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Gonda News: 3000 का लक्ष्य, जांचें सिर्फ 304
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गोंडा। कोरोना की नई लहर के खतरे के मद्देनजर शासन ने जांच बढ़ाने का निर्देश दिया है। हर रोज तीन हजार लोगों की कोरोना जांच होनी है मगर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को मात्र 304 लोगों की ही कोरोना जांच कर खानापूर्ति कर दी।
रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले करीब 1500 यात्रियों में से सिर्फ 50 की ही कोरोना जांच हुई। जांच में लापरवाही के चलते कोरोना के नए केस तो कम मिल रहे हैं, मगर इससे गांवों में फिर से संक्रमण फैलने की आशंका है।
शासन की ओर से भले ही कोरोना जांच बढ़ाने का निर्देश दिया गया हो, मगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सब कुछ दुरुस्त दिखाने के चक्कर में जांच में कोताही बरती जा रही है। जिले में हर रोज दो हजार लोगों की आरटीपीसीआर जांच तथा एक हजार की एंटीजन जांच की जानी हैं।
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इसके बावजूद सोमवार को मिली रिपोर्ट के अनुसार कुल 304 लोगों की कोरोना जांच की गई। इसमें 108 लोगों की आरटीपीसीआर तथा 186 लोगों की एंटीजन जांच है। हालांकि जिले में अभी मात्र एक ही कोरोना संक्रमित है, मगर लापरवाही पर अंकुश न लगा तो संक्रमण फैल सकता है।
गोंडा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को मुंबई, दिल्ली, मध्य प्रदेेश, राजस्थान व पंजाब सहित अन्य राज्यों से करीब 1500 यात्री आए। मगर दूसरे दिन सोमवार को भी महज 50 लोगों की कोरोना जांच हुई।
स्वास्थ्य कर्मचारियों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसके कारण अधिकांश यात्री कोरोना जांच नहीं करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर कोविड जांच का काउंटर बनाया है। सोमवार को इस काउंटर पर अवधेश त्रिपाठी, मुकुल श्रीवास्तव, राजू वाल्मीकि व विनोद मौर्य कोरोना जांच कर रहे थे।
जिले में रोडवेज व निजी बसों से 800 से 900 लोग हर रोज दूसरे प्रदेशों से आते हैं। मगर रोडवेज बस स्टॉप पर कोरोना जांच की व्यवस्था नहीं है। नया साल व ठंड की छुट्टियों की वजह से सोमवार को भी बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ रही, लेकिन अधिकांश यात्रियों के चेहरे पर मास्क नहीं दिखाई पड़ा। एलबीएस चौराहे पर निजी बसों से उतरने वाले यात्रियों ने भी मास्क नहीं लगा रखा था। दूसरे प्रदेशों से आने वाले यात्रियों की वजह से गांवों तक कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।
सोमवार दोपहर धूप खिली तो बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। गुरुनानक चौराहा से लेकर पीपल चौराहा तक जाम लगा रहा, मगर किसी के चेहरे पर मास्क नहीं नजर आया। जिला महिला अस्पताल में आने वाले मरीज व तीमारदार भी बिना मास्क लगाए ओपीडी में खड़े मिले।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि कोरोना की जांच बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। रविवार का अवकाश व नया साल होने के कारण कम जांचें हो सकीं। 24 घंटे में हुई जांचों की रिपोर्ट अगले दिन बनती है। सभी सार्वजनिक स्थानों पर जांच शिविर लगाए जाएंगे।
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रेलवे स्टेशन पर बाहर से आने वाले करीब 1500 यात्रियों में से सिर्फ 50 की ही कोरोना जांच हुई। जांच में लापरवाही के चलते कोरोना के नए केस तो कम मिल रहे हैं, मगर इससे गांवों में फिर से संक्रमण फैलने की आशंका है।
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शासन की ओर से भले ही कोरोना जांच बढ़ाने का निर्देश दिया गया हो, मगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सब कुछ दुरुस्त दिखाने के चक्कर में जांच में कोताही बरती जा रही है। जिले में हर रोज दो हजार लोगों की आरटीपीसीआर जांच तथा एक हजार की एंटीजन जांच की जानी हैं।
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इसके बावजूद सोमवार को मिली रिपोर्ट के अनुसार कुल 304 लोगों की कोरोना जांच की गई। इसमें 108 लोगों की आरटीपीसीआर तथा 186 लोगों की एंटीजन जांच है। हालांकि जिले में अभी मात्र एक ही कोरोना संक्रमित है, मगर लापरवाही पर अंकुश न लगा तो संक्रमण फैल सकता है।
गोंडा रेलवे स्टेशन पर सोमवार को मुंबई, दिल्ली, मध्य प्रदेेश, राजस्थान व पंजाब सहित अन्य राज्यों से करीब 1500 यात्री आए। मगर दूसरे दिन सोमवार को भी महज 50 लोगों की कोरोना जांच हुई।
स्वास्थ्य कर्मचारियों का आरोप है कि रेलवे स्टेशन पर जीआरपी की ओर से सहयोग नहीं किया जा रहा है। इसके कारण अधिकांश यात्री कोरोना जांच नहीं करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो पर कोविड जांच का काउंटर बनाया है। सोमवार को इस काउंटर पर अवधेश त्रिपाठी, मुकुल श्रीवास्तव, राजू वाल्मीकि व विनोद मौर्य कोरोना जांच कर रहे थे।
जिले में रोडवेज व निजी बसों से 800 से 900 लोग हर रोज दूसरे प्रदेशों से आते हैं। मगर रोडवेज बस स्टॉप पर कोरोना जांच की व्यवस्था नहीं है। नया साल व ठंड की छुट्टियों की वजह से सोमवार को भी बस स्टॉप पर यात्रियों की भीड़ रही, लेकिन अधिकांश यात्रियों के चेहरे पर मास्क नहीं दिखाई पड़ा। एलबीएस चौराहे पर निजी बसों से उतरने वाले यात्रियों ने भी मास्क नहीं लगा रखा था। दूसरे प्रदेशों से आने वाले यात्रियों की वजह से गांवों तक कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।
सोमवार दोपहर धूप खिली तो बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। गुरुनानक चौराहा से लेकर पीपल चौराहा तक जाम लगा रहा, मगर किसी के चेहरे पर मास्क नहीं नजर आया। जिला महिला अस्पताल में आने वाले मरीज व तीमारदार भी बिना मास्क लगाए ओपीडी में खड़े मिले।
सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने बताया कि कोरोना की जांच बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। रविवार का अवकाश व नया साल होने के कारण कम जांचें हो सकीं। 24 घंटे में हुई जांचों की रिपोर्ट अगले दिन बनती है। सभी सार्वजनिक स्थानों पर जांच शिविर लगाए जाएंगे।