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Gonda News: एसएनसीयू के सामने से नवजात को निजी अस्पताल ले गया दलाल
Wed, 05 Mar 2025 10:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 05 Mar 2025 10:57 PM IST
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पीड़िता पिता अपनी बहन के साथ शिकायत लेकर पहुंचे।
गोंडा। अच्छा उपचार कराने का झांसा देकर एक दलाल जिला महिला अस्पताल की सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के सामने से नवजात काे निजी अस्पताल लेकर चला गया। वहां बच्चे को भर्ती करा दिया। इसकी शिकायत पर सीएमएस ने जांच का निर्देश दिया है।
तरबगंज के बेलवा नोहर निवासी रामपाल सिंह ने बताया कि पत्नी आरती सिंह का मंगलवार रात 9:30 बजे जिला महिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। भोर सुबह तीन बजे नवजात बेटे की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर स्टाफ नर्स ने एसएनसीयू में भर्ती कराने को कहा। आरोप है कि उनकी बुजुर्ग मां श्यामा देवी बच्चे को एसएनसीयू ले गईं तो बेड न खाली होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
यूनिट के बाहर खड़े एक व्यक्ति ने नवजात को कम पैसे में बेहतर उपचार दिलाने का झांसा देकर बुजुर्ग श्यामा देवी व नवजात को बाइक पर बैठाकर आईटीआई के पास संचालित एक निजी अस्पताल पहुंचा दिया। वहां नवजात को भर्ती करवा दिया। रामपाल ने बताया कि वह सुबह आठ बजे महिला अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि नवजात को कहीं अलग भर्ती कराया गया है।
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करीब 11 बजे एक नंबर से फोन आया कि आपका बच्चा एक निजी अस्पताल में भर्ती है। निजी अस्पताल जाने पर 10 हजार रुपये जमा करवाने पर ही बच्चे को डिस्चार्ज करने की बात कही। शिकायत पर हड़कंप मच गया। सीएमएस ने सीसीटीवी कैमरे देखकर निजी अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति का पता लगाकर पुलिस से भी शिकायत करने का सुझाव दिया।
विवाद बढ़ते देखकर निजी अस्पताल संचालक ने 4000 रुपये जमा करने पर ही नवजात को डिस्चार्ज कर दिया। वहां से परिजन नवजात को लेकर घर चले गए। बच्चे की हालत सामान्य है।
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तरबगंज के बेलवा नोहर निवासी रामपाल सिंह ने बताया कि पत्नी आरती सिंह का मंगलवार रात 9:30 बजे जिला महिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। भोर सुबह तीन बजे नवजात बेटे की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर स्टाफ नर्स ने एसएनसीयू में भर्ती कराने को कहा। आरोप है कि उनकी बुजुर्ग मां श्यामा देवी बच्चे को एसएनसीयू ले गईं तो बेड न खाली होने की बात कहकर लौटा दिया गया।
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यूनिट के बाहर खड़े एक व्यक्ति ने नवजात को कम पैसे में बेहतर उपचार दिलाने का झांसा देकर बुजुर्ग श्यामा देवी व नवजात को बाइक पर बैठाकर आईटीआई के पास संचालित एक निजी अस्पताल पहुंचा दिया। वहां नवजात को भर्ती करवा दिया। रामपाल ने बताया कि वह सुबह आठ बजे महिला अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि नवजात को कहीं अलग भर्ती कराया गया है।
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करीब 11 बजे एक नंबर से फोन आया कि आपका बच्चा एक निजी अस्पताल में भर्ती है। निजी अस्पताल जाने पर 10 हजार रुपये जमा करवाने पर ही बच्चे को डिस्चार्ज करने की बात कही। शिकायत पर हड़कंप मच गया। सीएमएस ने सीसीटीवी कैमरे देखकर निजी अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति का पता लगाकर पुलिस से भी शिकायत करने का सुझाव दिया।
विवाद बढ़ते देखकर निजी अस्पताल संचालक ने 4000 रुपये जमा करने पर ही नवजात को डिस्चार्ज कर दिया। वहां से परिजन नवजात को लेकर घर चले गए। बच्चे की हालत सामान्य है।