), चाचा मोती (65) व पत्नी रेखा (24) टूट गए। रहरहकर सभी की चीख से पूरा गांव गूंजता रहा। दर्शन का बेटे पवन (5), पंकज (3) व सात माह के बेटे प्रेम को तो यह भी नहीं मालूम उनके सिर से पिता का साया उठ गया। दर्शन की पत्नी रेखा तो पति को खोने के गम में रहरहकर बेहोश हो जा रही है।