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स्कूल की दीवारों पर जिंदा हैं शिक्षक संदीप की कला

Wed, 22 Jan 2020 10:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jan 2020 10:51 PM IST
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Teacher Sandeep's art is alive on the walls of the school
गोंडा के ऐली परसोली के प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए कैथीघाट पर नांव पर सवार होने से पहले शिक्षक ? - फोटो : GONDA
रगड़गंज (गोंडा)। ‘बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई, इक शख़्स सारे शहर को वीरान कर गया।’ मशहूर शायर खालिद शरीफ की ये पंक्तियां मंगलवार को बेलसर के प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक संदीप गुप्ता की नाव हादसे में हुई मौत पर सटीक बैठ रही है। मंगलवार की सुबह स्कूल के बच्चे शिक्षक संदीप गुप्ता का इंतजार कर रहे थे उसी बीच उनकी मौत की खबर सुन कर बच्चे स्तब्ध रह गये और शिक्षा जगत शोक में डूब गया। चित्रकार, शिल्प निर्माता, नवाचारी, समाजसेवी व आदर्श मृतक शिक्षक की रचनात्मक कला स्कूल की दीवारों पर आज भी जिंदा है, लेकिन स्कूल में सन्नाटा छाया है।
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अयोध्या जिले के रुदौली के निवासी व बेलसर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली में तैनात रहे बहु प्रतिभाशाली शिक्षक संदीप गुप्ता की मंगलवार को बेलसर के ऐली परसौली में नाव पलटने से मौत हो गई। जिससे स्कूल में तो सन्नाटा छा गया, लेकिन उनकी प्रतिभा स्कूल की दीवारें आज भी बयां कर रही है। हिंदी माध्यम से अंग्रेजी माध्यम बनने के बाद प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली में मृतक शिक्षक संदीप गुप्ता की तैनाती हुई थी। शिक्षक संदीप ने स्कूल की दीवारों पर स्वयं चित्रकारी की थी। दीवारों पर गणित, हिंदी, विज्ञान व सामान्य अध्ययन, अंग्रेजी व कंप्यूटर का टीएलएम बनाया जिससे बच्चों का सीखना आसान हो गया था।
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स्कूल में सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ती को रंगने का काम करते थे व घास को काट कर भारत का नक्शा बड़ी आसानी से बनाते थे। शिक्षक ने स्वयं स्कूल की दीवार पर शिवाजी व भगवान बुद्ध का सजीव चित्रण किया है। मृतक शिक्षक ने खुद ही पेंटिंग कर के पूरे स्कूल को सजा दिया था जिससे विद्यालय आकर्षक लग रहा है। बच्चों का कहना है कि सरजी हम लोगों से बहुत प्यार करते थे। खेल-खेल में ही हम लोगों को पढ़ाते थे। मृतक शिक्षक से लगाव रखने वाले स्कूल के कक्षा चार के छात्र अनुज व प्रीती और कक्षा पांच की छात्रा नेहा व महिमा शिक्षक संदीप पर चर्चा के दौरान रो देते है।
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रोज सुबह घर पर बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाते थे संदीप
मृतक शिक्षक संदीप गुप्ता हर रोज अपने घर पर नि:शुल्क अंग्रेजी की शिक्षा देते थे। प्राथमिक स्कूल ऐली परसौली आने से पहले सुबह साढ़े छह से साढ़े सात तक बच्चों को मुफ्त में अंग्रेजी पढ़ाते थे जिसमें कोचिंग फीस न दे पाने वाले गरीब बच्चों के लिए फायदेमंद था।
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