फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   tainted companies will supply rice seed

दागी कंपनियां करेंगे धान बीज की आपूर्ति

Sun, 22 May 2016 11:08 PM IST
अमर उजाला/गोंडा
अमर उजाला/गोंडा Updated Sun, 22 May 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन
tainted companies will supply rice seed
तिल - फोटो : getty images
 उत्तर प्रदेश कृषि निदेशालय ने दागी बीज कंपनियों को एक बार फिर धान बीज की सप्लाई की जिम्मेदारी दे दी है। जिले के कृषि विभाग के अफसरों की ढिलाई से अपर कृषि निदेशक ने अपने ही विभाग की गाइड लाइन को ठेंगा दिखाकर ऐसी बीज कंपनियों को दोबारा बीज वितरण का काम दे दिया है, जिनके बीज के नमूने फेल हो चुके हैं और अधिक लाभ कमाने के चक्कर में किसानों को आर्थिक चपत लगा चुकी हैं।
विज्ञापन


हैदराबाद की नामी बीज कंपनी पायनियर ने पिछले साल जिले के रुपईडीह ब्लॉक में घटिया बीज की सप्लाई कर दी थी। कृषि विभाग ने कंपनी के बीज के नमूने को लेकर जांच प्रयोगशाला भेजा, जहां पर बीज कंपनी के धान की 27 पी-63 का नमूना फेल पाया गया।
विज्ञापन


अमानक घटिया जमाव वाले बीज में कंपनी पैसा कमा कर अलग हो गई। इसका नतीजा यह हुआ कि करीब 2000 किसान घाटे में डूब गए। कृषि विभाग की रिपोर्ट पर कृषि निदेशालय में बैठे आला अफसरों ने न तो इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई और न ही उस बीज कंपनी को डिबार घोषित करने की कार्रवाई की।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह से हैदराबाद की ही बीज कंपनी बायर क्र ॉप साइंस ने तय नियमों की अन्देखी कर लाभ कमाने के लिए सरकारी बीज गोदामों से कम रेट पर बाजार में निजी संस्थानों को बेचा। इससे न सिर्फ किसानों को चपत लगी, बल्कि शासन की बीज डीबीटी योजना को भी पलीता लगा दिया था।  

हैदराबाद की पायनियर बीज कंपनी ने खरीफ सीजन वर्ष 2015 में करीब 60 लाख रुपये की कीमत का 200 क्विंटल संकर प्रजाति के धान बीज की कृषि विभाग के बीज गोदामों से किसानों को बिक्री की थी। जिला कृषि अधिकारी ने बीज का नमूना लिया।

नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा तो बीज के नमूने फेल आए। जांच में न सिर्फ अमानक कम जमाव वाला मिला, बल्कि बीज के दाने मृत पाए गये। नमूना फेल होने पर जिला कृ षि अधिकारी विनय सिंह ने नगर कोतवाली में हैदराबाद की मेसर्स पीएचआई सीड्स प्राइवेट लिमिटेड बाबू मिलेनियम सेंटर राजभवा रोड रामा जी गुडा हैदराबाद के खिलाफ केस दर्ज कराया।

बाद में इस मामले की विवेचना कौड़िया पुलिस थाने में ट्रांसफर की गई। इस मामले की पुलिस जांच के दौरान कंपनी के लोग कार्रवाई से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण में चले गए।  

हैदराबाद की नामी बीज कंपनी बायर क्रॉप साइंस ने पिछले साल जिले में कृषि विभाग को एराइज -6444 गोल्ड व प्राईमा -6444 प्रजाति का करीब 200 क्विंटल संकर धान बीज की आपूर्ति की थी।

इस धान को जिले के कृषि बीज गोदामों पर डीबीटी योजना के तहत किसानों को बिक्री किया जाना था। कंपनी ने निजी क्षेत्र के अलग-अलग किसान खुशहाली केंद्रों पर भी करीब 1400 क्विंटल संकर धान का बीज बेचा।

शासनादेश के मुताबिक कंपनी को निजी क्षेत्र में सरकारी कें द्रों से कम रेट पर बीज की बिक्री नहीं करना था। लेकिन कंपनी ने नियमों को ठेंगा दिखा कर लाभ कमाने के लिए तय रेट से कम में बाजार में बीज बेच दिया। ऐसे में करीब 1000 हजार किसान सस्ता समझ कर बीज खरीद कर सब्सिडी से हाथ धो बैठे। 

कृषि विभाग उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बीज वितरण के बाबत सभी जिलाधिकारियों, मंडलायुक्तों को नया शासनादेश जारी किया है।

शासनादेश में कहा गया है कि बीज की आपूर्ति करने वाली बीज कंपनियां शासन को ओर से बनाए गए नियमों के तहत बीज की आपूर्ति करेंगी। बाजार में अपने बीज की बिक्री सरकारी बीज गोदामों पर बिकने वाले तय रेट से कम पर नहीं करेंगी। यदि कोई बीज कंपनी मनमानी कर नियमों की अनदेखी करती है तो उन बीज कंपनियों को काली सूची में डाल दिया जाएगा। 

जिला कृषि अधिकारी गोंडा विनय सिंह ने कहा कि बीज वितरण की अलग-अलग बीज कंपनियों को जिम्मेदारी कृषि निदेशालय स्तर से ही दी जाती है। जिले स्तर पर बीज वितरण करने वाली कंपनियों के कार्य की निगरानी की जाती है। खामियां मिलने पर एफआईआर के अलावा शासन को रिपोर्ट भेज दी जाती है।


अपर कृषि निदेशक कृषि निदेशालय लखनऊ उत्तर प्रदेश संतोष कुमार खरे ने बताया कि बीज वितरण करने वाली किसी कंपनी का यदि कोई बीज का नमूना फेल हो जाता है तो उस कंपनी के उस बीज लाट को बंद कर दिया जाता है।

 

बीज कंपनी को कार्य देने से रोका नहीं जाता। यदि किसी जिले में किसी बीज कंपनी का बीज नमूना फेल होता है तो वहां कृषि विभाग अपने स्तर से कार्रवाई करता है।

इसके लिए जिला व मंडल स्तरीय अफसरों का निर्देश है। कभी-कभी बीज कंपनियां अपनी पूंजी निकालने के चक्कर में बाजार में तय रेट से कम क ीमत पर भी बीज का वितरण कर देती है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed