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आंधी में किशोरी की मौत, विद्युत आपूर्ति ध्वस्त
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 09 Jun 2016 11:21 PM IST
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अांधी में गिरा पेड़
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में आंधी व पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार की सुबह एक बार फिर से आई आंधी ने करनैलगंज इलाके में एक किशोरी की जान ले ली। वहीं, इस आंधी व पानी से पटरी पर लौटनी शुरू हुई बिजली आपूर्ति एक बार फिर से बेपटरी हो गई है।
आंधी के चलते जहां करनैलगंज इलाके में दो दर्जन पेड़ धराशायी हो गए तो वहीं इन पेड़ों के टूटने से बिजली के 20 खंभे भी टूट गए। उधर, जिले के चार बिजलीघरों की आपूर्ति में 48 घंटे बाद भी गुरुवार को कोई सुधार नहीं हो पाया। अलबत्ता मंगलवार को चक्रवात से महफूज बेलसर बिजलीघर की आपूर्ति एक बार फिर से 33 केवी लाइन का डबल पोल टूटने से फिर से बाधित हो गई है।
गुरुवार की भोर आंधी की आहट पाकर बाग में आम बीनने निकली कंजेमऊ गांव निवासी नान्हू की पुत्री रिंकी (12) की जान चली गई। रिंकी घर वालों से आम बीनने की बात कहकर बाग की तरफ गई थी। जहां आंधी में पेड़ की डाल टूटने से वह उसके नीचे दब गई।
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जब तक लोग उसे खोजने के लिए मौके पर पहुंचे, तब तक उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जबकि आंधी से अकेले करनैलगंज इलाके में दर्जनों जगहों पर पेड़ टूटकर गिर गए। कोतवाली करनैलगंज में ही पुराना शीशम का पेड़ आंधी में टूटकर गिर गया, जिससे उसके नीचे खड़ी करीब दर्जन भर मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं।
वहीं कादीपुर, चौरी, परसपुर व कटराबाजार में दर्जनों जगहों पर पेड़ों के साथ बिजली की लाइनें खंभे टूटने से सड़क पर आ र्गइं। एसडीएम अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि किशोरी के परिवारीजनों को हरसंभव मदद शासन से मुहैया कराई जाएगी।
मंगलवार शाम जिले में आई आंधी व पानी के बाद से जहां जिले के सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं, तो वहीं गुरुवार को बेलसर इलाके में बिजली का डबल पोल टूटने से पूरे बिजलीघर की आपूर्ति एक बार फिर अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद हो गई है।
उधर, गुरुवार शाम आए चक्रवात के बाद से जिले के तीन बिजलीघर कटराबाजार, बालपुर और आर्यनगर पहले से ही अंधेरे में चल रहे हैं। इसमें बेलसर बिजलीघर के और शामिल होने जाने से बंद पड़े बिजलीघरों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।
वहीं, गोंडा शहर में भी बिजली की कई लाइनें टूटी पड़ी हैं। जिसके कारण शहर में रहने वाले लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 500 से ऊपर गांवों में बीते 48 घंटों से अंधेरा छाया हुआ है। उधर, 24 घंटे बिजली वाले रेलवे के स्वतंत्र फीडर की भी आपूर्ति इससे प्रभावित चल रही है।
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आंधी के चलते जहां करनैलगंज इलाके में दो दर्जन पेड़ धराशायी हो गए तो वहीं इन पेड़ों के टूटने से बिजली के 20 खंभे भी टूट गए। उधर, जिले के चार बिजलीघरों की आपूर्ति में 48 घंटे बाद भी गुरुवार को कोई सुधार नहीं हो पाया। अलबत्ता मंगलवार को चक्रवात से महफूज बेलसर बिजलीघर की आपूर्ति एक बार फिर से 33 केवी लाइन का डबल पोल टूटने से फिर से बाधित हो गई है।
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गुरुवार की भोर आंधी की आहट पाकर बाग में आम बीनने निकली कंजेमऊ गांव निवासी नान्हू की पुत्री रिंकी (12) की जान चली गई। रिंकी घर वालों से आम बीनने की बात कहकर बाग की तरफ गई थी। जहां आंधी में पेड़ की डाल टूटने से वह उसके नीचे दब गई।
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जब तक लोग उसे खोजने के लिए मौके पर पहुंचे, तब तक उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने किशोरी का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जबकि आंधी से अकेले करनैलगंज इलाके में दर्जनों जगहों पर पेड़ टूटकर गिर गए। कोतवाली करनैलगंज में ही पुराना शीशम का पेड़ आंधी में टूटकर गिर गया, जिससे उसके नीचे खड़ी करीब दर्जन भर मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं।
वहीं कादीपुर, चौरी, परसपुर व कटराबाजार में दर्जनों जगहों पर पेड़ों के साथ बिजली की लाइनें खंभे टूटने से सड़क पर आ र्गइं। एसडीएम अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि किशोरी के परिवारीजनों को हरसंभव मदद शासन से मुहैया कराई जाएगी।
मंगलवार शाम जिले में आई आंधी व पानी के बाद से जहां जिले के सैकड़ों गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं, तो वहीं गुरुवार को बेलसर इलाके में बिजली का डबल पोल टूटने से पूरे बिजलीघर की आपूर्ति एक बार फिर अनिश्चितकालीन समय के लिए बंद हो गई है।
उधर, गुरुवार शाम आए चक्रवात के बाद से जिले के तीन बिजलीघर कटराबाजार, बालपुर और आर्यनगर पहले से ही अंधेरे में चल रहे हैं। इसमें बेलसर बिजलीघर के और शामिल होने जाने से बंद पड़े बिजलीघरों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है।
वहीं, गोंडा शहर में भी बिजली की कई लाइनें टूटी पड़ी हैं। जिसके कारण शहर में रहने वाले लोगों को बिजली नहीं मिल पा रही। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के 500 से ऊपर गांवों में बीते 48 घंटों से अंधेरा छाया हुआ है। उधर, 24 घंटे बिजली वाले रेलवे के स्वतंत्र फीडर की भी आपूर्ति इससे प्रभावित चल रही है।