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डेंगू की चपेट में आकर बालक की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Sun, 11 Sep 2016 11:42 PM IST
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डेंगू, मच्छर
- फोटो : file photo
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उमरीबेगमगंज कस्बे में एक सप्ताह पहले हुई एक मौत के बाद रविवार को इटियाथोक थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड के निकट कस्बे में रहने वाले एक व्यवसायी के बेटे की मौत हो गई। दस वर्ष का यह मासूम बालक पिछले पांच दिनों से डेंगू से पीड़ित था और लखनऊ के एक अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। डेंगू से हुई इस मौत से पूरे कस्बे में दहशत फैल गई है। इसके अलावा जिले के करनैलगंज व नवाबगंज में भी 5 लोग डेंगू की बीमारी से पीड़ित हैं।
जिले में खतरनाक बीमारी डेंगू धीरे धीरे अपने पांव पसार रही है। लेकिन स्वास्थ्य महकमा इससे अंजान बना हुआ है। इस बीमारी से निपटने के लिए अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं नदारद हैं और यहां आने वाले मरीजों को इलाज के बजाय उन्हें लखनऊ जाने की सलाह दी जा रही है।
पिछले सप्ताह जिले के उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक की मौत के बाद रविवार को इटियाथोक थाना क्षेत्र के कस्बे के रहने वाले व्यवसायी महेंद्र सोनी के 10 वर्ष के बेटे की डेंगू के चलते मौत हो गई। महेंद्र के मुताबिक उनका उसके बेटे अंशुमान को पांच दिन पहले बुखार हुआ था।
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इलाज के दौरान उसे डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उसे लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अंशुमान ने रविवार की सुबह दम तोड़ दिया। इसके अलावा करनैलगंज क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण के रहने वाले सरदार सतपाल सिंह व हलधरमऊ के गौरिया गांव के रहने वाले राकेश कुमार को डेंगू के चलते राजधानी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
वहीं नवाबगंज के हरदवा गांव में भी चार दिनों से तेज बुखार का प्रकोप है। अखिलेश की पत्नी सुनीता, सोनू की पत्नी मन्नू व जमुना प्रसाद इस बुखार की चपेट में है। इनमें से एक व्यक्ति जमुना प्रसाद में डेंगू के लक्षण मिलने पर उन्हें भी इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। नवाबगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. विनेश त्रिपाठी ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है।
मासूम भाई को तलाश रही बहनों की आंखें
इटियाथोक गोंडा। इटियाथोक कस्बे के रहने वाले दस वर्षीय अंशुमान की मौत ने उसके पूरे परिवार को झकझोर दिया है। अंशुमान की माता अर्चना व दो बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंशुमान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा 3 का छात्र था। उसकी दो बहनें एकता 16 व कीर्ति 14 उससे बड़ी हैं। भाई की मौत ने दोनों बहनों को बदहवाश कर दिया है। दोनों की आंखें अपने भाई को तलाश रही हैं। वहीं मासूम अंशुमान के डेंगू से हुई मौत से पूरे कस्बे में दहशत का माहौल है।
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जिले में खतरनाक बीमारी डेंगू धीरे धीरे अपने पांव पसार रही है। लेकिन स्वास्थ्य महकमा इससे अंजान बना हुआ है। इस बीमारी से निपटने के लिए अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएं नदारद हैं और यहां आने वाले मरीजों को इलाज के बजाय उन्हें लखनऊ जाने की सलाह दी जा रही है।
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पिछले सप्ताह जिले के उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक की मौत के बाद रविवार को इटियाथोक थाना क्षेत्र के कस्बे के रहने वाले व्यवसायी महेंद्र सोनी के 10 वर्ष के बेटे की डेंगू के चलते मौत हो गई। महेंद्र के मुताबिक उनका उसके बेटे अंशुमान को पांच दिन पहले बुखार हुआ था।
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इलाज के दौरान उसे डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उसे लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अंशुमान ने रविवार की सुबह दम तोड़ दिया। इसके अलावा करनैलगंज क्षेत्र के सकरौरा ग्रामीण के रहने वाले सरदार सतपाल सिंह व हलधरमऊ के गौरिया गांव के रहने वाले राकेश कुमार को डेंगू के चलते राजधानी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
वहीं नवाबगंज के हरदवा गांव में भी चार दिनों से तेज बुखार का प्रकोप है। अखिलेश की पत्नी सुनीता, सोनू की पत्नी मन्नू व जमुना प्रसाद इस बुखार की चपेट में है। इनमें से एक व्यक्ति जमुना प्रसाद में डेंगू के लक्षण मिलने पर उन्हें भी इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया है। नवाबगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. विनेश त्रिपाठी ने बताया कि गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई है।
मासूम भाई को तलाश रही बहनों की आंखें
इटियाथोक गोंडा। इटियाथोक कस्बे के रहने वाले दस वर्षीय अंशुमान की मौत ने उसके पूरे परिवार को झकझोर दिया है। अंशुमान की माता अर्चना व दो बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंशुमान अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और शहर के एक निजी स्कूल में कक्षा 3 का छात्र था। उसकी दो बहनें एकता 16 व कीर्ति 14 उससे बड़ी हैं। भाई की मौत ने दोनों बहनों को बदहवाश कर दिया है। दोनों की आंखें अपने भाई को तलाश रही हैं। वहीं मासूम अंशुमान के डेंगू से हुई मौत से पूरे कस्बे में दहशत का माहौल है।