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Gonda News: अमेठी के अध्यक्ष के पास है गोंडा उपभोक्ता फोरम का प्रभार
Tue, 23 Dec 2025 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 23 Dec 2025 11:18 PM IST
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गोंडा। आज उपभोक्ता दिवस है। उपभोक्ताओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए गठित जिला उपभोक्ता फोरम में अध्यक्ष पद पर स्थायी रूप से तैनाती नहीं है। अमेठी के अध्यक्ष के पास गोंडा का भी प्रभार है। ऐसे में मात्र 15 दिन ही यहां मुकदमों की सुनवाई होती है।
फोरम में सदस्य के तौर पर सुभाष सिंह और मंजू रावत हैं, लेकिन अध्यक्ष के पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं है। गोंडा के लिए स्थायी अध्यक्ष न होने के कारण, अमेठी उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एके त्रिपाठी को गोंडा का भी प्रभार दिया गया है। उनका शेड्यूल तय है। महीने के पहले पखवाड़े में वे अमेठी में रहते हैं और दूसरे पखवाड़े में गोंडा आते हैं। इस वजह से गोंडा उपभोक्ता फोरम में मुकदमों की सुनवाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। गोंडा में अभी लगभग 1200 मुकदमे विचाराधीन हैं। उपभोक्ता फोरम के सदस्य सुभाष सिंह कहते हैं कि अगर स्थायी तौर पर अध्यक्ष की तैनाती हो जाए तो काम में तेजी आएगी।
वहीं, अधिवक्ता अजेय विक्रम सिंह ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सरकार द्वारा जिले में यह आयोग उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय और व्यावसायिक अन्याय से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया था। लेकिन गोंडा में अध्यक्ष के सीमित समय के कारण यह उद्देश्य विफल होता जा रहा है। बताया कि अध्यक्ष केवल महीने के 15 दिन गोंडा में मुकदमों की सुनवाई के लिए आते हैं। बाकी दिनों में अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कोरम पूरा नहीं होता। इससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण प्रभावित होता है।
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फोरम में सदस्य के तौर पर सुभाष सिंह और मंजू रावत हैं, लेकिन अध्यक्ष के पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं है। गोंडा के लिए स्थायी अध्यक्ष न होने के कारण, अमेठी उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एके त्रिपाठी को गोंडा का भी प्रभार दिया गया है। उनका शेड्यूल तय है। महीने के पहले पखवाड़े में वे अमेठी में रहते हैं और दूसरे पखवाड़े में गोंडा आते हैं। इस वजह से गोंडा उपभोक्ता फोरम में मुकदमों की सुनवाई नियमित रूप से नहीं हो पा रही है। गोंडा में अभी लगभग 1200 मुकदमे विचाराधीन हैं। उपभोक्ता फोरम के सदस्य सुभाष सिंह कहते हैं कि अगर स्थायी तौर पर अध्यक्ष की तैनाती हो जाए तो काम में तेजी आएगी।
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वहीं, अधिवक्ता अजेय विक्रम सिंह ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सरकार द्वारा जिले में यह आयोग उपभोक्ताओं को त्वरित न्याय और व्यावसायिक अन्याय से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया था। लेकिन गोंडा में अध्यक्ष के सीमित समय के कारण यह उद्देश्य विफल होता जा रहा है। बताया कि अध्यक्ष केवल महीने के 15 दिन गोंडा में मुकदमों की सुनवाई के लिए आते हैं। बाकी दिनों में अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कोरम पूरा नहीं होता। इससे उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण प्रभावित होता है।
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