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शिक्षकों ने घेरा जेडी कार्यालय
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:51 PM IST
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प्रदर्शन करते शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले पांच सौ शिक्षकों को बकाया पारिश्रमिक का भुगतान न होने पर गुरुवार को शिक्षकों का धैर्य जवाब दे गया। नाराज शिक्षकों ने बकाया पारिश्रमिक की मांग को लेकर देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय का घेराव किया और धरना प्रदर्शन करते हुए पारिश्रमिक दिलाने की मांग की।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद इन कॉपियों का मूल्यांकन करने के लिए माध्यमिक विद्यालय व वित्त विहीन विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को उनका पारिश्रमिक देने के लिए शासन ने जिला विद्यालय निरीक्षक को धनराशि का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद इन शिक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया।
पिछले चार माह से यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले जिले के करीब पांच सौ शिक्षक पारिश्रमिक के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। इस बकाया भुगतान को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया और देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय का घेराव किया।
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शिक्षकों को संबोधित करते हुए संघ के मंडलीय मंत्री विनय कुमार शुक्ल ने आरोप लगाया कि जिला विद्यालय निरीक्षक जानबूझकर शिक्षकों का बकाया पारिश्रमिक नहीं दे रहे हैं। उनका आरोप है इसके पहले भी वर्ष 2013 में बोर्ड परीक्षा में कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले 139 शिक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया और पारिश्रमिक भुगतान के लिए आवंटित की गई 5.59 लाख रुपये की धनराशि को तत्कालीन बोर्ड परीक्षा पटल सहायक सीपी सिंह व तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा ने आपसी मिलीभगत करके हड़प लिया।
शिक्षक नेता ने इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इसके अलावा संघ के पदाधिकारियों ने अपनी अन्य मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक 17 सूत्री मांग पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा। इस मौके पर संघ के मंडलीय अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, किरन सिंह, विजयलक्ष्मी, कौशलेंद्र सिंह, सहदेव सिंह, मनमोहन सिंह, मनोज कुमार सिंह, उदय प्रताप सिंह, शिवम सिंह आदि मौजूद रहे।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के बाद इन कॉपियों का मूल्यांकन करने के लिए माध्यमिक विद्यालय व वित्त विहीन विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। इन कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को उनका पारिश्रमिक देने के लिए शासन ने जिला विद्यालय निरीक्षक को धनराशि का भुगतान भी कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद इन शिक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया।
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पिछले चार माह से यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले जिले के करीब पांच सौ शिक्षक पारिश्रमिक के भुगतान के लिए भटक रहे हैं। इस बकाया भुगतान को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया और देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय का घेराव किया।
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शिक्षकों को संबोधित करते हुए संघ के मंडलीय मंत्री विनय कुमार शुक्ल ने आरोप लगाया कि जिला विद्यालय निरीक्षक जानबूझकर शिक्षकों का बकाया पारिश्रमिक नहीं दे रहे हैं। उनका आरोप है इसके पहले भी वर्ष 2013 में बोर्ड परीक्षा में कॉपियों का मूल्यांकन करने वाले 139 शिक्षकों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया और पारिश्रमिक भुगतान के लिए आवंटित की गई 5.59 लाख रुपये की धनराशि को तत्कालीन बोर्ड परीक्षा पटल सहायक सीपी सिंह व तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा ने आपसी मिलीभगत करके हड़प लिया।
शिक्षक नेता ने इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। इसके अलावा संघ के पदाधिकारियों ने अपनी अन्य मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक 17 सूत्री मांग पत्र जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपा। इस मौके पर संघ के मंडलीय अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, किरन सिंह, विजयलक्ष्मी, कौशलेंद्र सिंह, सहदेव सिंह, मनमोहन सिंह, मनोज कुमार सिंह, उदय प्रताप सिंह, शिवम सिंह आदि मौजूद रहे।