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अंग्रेजी पढने वाले छात्रों को अब आगे की पढ़ाई का मिलेगा मौका
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के अंग्रेजी मीडियम प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आगे की पढ़ाई का अवसर अब मिल सकेगा। अंग्रेजी मीडियम से 96 से अधिक स्कूलों में पिछले साल से पढ़ाई हो रही है और वहां के कक्षा 5 पास करने वाले बच्चे कहां जाएं, यह सवाल था। इस समस्या को दूर करने के लिए पहले 19 जूनियर हाईस्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित किया था, लेकिन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने अधिक स्कूलों के छात्रों के सामने समस्या को देखते हुए 75 जूनियर हाईस्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित कर दिया।
सोमवार को हुई काउंसिलिंग से 109 शिक्षकों का चयन अंग्रेजी मीडियम जूनियर हाईस्कूलों में तो कर दिया लेकिन अब नवीन सत्र के लिए नए सिरे आवेदन लिए जा रहे हैं जिससे सभी अंग्रेजी मीडियम जूनियर हाईस्कूलों में अंग्रेजी के शिक्षकों की तैनाती की जा सके। माना जा रहा है कि इससे काफी हद तक बच्चे के आगे की पढ़ाई की समस्या दूर हो जाएगी। वर्ष 2018-19 में 96 प्राइमरी स्कूलों को अंग्रेजी घोषित करके संचालित कर दिया गया।
उस समय जूनियर हाईस्कूलों को अंग्रेजी मीडियम नहीं किया गया। इसके बाद नए सत्र में भी करीब 170 प्राइमरी स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित कर संचालन के लिए शिक्षकों के तैनाती की कार्रवाई की गई। सोमवार को 400 से अधिक शिक्षकों को अंग्रेजी मीडियम प्राइमरी स्कूलों में तैनाती देने की कार्रवाई की गई। इससे प्राइमरी स्कूलों का संचालन तो हो जा रहा है लेकिन प्राइमरी के बाद जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों को कैसे अंग्रेजी की शिक्षा मिले इसके इंतजाम नहीं थे। शासन के निर्देश पर 19 जूनियर हाईस्कूलों का चयन तो अंग्रेजी के लिए किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को आगे भी अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई का अवसर कैसे मिले।
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इसकी जरूरत बताई जा रही थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने उन जूनियर हाईस्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित किया, जहां के प्राइमरी स्कूल अंग्रेजी मीडियम थे और परिसर में ही जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। बीएसए के इस फैसले से करीब तीन हजार बच्चों को आगे की अंग्रेजी मीडियम पढ़ाई करने का मौका मिला है। विभाग अभी इन स्कूलों में अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई करने में लगा है। जिससे 20 हजार से अधिक बच्चों को कक्षा 8 तक की अंग्रेजी मीडियम तक की पढ़ाई दी जा सके। इसी तरह हर साल अंग्रेजी मीडियम का अवसर दिया जाएगा।
हर गांव में एक स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षा देने की तैयारी
बेसिक शिक्षा विभाग हर गांव में अंग्रेजी मीडियम की शिक्षा सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इसलिए हर साल नए स्कूलों का चयन हो रहा है। जिले में 1054 गांव हैं और अब तक 250 से अधिक स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित किया जा चुका है। ऐसे ही आने वाले में भी स्कूलों का चयन होता रहेगा। प्राइमरी स्कूलों के साथ ही जूनियर हाईस्कूलों को भी अंग्रेजी मीडियम घोषित किया जा रहा है। इससे कान्वेंट स्कूलों जैसी पढ़ाई सरकारी स्कूलों में उपलब्ध हो सकेगी।
अंग्रेजी मीडियम स्कूलों संचालित करने से बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध हो रही है। अंग्रेजी शिक्षा सरकारी स्कूलों में मिलने से बच्चों को कान्वेंट जैसी शिक्षा हासिल हो रही है। प्रयास है कि अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को संचालित कर दिया जाए। - मनिराम सिंह, बीएसए
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सोमवार को हुई काउंसिलिंग से 109 शिक्षकों का चयन अंग्रेजी मीडियम जूनियर हाईस्कूलों में तो कर दिया लेकिन अब नवीन सत्र के लिए नए सिरे आवेदन लिए जा रहे हैं जिससे सभी अंग्रेजी मीडियम जूनियर हाईस्कूलों में अंग्रेजी के शिक्षकों की तैनाती की जा सके। माना जा रहा है कि इससे काफी हद तक बच्चे के आगे की पढ़ाई की समस्या दूर हो जाएगी। वर्ष 2018-19 में 96 प्राइमरी स्कूलों को अंग्रेजी घोषित करके संचालित कर दिया गया।
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उस समय जूनियर हाईस्कूलों को अंग्रेजी मीडियम नहीं किया गया। इसके बाद नए सत्र में भी करीब 170 प्राइमरी स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित कर संचालन के लिए शिक्षकों के तैनाती की कार्रवाई की गई। सोमवार को 400 से अधिक शिक्षकों को अंग्रेजी मीडियम प्राइमरी स्कूलों में तैनाती देने की कार्रवाई की गई। इससे प्राइमरी स्कूलों का संचालन तो हो जा रहा है लेकिन प्राइमरी के बाद जूनियर हाईस्कूलों में बच्चों को कैसे अंग्रेजी की शिक्षा मिले इसके इंतजाम नहीं थे। शासन के निर्देश पर 19 जूनियर हाईस्कूलों का चयन तो अंग्रेजी के लिए किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को आगे भी अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई का अवसर कैसे मिले।
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इसकी जरूरत बताई जा रही थी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने उन जूनियर हाईस्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित किया, जहां के प्राइमरी स्कूल अंग्रेजी मीडियम थे और परिसर में ही जूनियर हाईस्कूल संचालित हैं। बीएसए के इस फैसले से करीब तीन हजार बच्चों को आगे की अंग्रेजी मीडियम पढ़ाई करने का मौका मिला है। विभाग अभी इन स्कूलों में अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई करने में लगा है। जिससे 20 हजार से अधिक बच्चों को कक्षा 8 तक की अंग्रेजी मीडियम तक की पढ़ाई दी जा सके। इसी तरह हर साल अंग्रेजी मीडियम का अवसर दिया जाएगा।
हर गांव में एक स्कूल में अंग्रेजी की शिक्षा देने की तैयारी
बेसिक शिक्षा विभाग हर गांव में अंग्रेजी मीडियम की शिक्षा सरकारी स्कूलों में उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इसलिए हर साल नए स्कूलों का चयन हो रहा है। जिले में 1054 गांव हैं और अब तक 250 से अधिक स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम घोषित किया जा चुका है। ऐसे ही आने वाले में भी स्कूलों का चयन होता रहेगा। प्राइमरी स्कूलों के साथ ही जूनियर हाईस्कूलों को भी अंग्रेजी मीडियम घोषित किया जा रहा है। इससे कान्वेंट स्कूलों जैसी पढ़ाई सरकारी स्कूलों में उपलब्ध हो सकेगी।
अंग्रेजी मीडियम स्कूलों संचालित करने से बच्चों को बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध हो रही है। अंग्रेजी शिक्षा सरकारी स्कूलों में मिलने से बच्चों को कान्वेंट जैसी शिक्षा हासिल हो रही है। प्रयास है कि अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को संचालित कर दिया जाए। - मनिराम सिंह, बीएसए