फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   Teen killed by cold

ठंड लगने से किशोर की मौत

Fri, 22 Jan 2016 11:19 PM IST
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 22 Jan 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
ठंड का कहर धीरे-धीरे जानलेवा होने लगा है। गुरुवार की रात जहां ठंड लगने से एक किशोर की मौत हो गई तो वहीं शुक्रवार को पूरे दिन हाड़कंपाऊ ठंड से लोग बेहाल रहे। वहीं, ठंड बढ़ने से सरकारी अस्पतालों के अलावा निजी चिकित्सकों के यहां सर्दी, जुकाम, सांस, दमा, अस्थमा, निमोनिया सहित डायरिया के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। हालत यह है कि अकेले जिला अस्पताल में ही रोजाना 200 से 250 की संख्या में ठंड से पीड़ित बच्चों के साथ ही बड़े बीमार होकर आ रहे हैं।
विज्ञापन


लगातार बढ़ रही ठंड कहर बरपाने लगी है। मुजेहनी गांव के रहने वाले लाल बिहारी मिश्र के 15 वर्षीय पुत्र संदीप मिश्र की गुरुवार की रात शहर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
विज्ञापन


संदीप मोतीगंज इलाके के कोल्हुआ गांव स्थित भवानी प्रसाद इंटर कॉलेज में कक्षा 9 का छात्र था। संदीप के पिता लाल बिहारी ने बताया कि बेटा बुधवार की रात घर से लघुशंका के लिए बाहर गया था। जहां उसे अचानक चक्कर आ गया और वह जमीन पर गिर पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


काफी देर बाद जब उसे होश आया तो वह घर पहुंचा। सुबह वह उसे लेकर स्थानीय एक चिकित्सक के यहां गए। हालत ज्यादा खराब होने पर उन्होंने बेटे को किसी बड़े सेंटर ले जाने की सलाह दी।

जिसके बाद वह बेटे को लेकर शहर के एक वरिष्ठ चिकित्सक के यहां गए। जहां गुरुवार की रात बच्चे की मौत हो गई। उनके मुताबिक डॉक्टरों ने बेटे की मौत का कारण ठंड लगने से ब्लड का सर्कुलेशन रुक जाना बताया है।

वहीं सीएचसी मुजेहना के चिकित्साधीक्षक डा.विवेक मिश्र ने बताया कि उन्हें इसकी कोई जानकारी क्षेत्रीय लोगों से नहीं मिली है।

उधर, जिला अस्पताल के साथ ही जिले भर की सीएचसी व पीएचसी में ठंड के चलते मरीजों की संख्या बढ़ने से इन मरीजों को मुहैया होने वाली अस्पताली सेवाएं घट गई हैं।

जिला अस्पताल के एक बाल रोग सहित दो फिजीशियनों की तैनाती हैं। जिनकी ओपीडी में सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर के दो बजे तक मरीजों की भीड़ लगी रहती है।

ठंड के चलते चाहे जिला अस्पताल हो या फिर अन्य सरकारी अस्पताल, कहीं भी इसके रोगियों को भर्ती कर उनका उपचार किए जाने के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं की गई है।

एईएस व जेई के एक आईसोलेशन वार्ड को छोड़कर कोई अतिरिक्त वार्ड ठंड से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए नहीं बनाया गया है। जिससे आम मरीजों के साथ ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है। जबकि ठंड के चलते अन्य मरीजों के वार्ड में भर्ती होने से इसके मरीज अस्पताल में भर्ती ही नहीं हो पाते और उन्हें अस्पताल में रहकर इसका इलाज नहीं मिल पाता।

ठंड में थोड़ी सी चूक हो जाती जानलेवा
ठंड से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग पूरे कपड़े पहनकर ही बाहर निकलें। खासकर बच्चों का इस मौसम में ख्याल रखना बेहद जरूरी है। उन्हें ठंड में बाहर जाने से रोंके।

ठंड में किसी भी ठंडी चीज का सेवन बिल्कुल भी न करें। सफर करने से बचें। थोड़ी सी भी दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक के पास जाएं और उनकी मदद लें। क्योंकि ठंड में एक छोटी सी चूक जानलेवा हो सकती है।
-डॉ. घनश्याम गुप्त, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल

ठंड के मरीजों की संख्या इधर काफी बढ़ी है। नवजात बच्चों को ठंड जल्दी लगती है, जबकि बुजुर्गों पर भी इसका असर जल्दी होता है। इसलिए वह अपनी सेहत का ख्याल रखें। रही बात अस्पताली सेवाओं की तो जो भी मरीज ठंड से बीमार होकर आता है, उसका उपचार उनकी प्राथमिकता होती है। अस्पताल में दवाओं का स्टाक पूरा है।

-डॉ. आशुतोष गुप्त, सीएमएस जिला अस्पताल

सर्दी में ठंड से बीमार होने वाले मरीज हर सीएचसी पर आ रहे हैं। जिन्हें फौरन उपचार भी मुहैया कराया जा रहा है। सीएचसी के अधीक्षकों को कहीं से ठंड के बाबत कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर उपचार के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सीएचसी पर इसके मरीजों का हरसंभव उपचार करने के लिए भी कहा गया है। किसी भी सीएचसी, पीएचसी पर दवाओं की कोई कमी नहीं है।
-डॉ. अमर सिंह कुशवाहा, सीएमओ गोंडा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed