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हाईटेंशन लाइन से 300 परिवारों को टेंशन

Mon, 05 Aug 2019 10:57 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Aug 2019 10:57 PM IST
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Tension to 300 families from the hightation line
गोंडा के जानकीनगर में लोगों की मकान से गुजरते हाईटेंशन तार। - फोटो : GONDA
गोंडा। शहर से सटे जानकी नगर के 300 परिवारों की जान पर बिजली लाइन की आफत है। यहां के करीब 30 घरों के 300 परिवार रहते हैं और उनके घरों के ऊपर मौत के साए की तरह बिजली की लाइन मंडरा रही है। अब तक विद्युत करंट की चपेट में आने से करीब एक दर्जन मजदूर झुलस कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं।
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पावर कॉर्पोरेशन ने करीब 30 वर्ष पूर्व डीजल डिपो के लिए 33 हजार केवी की विद्युत लाइन विनियमित क्षेत्र की ग्राम पंचायत जानकीनगर से बनाई थी। बताया जाता है कि विभाग ने जब इन लाइनों का निर्माण किया था उस समय यह क्षेत्र खाली पड़ा था। आबादी बढ़ने के साथ-साथ जलाली शाह मजार के दक्षिणी सिरे पर सड़क के उस पार एक पूरा नगर बस चुका है। जानकी नगर ग्राम पंचायत में आने के साथ-साथ विनियमित क्षेत्र का हिस्सा है। हालत यह है की 33 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के नीचे लोगों ने अपनी दो मंजिला व तीन मंजिला मकान बनवा लिए हैं।
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अब करीब दो दर्जन घरों के ऊपर से एचटी लाइनों का तार छत से महज 2 मीटर ऊपर से गुजरता है। एक वर्ष पूर्व एक घर में काम कर रहे मजदूर का फोन आ गया तो वह मोबाइल लेकर छत पर चला गया, उसे इस अनहोनी की जानकारी नहीं थी और मोबाइल की तरंगों के कारण वह विद्युत की चपेट में आकर झुलस गया। यही नहीं भूल से छत पर चढ़ने के कारण चार अन्य मजदूर झुलस कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर चुके हैं। फिर भी विद्युत विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। हद तो तब हो गई जब कुछ लोगों ने एचटी लाइनों के खंभों को बाउंड्रीवाल उठाकर अपने आंगन में कर लिया है। उन्हें जरा भी खतरे का डर नहीं लगा, अब यही लोग विद्युत लाइन को हटवाने के लिए विभाग का चक्कर लगा रहे हैं।
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विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाई है। कारण कुछ भी हो लेकिन किसी दिन भीषण दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ये विद्युत लाइनें कभी भी तबाही ला सकती हैं। हाईटेंशन लाइनों के नीचे इन मकानों का निर्माण कैसे हो गया और विनियमित क्षेत्र में होने के कारण कैसे इन का नक्शा पास हो गया। उस समय विनियमित क्षेत्र के जिम्मेदारों ने मौका देख कर नक्शा पास नहीं किया, जिससे यह स्थिति हो गई है। मकानों का निर्माण हुए करीब 20 बरस बीत गए, मकान बनने के बाद से लोग एचटी लाइन को हटाने की पैरवी कर रहे हैं। विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई कार्यवाही नहीं की।
हाईटेंशन तार के नीचे बने घरों के लोगों की दर्द बिजली विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा है। प्रशासन के साथ ही विभाग में दौड़ रहे लोगों की उम्मीदें टूट गई हैं। अब उन्हें लगता है कि विभाग उनकी समस्या को दूर नहीं करेगा। जानकी नगर के शशीभान तिवारी का कहना है कि मकान के ऊपर से हाईटेंशन तार जाने से खतरा बना हुआ है। मांग की गई है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। शिव कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि विभाग के अधिकारियों ने कई बार कहा कि तारों को अंडरग्राउंड ले जाने की व्यवस्था की जाएगी। अभी तक अधिकारियों ने क्षेत्र की स्थितियों के बारे में भी जानकारी नहीं की। जिससे लगता है कि अधिकारी टालू नीति पर काम कर रहे हैं। प्रियांशु श्रीवास्तव ने बताया कि घरों के ऊपर से तार जाने से जीवन का खतरा है, कई बार हादसे हो चुके हैं फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संतोषा देवी शुक्ला कहती हैं कि छतों के ऊपर जाने से डर लगता है तो रात में नींद नहीं आती है। डर हमेशा बना रहता है। इस तरह क्षेत्र के लोग समस्या से सहमे हुए हैं।

शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
घरों के ऊपर से लाइन जाने की समस्या है, बिजली लाइन पुराने समय की है। बाद में लोगों ने घर बना लिया है। समस्या की जानकारी की जा रही है, शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। अंडर ग्राउंड केबल डाले जाने से ही समस्या दूर होगी। यह कार्य बजट मिलने के बाद ही संभव हो सकेगा। -अशोक यादव, अधिशाषी अभियंता प्रथम
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