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Gonda News: फर्जी मतदाताओं के सत्यापन में तरबगंज व करनैलगंज पिछड़े
Fri, 05 Dec 2025 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 05 Dec 2025 11:15 PM IST
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डीपीआरओ कार्यालय में बीएलओ से सूचना लेते कर्मचारी। स्रोत: विभाग
गोंडा। जिले में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से फर्जी मतदाताओं को हटाने में सबसे अधिक तरबगंज और करनैलगंज तहसील क्षेत्र में हीलाहवाली की जा रही है। आलम यह है कि दोनों तहसील क्षेत्रों की जिले में सबसे खराब स्थिति है। तरबगंज ब्लॉक में सबसे कम फर्जी मतदाताओं का सत्यापन व फीडिंग किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जहां सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। वहीं, फर्जी मतदाताओं को हटाने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। तरबगंज तहसील की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां लगभग 86.16 प्रतिशत फर्जी मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका। इसी तरह के करनैलगंज में 79.48, मनकापुर में 59.94 और गोंडा सदर में 51.55 प्रतिशत फर्जी मतदाता सूची में शामिल हैं। आठ दिसंबर को राज्य निर्वाचन आयोग जिले में फर्जी मतदाताओं के सत्यापन की समीक्षा करेगा। इसके बाद भी तहसील और ब्लॉक के अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। तरबगंज के एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने दावा किया कि फर्जी मतदाताओं के सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। कर्मियों के एसआईआर में लगे होने की वजह से फर्जी मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका है। जल्द ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
पंचायतीराज विभाग ने झोंकी ताकत
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी बीएलओ से संपर्क किया गया है। उन्हें जरूरी निर्देश दिए गए हैं। ऐसे संदिग्ध मतदाताओं से जिनका दो जगह नाम है या फिर किसी भी कारण से सूची से बाहर नहीं किए गए हैं। उनके आधार कार्ड के अंतिम चार अंक लेकर सत्यापित किया जाना है। अगर निर्धारित समय सीमा में सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो संबंधित की जबावदेही तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि निगरानी के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
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अधिकारियों ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव को लेकर पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जहां सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। वहीं, फर्जी मतदाताओं को हटाने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए गए हैं। तरबगंज तहसील की हालत सबसे ज्यादा खराब है। यहां लगभग 86.16 प्रतिशत फर्जी मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका। इसी तरह के करनैलगंज में 79.48, मनकापुर में 59.94 और गोंडा सदर में 51.55 प्रतिशत फर्जी मतदाता सूची में शामिल हैं। आठ दिसंबर को राज्य निर्वाचन आयोग जिले में फर्जी मतदाताओं के सत्यापन की समीक्षा करेगा। इसके बाद भी तहसील और ब्लॉक के अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। तरबगंज के एसडीएम विश्वमित्र सिंह ने दावा किया कि फर्जी मतदाताओं के सत्यापन का काम तेजी से चल रहा है। कर्मियों के एसआईआर में लगे होने की वजह से फर्जी मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका है। जल्द ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
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पंचायतीराज विभाग ने झोंकी ताकत
डीपीआरओ लालजी दूबे ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर सभी बीएलओ से संपर्क किया गया है। उन्हें जरूरी निर्देश दिए गए हैं। ऐसे संदिग्ध मतदाताओं से जिनका दो जगह नाम है या फिर किसी भी कारण से सूची से बाहर नहीं किए गए हैं। उनके आधार कार्ड के अंतिम चार अंक लेकर सत्यापित किया जाना है। अगर निर्धारित समय सीमा में सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो संबंधित की जबावदेही तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि निगरानी के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
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